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मुंबई पहली बार एशिया की अरबपति राजधानी बनी

आमिर अंसारी
२६ मार्च २०२४

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई एशिया की अरबपतियों की राजधानी बन गई है. हुरुन रिसर्च के मुताबिक एशिया के सबसे ज्यादा अरबपति मुंबई में रहते हैं.

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मुंबई
मुंबईतस्वीर: Getty Images/AFP Photo/I. Mukherjee

हुरुन रिसर्च रिपोर्ट 2024 के मुताबिक पहली बार मुंबई एशिया की नई अरबपति राजधानी के रूप में उभरी है, जिसने चीन की राजधानी बीजिंग को पीछे छोड़ दिया है.

भारत की आर्थिक राजधानी में अब 92 अरबपति हैं, जो बीजिंग की 91 की संख्या को पार कर गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार भारत 271 अरबपतियों के साथ दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में तीसरे स्थान पर है. रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी दुनिया के 10 सबसे अमीर व्यक्ति हैं.

दुनिया में कितने अरबपति

रिपोर्ट में पाया गया कि हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2024 के अनुसार, आज दुनिया में 3,279 अरबपति हैं, जिनमें से 167 पिछले वर्ष में जोड़े गए थे. चीन में सबसे अधिक अरबपति (814) हैं. इसके बाद अमेरिका में 800 हैं.

हालांकि, पिछले साल की तुलना में जहां अमेरिका और भारत में क्रमशः 109 और 84 अरबपति जुड़े, वहीं चीन की संख्या में 155 की कमी आई है.

रिपोर्ट में कहा गया, "भारत के लिए यह साल बेहद मजबूत रहा, जिसमें लगभग 100 अरबपति शामिल हुए हैं. अर्थव्यवस्था में विश्वास रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गया. मुंबई एशिया की अरबपतियों की राजधानी (हुरुन सूची के इतिहास में पहली बार) और वैश्विक स्तर पर तीसरा शीर्ष शहर बनकर बीजिंग से आगे निकल गई है."

भारत की राजधानी नई दिल्ली भी पहली बार अरबपतियों के लिए शीर्ष 10 शहरों में शामिल हुई है.

भारत की आर्थिक राजधानी में अब 92 अरबपति हैं
भारत की आर्थिक राजधानी में अब 92 अरबपति हैंतस्वीर: PUNIT PARANJPE/AFP/Getty Images

क्यों बढ़ रहे हैं अरबपति?

इलॉन मस्क ने तीसरी बार अपने सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब बरकरार रखा. वहीं मुकेश अंबानी ने 'एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति' का खिताब बरकरार रखा. गौतम अडानी ने अपनी संपत्ति में 62 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ सूची में 15वां स्थान हासिल किया है.

रिपोर्ट कहती है कि भारत के उत्थान के पीछे प्रमुख कारकों में से एक इसका मजबूत आर्थिक प्रदर्शन है. निवेशकों के विश्वास से प्रेरित मजबूत शेयर बाजारों ने धन सृजन के लिए उपजाऊ जमीन तैयार की है जबकि चीन जो एक पारंपरिक आर्थिक महाशक्ति है, उसके अरबपतियों की आबादी में गिरावट देखी गई.