मेक्सिको ने 311 भारतीयों को डिपोर्ट किया | दुनिया | DW | 17.10.2019
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दुनिया

मेक्सिको ने 311 भारतीयों को डिपोर्ट किया

अमेरिका ने आप्रवासियों पर कार्रवाई करने के लिए मेक्सिको पर दबाव डाला है. इसके चलते मेक्सिको हजारों की संख्या में आप्रवासियों को देश से बाहर निकाल रहा है. इसी कड़ी में 311 भारतीय मेक्सिको से निकाले गए हैं.

अमेरिका और मेक्सिको के बीच आप्रवासियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच मेक्सिको ने 311 भारतीयों को डिपोर्ट कर दिया है. जबरन वापस भेजे गए इन लोगों में 310 पुरुष और एक महिला शामिल है. इन सभी लोगों को मेक्सिको के अलग अलग शहरों से लाकर वापस भेजा गया है. अमेरिका और मेक्सिको के बीच में मेक्सिको की सीमा पार कर अमेरिका पहुंच रहे आप्रवासियों को लेकर विवाद चल रहा है. राष्ट्रीय आप्रवासन संस्थान से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक 311 भारतीय को बोइंग 747 विमान में तोलुका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नई दिल्ली भेज दिया गया है. इन लोगों के पास मेक्सिको में नियमित रूप से रुके रहने की इजाजत नहीं थी, ये लोग मेक्सिको के ओआजाका, बाजा कैलिफोर्निया, वेराक्रूज, चिआपास, सोनोरा, मेक्सिको सिटी, डुरांगो और तबास्को राज्यों में रह रहे थे. इस बयान में कहा गया है कि इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक करने के लिए एशियाई देशों के दूतावासों का शुक्रिया अदा करते हैं जिन्होंने अपने देश के लोगों को वापस भेजने में मदद की. इन सभी को आप्रवासन नियमों के तहत ही वापस भेजा गया है.

Symbolbild Mexiko Geflüchtete aus afrikanischen Ländern (AFP/O. Martinez)

मेक्सिको में पहचान कर अवैध प्रवासियों को लगातार निकाला जा रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जून में मेक्सिको से कहा था कि अगर मेक्सिको की सीमा से लगातार अमेरिका में घुस रहे आप्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो अमेरिका मेक्सिको पर आर्थिक प्रतिबंध लगा देगा. मेक्सिको ने सीमा की सुरक्षा बढ़ाने और आप्रवासियों को वापस भेजने की अपनी नीति में सुधार करने पर हामी भरी थी. इन आप्रवासियों को वापस भेजने पर जारी की गई प्रेस रिलीज के मुताबिक मेक्सिको की तरफ से पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आप्रवासियों को हवाई मार्ग द्वारा उनके देश वापस भेजा है. इस पूरे ऑपरेशन में मानवाधिकारों का खास ख्याल रखा गया है.

अमेरिका के साथ हुए समझौते के बाद से मेक्सिको से आप्रवासियों को वापस भेजने में तेजी आ गई है. मई की तुलना में जून के महीने में ही आप्रवासियों को वापस भेजने में 33 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई थी. मई में जहां 16,507 ऐसे लोगों को अपने देश वापस भेजा गया था वहीं जून में यह संख्या 21,912 हो गई थी. साथ ही मेक्सिको ने अमेरिका के साथ लगी सीमा पर सुरक्षा भी कड़ी कर दी है. मेक्सिको में दिसंबर 2018 में लेफ्ट पार्टी की सरकार बनी थी. तब लेफ्ट पार्टी का स्टैंड आप्रवासियों को शरण देने का था. लेकिन ट्रंप द्वारा आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी देने के बाद मेक्सिको ने आप्रवासियों पर कार्रवाई करना शुरू कर दिया. इस कार्रवाई के बाद ट्रंप ने मेक्सिको को शाबाशी भी दी. मेक्सिको में अवैध रूप से रहने वाले आप्रवासियों में अधिकतर लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी देशों के नागरिक होते हैं. मेक्सिको ने अब ऐसे अवैध आप्रवासियों की पहचान कर उन्हें उनके गृहदेश भेज रहा है.

आरएस/एनआर(एपी)

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