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अल‑शरा ने जर्मन कंपनियों से सीरिया में निवेश की अपील की

आमिर अंसारी रॉयटर्स, एएनआई, आईएनएएस | रीतिका डीपीए, एएफपी, एपी
प्रकाशित ३० मार्च २०२६आखिरी अपडेट ३० मार्च २०२६

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सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा जर्मनी की यात्रा पर आए हैंतस्वीर: Nadja Wohlleben/REUTERS
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आपके लिए अहम जानकारी

नीतीश कुमार ने दिया एमएलसी पद से इस्तीफा

ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार ने केरोसिन की आपूर्ति में तेजी लाने के लिए नियमों में दी ढील

बच्चों से स्किनकेयर प्रोडक्ट की मार्केटिंग करवाने के आरोप में इटली ने सेफोरा के खिलाफ बिठाई जांच

मानवीय सहायता लेकर क्यूबा पहुंचा रूसी तेल टैंकर

जल्द समझौते पर नहीं पहुंचने पर ट्रंप ने दी ईरान को धमकी

सीरिया के पुनर्निर्माण में जर्मनी साथ खड़ा है: वाडेफुल

लोकसभा ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी

ओलंपिक खेलों में जेंडर टेस्टिंग की खिलाड़ियों ने की आलोचना

ईरान युद्ध के कारण जर्मनी में भी बढ़ रही है महंगाई

मध्य पूर्व युद्ध से गैस सप्लाई ठप, मोरबी की सैकड़ों सेरामिक्स फैक्ट्रियां बंद

इटली से पोलैंड के रास्ते में चोरी हुई 12 टन किटकैट

ईरान युद्ध के आर्थिक प्रभावों पर चर्चा के लिए जी7 देशों ने बुलाई बैठक

नेपाल में ओली की गिरफ्तारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों प्रदर्शनकारी

शेल्टर में बदले स्कूल, ऑनलाइन पढ़ाई भी ठप, लेबनान के छात्रों का भविष्य संकट में को स्किप करें
३० मार्च २०२६

शेल्टर में बदले स्कूल, ऑनलाइन पढ़ाई भी ठप, लेबनान के छात्रों का भविष्य संकट में

Libanon Beirut 2026 | Zerstörtes Gebäude nach gezieltem israelischem Angriff
युद्ध के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई तस्वीर: Mohamed Azakir/REUTERS

लेबनान में हिज्बुल्लाह और इस्राएल के बीच जारी युद्ध ने देश की शिक्षा व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे लगभग पांच लाख छात्र स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. राजधानी बेरूत सहित कई इलाकों से बड़े पैमाने पर लोगों के विस्थापन के बाद सैकड़ों सरकारी स्कूलों को अस्थायी आश्रयों में बदल दिया गया है. 

इस्राएल के हमलों और दक्षिणी लेबनान में जमीनी कार्रवाई के कारण अब तक 1100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 122 बच्चे शामिल हैं. इंटरनेट की कमी, सीमित उपकरण और शोर-गुल जैसी चुनौतियों के बीच कई छात्र ऑनलाइन शिक्षा तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं. यूनिसेफ का कहना है कि शिक्षा में रुकावटें लड़कियों और किशोरावस्था की युवतियों के लिए विशेष रूप से जोखिम बढ़ाती हैं, जिनके स्कूल छोड़ने या कम उम्र में शादी होने की आशंका अधिक रहती है.

विस्थापित परिवारों का कहना है कि मौजूदा हालात में उनके पास शिक्षा ही एकमात्र उम्मीद बची है. बेरूत और आसपास के इलाकों में कई बच्चों के पास पेन, किताबें या इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं. कई माता-पिता, जिन्होंने खुद लेबनान के गृहयुद्ध के दौरान पढ़ाई गंवाई थी चाहते हैं कि उनके बच्चे किसी भी हाल में पढ़ाई जारी रखें, ताकि उनका भविष्य तबाही की इस स्थिति से प्रभावित न हो.
 

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अगली जनगणना में 'स्थिर लिव इन' रिश्ते में रहने वाले जोड़ों को शादीशुदा जोड़ों में गिना जाएगा को स्किप करें
३० मार्च २०२६

अगली जनगणना में 'स्थिर लिव इन' रिश्ते में रहने वाले जोड़ों को शादीशुदा जोड़ों में गिना जाएगा

सांकेतिक तस्वीर
हालांकि, यह सिर्फ उन पर लागू होगा जो जोड़े अपने रिश्ते को 'स्थिर' मानते हैं.तस्वीर: Altaf Qadri/AP/picture alliance

भारत में ऐसे युगल जो लिव इन रिश्ते में रह रहे हैं और अपने रिश्ते को स्थिर मानते हैं, उन्हें 2027 में होने वाली जनगणना में शादीशुदा जोड़े के तौर पर रजिस्टर किया जाएगा. सेंसस की वेबसाइट पर पूछे गए इस सवाल, "क्या लिव इन में रह रहे जोड़े शादीशुदा माने जाएंगे" के जवाब में साइट पर लिखा गया है कि अगर ऐसे जोड़े अपने रिश्ते को एक स्थिर रिश्ता मानते हैं तो उन्हें शादीशुदा ही माना जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अगली जनगणना दो अलग-अलग चरणों में होगी. पहले चरण में हाउसलिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. यह सवाल भी उन 33 सवालों में शामिल था जो हाउसलिस्टिंग की प्रक्रिया के दौरान एक परिवार के सदस्यों से पूछे जाएंगे. यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होनी है.

