नेपाल में क्यों उठ रही है गांजे को वैध कराने की मांग | दुनिया | DW | 10.02.2020
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दुनिया

नेपाल में क्यों उठ रही है गांजे को वैध कराने की मांग

नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के 46 सांसद गांजे की खेती को देश में वैध कराने का प्रस्ताव लेकर आए हैं.

नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के इन सांसदों के मुताबिक नेपाल में परंपरागत रूप से कई पीढ़ियों से गांजे का इस्तेमाल हो रहा है. उनकी दलील है कि जब पश्चिमी देशों ने गांजे से प्रतिबंध हटा दिया है तो फिर नेपाल क्यों पीछे रहे. संसद में सांसदों की तरफ से सरकार के सामने यह प्रस्ताव मकावनपुर से सांसद बिरोध खातीवाड़ा ने रखा है.

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद और कानूनविद् बिरोध खातीवाड़ा के मुताबिक गांजे के उत्पादन और उपयोग को वैध बनाने का प्रस्ताव लाया गया है. उन्होंने कहा कि हिमालय पर बसा पहाड़ी देश गांजे की फसल के लिए उपयुक्त है. यह कानून गरीब किसानों को गांजा उगाने की इजाजत देगा. खातीवाड़ा के मुताबिक, "मारिजुआना या गांजे को वैध करने से गरीब किसानों की मदद होगी. जिन पश्चिमी देशों ने पहले इसे अवैध करार दिया उन्होंने अब इसे वैध कर दिया है. इसलिए नेपाल को भी प्रतिबंध हटा देना चाहिए." मकावनपुर नेपाल के उन इलाकों में शामिल है जहां भांग की खेती गैरकानूनी तरीके से होती है इसलिए खातीवाड़ा वहां इसकी खेती को वैध कर किसानों की मुश्किलें दूर करना चाहते हैं. खातीवाड़ा के मुताबिक गांजे के उत्पादन से देश में ही इसकी दवाइयां बनाई जा सकेंगी और विदेशों में इसका निर्यात किया जा सकेगा.

क्या है गांजा या मारिजुआना

गांजा मादक पदार्थ है. यह भांग के पौधे से बनाया जाता है. इसका उपयोग साइकोएक्टिव ड्रग यानि मनोसक्रिय मादक के रूप में किया जाता है. यह मादा भांग के पौधे के फूल, आसपास की पत्तियों और तनों को सुखाकर बनाया जाता है. गांजे का किसी भी तरीके से इस्तेमाल नारकोटिक ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित है. गांजा दुनिया में सबसे अधिक दुरूपयोग किए जाने वाला मादक पदार्थ है जिसकी दुनियाभर में बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती है.

किस देश में है गांजा वैध

कनाडा, जॉर्जिया, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका के 11 राज्यों में गांजा बेचना और खरीदना वैध है. वहीं जर्मनी, नीदरलैंड्स, साइप्रस और ग्रीस जैसे करीब 24 देशों में दवाई के रूप में गांजे का प्रयोग वैध है. हालांकि नेपाल में मौजूदा कानून में बदलाव करने से पहले इस प्रस्ताव पर संसद में बहस होनी है.

सन 1960 के दशक तक नेपाल में गांजा और बाकी मादक पदार्थों को वैध तरीके से बेचा जाता था. उस दौर में नेपाल को हिप्पीयों का देश कहा जाता था. दुकानें हों या चाय के ठेले गांजा हर जगह उपलब्ध था. लेकिन 1976 में नारकोटिक ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत गांजे को उगाने और बेचने पर पाबंदी लगा दी गई. उपयोग करने वालों को एक महीने की जेल और तस्करों को 10 साल तक की सजा का प्रावधान इस कानून में है. नेपाल में गांजे का इस्तेमाल पीढ़ियों से किया जा रहा है. इतने सालों से गैरकानूनी होने के बावजूद नेपाल में हिंदुओं के भगवान शिव के त्योहार शिवरात्रि के दिन गांजे का खुले तौर पर इस्तेमाल करते देखा जा सकता है.

एसबी/आरपी (एपी)

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