अमेरिकी महाद्वीप पर राज करने वाले स्पेन की राजनीतिक व्यवस्था | दुनिया | DW | 02.05.2019
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दुनिया

अमेरिकी महाद्वीप पर राज करने वाले स्पेन की राजनीतिक व्यवस्था

ब्रिटेन, पुर्तगाल और स्पेन के इतिहास को देखा जाए तो इन तीनों ने मिलकर पूरी दुनिया पर राज किया है. स्पेन का भारत पर राज नहीं रहा लेकिन अमेरिकी महाद्वीप पर उसकी हुकूमत चलती थी.

इतिहास में ब्रिटेन के अलावा पुर्तगाल और स्पेन दुनिया की सबसे बड़ी ताकत थे. स्पेन की ताकत इतनी थी कि अमेरिकी महाद्वीपों में अमेरिका, कनाडा और ब्राजील के अलावा सारे देशों पर स्पेन का शासन था. इसकी वजह से आज भी दक्षिण अमेरिका में ब्राजील को छोड़कर सभी देशों में स्पेनिश भाषा बोली जाती है. स्पेन ने राजनीतिक रूप से कई हालातों का सामना किया है. 1873 में पहली बार स्पेन में लोकतंत्र लागू हुआ. लेकिन अगले ही साल 1874 में फिर से राजशाही आ गई. 1931 से 1936 तक फिर से लोकतंत्र चला और 1936 में सेना ने तख्तापलट कर दिया. जनरल फ्रांकिस्को फ्रांको सत्ता पर काबिज हो गए. 1975 में फ्रांको की मौत के बाद फिर से लोकतंत्र लागू करने की कोशिशें हुईं और 1978 में एक नया संविधान लागू किया गया. 2014 में यूरोपियन संसद में 54 सदस्य भेजने वाला स्पेन इस बार 59 सदस्य भेजेगा.

स्पेन की राजनीतिक व्यवस्था

स्पेन में संसदीय राजशाही है. इस व्यवस्था में राजा देश का प्रमुख होता है. वो सभी सेनाओं का भी प्रमुख होता है. फिलहाल 2014 से फिलिप स्पेन के राजा हैं. सरकार का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है. संसद का नाम कोर्टेस जेनरालेस है जिसमें दो सदन होते हैं. उच्च सदन को सीनेट कहते हैं जिसमें 208 निर्वाचित और 58 मनोनीत सदस्य हैं जो अलग-अलग समुदायों से होते हैं. निचले सदन को कांग्रेस ऑफ डेपुटी कहा जाता है जिसमें 350 निर्वाचित सदस्य होते हैं. डेपुटी को समानुपातिक प्रतिनिधित्व की मतदान प्रणाली से चुना जाता है. चुनाव में उम्मीदवार ना होकर पार्टियां ही चुनाव लड़ती हैं. जिस पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं उतने प्रतिशत सीटें मिल जाती हैं. इसके लिए कम से कम पांच प्रतिशत वोट पाना जरूरी है. डेपुटी का कार्यकाल चार साल का होता है. प्रधानमंत्री इस सदन में बहुमत रखने वाली पार्टी या गठबंधन का नेता होता है. कांग्रेस ऑफ डेपुटी के पास सीनेट से ज्यादा शक्तियां होती हैं और वो सीनेट के किसी भी निर्णय को पलट सकती है. 208 सीनेटरों को भी चुनाव प्रक्रिया द्वारा चुना जाता है. इस चुनाव में पार्टी उम्मीदवार मैदान में होते हैं. सीटों का बंटवारा जनसंख्या के हिसाब से होता है.

Spanien | Debatte über Abwahl von Rajoy (imago/Agencia EFE/J. C. Hidalgo)

स्पेन की संसद.

स्पेन की राजनीतिक व्यवस्था में राज्यों को विशेष स्वायत्तता दी गई है. स्पेन में 17 स्वायत्त राज्य और दो स्वायत्त शहर हैं. इस वजह से केंद्र सरकार की स्थिति भी कई मुद्दों में कमजोर होती है. 2017 में एक स्वायत्त राज्य कैटेलोनिया ने जनमत संग्रह के बाद खुद को स्वतंत्र घोषित कर लिया था. हालांकि स्पेन की सरकार और न्यायपालिका ने इस जनमत संग्रह को अवैध बताकर कैटोलोनिया को स्पेन का हिस्सा ही माना.

प्रमुख राजनीतिक पार्टियां

स्पेन में पारंपरिक रूप से दो राजनीतिक पार्टियां हैं. इसमें कंजरवेटिव विचारधारा की पीपुल्स पार्टी और समाजवादी सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी है. लेकिन अब कई सारी नई राजनीतिक पार्टियां सामने आई हैं. जैसे वामपंथी गठबंधन पोडेमस, कैटेलोनिया की आजादी की समर्थक सेंटर राइट विचारधारा वाली सियुदादानोस और चरमपंथी फॉक्स पार्टी शामिल हैं. हाल ही में हुए चुनावों में स्पेन में फ्रांको तानाशाही के खत्म होने के बाद पहली बार कोई धुर दक्षिणपंथी पार्टी संसद में प्रवेश पाने में सफल रही है. 2013 में बनी फॉक्स पार्टी ने चुनावों में करीब 10.3 प्रतिशत वोट प्राप्त किए हैं.

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