नौकरी और व्यापार छोड़कर यू्क्रेन में चुनाव लड़ रहे हैं युवा | दुनिया | DW | 19.07.2019
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

नौकरी और व्यापार छोड़कर यू्क्रेन में चुनाव लड़ रहे हैं युवा

एक कॉमेडियन के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यूक्रेन में अब संसदीय चुनाव हो रहे हैं. इन चुनावों में उम्मीद लगाई जा रही है कि संसद पहुंचने वाले 70 प्रतिशत सांसद नए होंगे. युवा अपनी नौकरी और व्यापार छोड़कर चुनाव लड़ रहे हैं.

यूक्रेन के नए राष्ट्रपति वोलोदिमीर सेलेंस्की ने देश में संसदीय चुनावों का ऐलान किया. रविवार को हो रहे संसदीय चुनावों में देश में एक नई चीज देखने को मिली है. कई सारे युवा उद्यमी और उत्साही नौजवान अपनी नौकरियां छोड़कर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. कई नौजवान इस बार चुनावी मैदान में हैं. कीरा रूडिएक एक हजार से ज्यादा कर्मचारियों वाली एक कंपनी की सीओओ हैं. वो 33 साल की हैं और इस बार चुनाव लड़ रही हैं. रूडिएक अमेरिकी होम सिक्योरिटी स्टार्ट अप रिंग की सीओओ हैं जिसे अमेजॉन ने पिछले साल 1 अरब डॉलर में खरीद लिया था. वो पश्चिम समर्थक पार्टी गोलोस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.

इस पार्टी को यूक्रेन के सुपरस्टार स्वितोस्लाव वकारचुक ने लॉन्च किया है. ओपिनियन पोल्स के मुताबिक यह पार्टी इस बार संसद में पहुंच जाएगी. रूडिएक कहती हैं,"मैं स्टार्ट अप समर्थक हूं. अब मेरे पास एक मौका है कि मैं संसद में जाकर उन चीजों को ठीक कर सकूं जो ठीक नहीं चल रही हैं. इसलिए मैं चुनाव लड़ रही हूं." सोवियत यूनियन से अलग होने के बाद से अब तक यूक्रेन में अधिकतर राजनेता ऐसे थे जो सोवियत काल में पले बढ़े थे. इस बार कुछ नए लोगों के भी पहुंचने की उम्मीद है.

नई दिशा देने वाला चुनाव

समाजशास्त्रियों का मानना है कि यह यूक्रेन के लिए एक दिशा बदल देने वाला चुनाव हो सकता है क्योंकि इस बार लगभग 50 से 70 प्रतिशत सांसद पहली बार चुनकर संसद पहुंचेंगे. यूक्रेन में हाल में हुए राष्ट्रपति चुनावों में कॉमेडियन सेलेंस्की को राष्ट्रपति चुना  गया था. उनके पास कोई खास राजनीतिक अनुभव नहीं था. लेकिन लोग सालों से चल रहे रूस समर्थक अलगाववादियों की लड़ाई से परेशान हो गए हैं जिसमें आर्थिक नुकसान के साथ लगभग 13,000 लोग मारे जा चुके हैं. ओपिनियन पोल भी इस ओर इशारा कर रहे हैं. रुझानों में सबसे आगे चल रहीं पांच पार्टियों में जो नई पार्टियां हैं उनमें गोलोस और सेलेंस्की  की पार्टी सर्वेंट ऑफ दी पीपल शामिल हैं.

Ukraine Wahlkampf für Parlamentswahlen (picture-alliance/dpa/Sputnik)

गोलोस का एक चुनाव प्रचार.

इन दोनों पार्टियों में अधिकतर नए लोग ही हैं. इन पार्टियों ने अपनी लिस्ट में उन लोगों को टिकट देने पर रोक लगा दी जो पहले कभी सांसद रह चुके हैं. इन पार्टियों के उम्मीदवारों में व्यापारी, खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता और फिल्मी सितारे भी शामिल हैं. इनकी औसत आयु 37 साल है. इस चुनाव में राष्ट्रपति की पार्टी को लगभग 50 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है. दूसरे और तीसरे नंबर पर दो पुरानी पार्टियों के आने की उम्मीद है. रूस समर्थक पार्टी को 14 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है. वहीं नई नवेली पार्टी गोलोस को 4 से 9 प्रतिशत के बीच वोट मिलने की उम्मीद है.

राष्ट्रपति सेलेंस्की की पार्टी से एक उम्मीदवार इरीना हैं जो पहले पश्चिमी यूक्रेन के एक कस्बे की मेयर रहीं थीं और अब कीव में एक थिंकटैंक चलाती हैं. 39 वर्षीय इरीना कहती हैं कि उनकी पार्टी को उम्मीदवारों की जरूरत थी. ऐसे में ये अच्छा मौका था. वो कहती हैं कि पार्टी के एक टॉक शो में उन्होंने इस बारे में कहा. पार्टी ने उन्हें मुख्यालय बुलाया, उनका इंटरव्यू लिया और अब वो चुनावी मैदान में हैं. हालांकि इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के चुनावी मैदान में आने को कुछ विश्लेषक अलग तरह से देखते हैं. उनका कहना है कि इतने सारे पहली बार बने सांसदों को अनुभव नहीं होगा. उनकी इस अनुभवहीनता से नुकसान भी हो सकता है.   

लेकिन चुनाव मैदान में मौजूद युवा लोगों का मानना है कि अगर उन्हें मौका मिलेगा तो वो अपने आप को साबित करके ही दिखाएंगे. उनके पास अपना नया नजरिया होगा. उन्हें कानून बनाने का अनुभव तो नहीं है लेकिन कानूनों का सही तरह से पालन करना उन्हें आता है. ऐसे में उन्हें कानून बनाने में भी दिक्कतें नहीं आएंगी.

आरएस/एमजे (एएफपी)

______________

हमसे जुड़ें: WhatsApp | Facebook | Twitter | YouTube | GooglePlay | 

DW.COM

विज्ञापन