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खारकीव में फंसे भारतीय छात्रों के पास आज शाम तक का वक्त

३ मार्च २०२२

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की और यूक्रेन के खारकीव शहर की स्थिति पर चर्चा की जहां एक हजार से ज्यादा भारतीय छात्र फंसे हुए हैं.

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खारकीव का सिटी सेंटर तबाह हो चुका है
खारकीव का सिटी सेंटर तबाह हो चुका हैतस्वीर: Sergey Bobok/AFP

भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बायान में कहा गया है कि भारत और रूस के नेताओं के बीच खारकीव में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के मुद्दे पर चर्चा हुई. एनडीटीवी ने अपने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि खारकीव में फंसी छात्राओं को देर रात वहां से निकालकर करीब 20 घंटे की दूरी पर स्थित यूक्रेन की पश्चिमी सीमा की ओर रवाना कर दिया गया है, जबकि छात्रों को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं.

बुधवार शाम को ही भारत में रूस के नामित राजदूत डेनिस अलीपोव ने नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए रूस के यूक्रेन पर हमले को लेकर भारतीय रुख की तारीफ की थी. उन्होंने हिंसा के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की मदद का आश्वासन भी दिया था.

भारतीय छात्रों को सलाह

खारकीव पर रूस का कब्जा लगभग हो गया माना जा रहा है. हालांकि वहां अब भी लड़ाई जारी है और भारतीय छात्रों ने बुधवार को शिकायत की थी कि उन्हें निकलने से रोका जा रहा है. कुछ छात्रों का कहना था कि उन्हें ट्रेन में चढ़ने नहीं दिया गया या फिर उतार दिया गया. कुछ छात्रों ने पिटाई की शिकायत भी की है.

यूक्रेन पर रूस के हमले का सातवां दिन

शहर पर रूस की तेज होती सैन्य कार्रवाई के बीच भारत ने वहां फंसे अपने सभी नागरिकों से कहा है कि गुरुवार शाम छह बजे तक किसी तरह शहर छोड़ दें और पैदल भी जाना पड़े तो किसी तरह पिसोशिन, बाबाई या बेजलीउदीवका पहुंच जाएं.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह एडवाइजरी रूसी अधिकारियों से मिली सूचनाओं पर आधारित है. रूस ने बुधवार को अपने पैराट्रूपर्स को खारकीव में उतार दिया था, जिसके बाद वहां गली-गली में लड़ाई शुरू हो गई. यूक्रेन की सेना ने बताया, "खारकीव में यूक्रेनियों और आक्रामकों के बीच जंग जारी है."

भारत ने फिर नहीं किया मतदान

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस विरोधी प्रस्ताव में वोटिंग नहीं करते हुए गैरहाजिर रहा था. उसके बाद महासभा में भी भारत ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. रूस के विरोध में 141 मत पड़े. 35 देश गैरहाजिर रहे जबकि पांच ने प्रस्ताव के विरोध में यानी रूस के समर्थन में मतदान किया.

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय दूत टीएस त्रिमूर्ति ने एक बयान में कहा कि पूरी स्थिति की समीक्षा के बाद भारत ने मतदान में हिस्सा ना लेने का फैसला किया. उन्होंने कहा, "हम अपने छात्रों समेत सभी भारतीय छात्रों की यूक्रेन से, खासतौर पर खारकीव और युद्धरत अन्य इलाकों से सुरक्षित निकासी की मांग करते हैं. यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है."

रूस ने किया भारतीय लोगों को खरकीव से रूसी सीमा तक पहुंचाने का वादा

रूस ने 2021 में काबुल पर तालिबान का नियंत्रण होने के वक्त भी भारतीयों को निकालने में मदद की थी. भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि रूस ने तालिबान को इस बात के लिए मनाया था कि वे भारतीय दूतावास के अधिकारियों को सुरक्षित एयरपोर्ट जाने दें.

खारकीव यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यह पूर्व में रूसी सीमा के पास है. इसी शहर में एक मंगलवार को एक भारतीय छात्र की गोलीबारी में मौत हो गई थी. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक रूस के सैनिकों ने सरकारी भवनों के अलावा रिहायशी इमारतों पर भी गोलीबारी की है. खारकीव की यूनिवर्सिटी और पुलिस मुख्यालय के जलने की तस्वीरें भी जारी हुई हैं.

वीके/एए (एएफपी, रॉयटर्स)

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