मैर्केल: लोकतांत्रिक बहसों में ′परस्पर सम्मान′ है जरूरी | ताना बाना | DW | 23.11.2016
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ताना बाना

मैर्केल: लोकतांत्रिक बहसों में 'परस्पर सम्मान' है जरूरी

जर्मन संसद के निचले सदन बुंडेसटाग को संबोधित करते हुए चांसलर अंगेला मैर्केल ने देश में बह रही पॉपुलिज्म की बयार में 'परस्पर सम्मान' के साथ लोकतांत्रिक बहसों की संस्कृति को और मजबूत बनाने पर जोर दिया.

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लोकतांत्रिक बहसों में 'परस्पर सम्मान' है जरूरी

 

 

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