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स्पेन ने ईरान युद्ध में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद किया को स्किप करें
३० मार्च २०२६

स्पेन ने ईरान युद्ध में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद किया

स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोबलिस
स्पेन की रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री सांचेज की बातें दोहराते हुए यह जानकारी दी कि स्पेन अमेरिकी विमान जो ईरान युद्ध में शामिल हैं, उनके लिए अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल पर रोक लगा रहा हैतस्वीर: Soeren Stache/dpa/picture alliance

स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबलिस ने सोमवार को कहा कि स्पेन ने ईरान युद्ध में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है. यह मध्य पूर्व में अमेरिका और इस्राएल के संघर्ष के खिलाफ स्पेन का एक और बड़ा कदम है. स्पेन पहले ही कह चुका था कि अमेरिका ईरान संघर्ष में संयुक्त रूप से संचालित सैन्य अड्डों का इस्तेमाल नहीं कर सकता है. इस जंग को स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज पहले ही अवैध, लापरवाह और अन्यायपूर्ण बता चुके हैं. 

रक्षा मंत्री रोबलिस ने कहा कि यही तर्क इस संघर्ष में स्पेन के हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर भी लागू होता है. रोबल्स ने पत्रकारों से कहा, "यह बात अमेरिकी सेना और सुरक्षाबलों को शुरू से ही पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई थी. इसलिए, न तो अड्डों के इस्तेमाल की इजाजत है, और न ही निश्चित रूप से, ईरान में युद्ध से संबंधित किसी भी कार्रवाई के लिए स्पेन के हवाई क्षेत्र के उपयोग की अनुमति है. ईरान के साथ जारी अमेरिका और इस्राएल की जंग का पूरे यूरोप में स्पेन सबसे कड़ा विरोधी रहा है.

बार्सिलोना ब्लैकआउट: गलती कहां हुई?

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नेपाल में ओली की गिरफ्तारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों प्रदर्शनकारी को स्किप करें
३० मार्च २०२६

नेपाल में ओली की गिरफ्तारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों प्रदर्शनकारी

Nepal 2025 Kathmandu | Premierminister KP Sharma Oli spricht im Parlament
पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनतस्वीर: Sanjit Pariyar/NurPhoto/picture alliance

नेपाल में सोमवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की रिहाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के शपथ लेने के ठीक एक दिन बाद ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को शनिवार तड़के गिरफ्तार किया गया था. सितंबर 2025 के हिंसक प्रदर्शनों के बाद हुए पहले चुनावों के बाद यह कार्रवाई हुई, जिन प्रदर्शनों में कम से कम 76 लोग मारे गए थे और संसद भवन सहित कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी गई थी.

भारी पुलिस बल ने सोमवार को तब प्रदर्शनकारियों को रोका जब वे जले हुए पुराने संसद भवन की ओर मार्च कर रहे थे. गिरफ्तारी एक जांच आयोग की सिफारिशों के बाद हुई, जिसने कहा कि ओली और लेखक ने सुरक्षाबलों को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से रोकने में विफलता दिखाई और उनकी ओर से आपराधिक लापरवाही हुई. दोनों नेताओं के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में रिहाई के लिए याचिका दाखिल की है, जबकि अदालत ने ओली की हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ा दी है.

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बच्चों से स्किनकेयर प्रोडक्ट की मार्केटिंग करवाने के आरोप में इटली ने सेफोरा के खिलाफ बिठाई जांच को स्किप करें
३० मार्च २०२६

बच्चों से स्किनकेयर प्रोडक्ट की मार्केटिंग करवाने के आरोप में इटली ने सेफोरा के खिलाफ बिठाई जांच

सेफोरा की सांकेतिक तस्वीर
फोरा और बेनेफिट कॉस्मेटिक्स पर आरोप है कि वे उम्र से पहले ही बच्चों में गैर जरूरी स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं.तस्वीर: SOPA Images/Sipa USA/picture alliance

मेकअप रिटेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सेफोरा के खिलाफ इटली में बच्चों को वयस्कों के सौंदर्य उत्पादों की मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल करने के मामले में जांच बिठाई गई है. इटली के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण का कहना है कि सेफोरा नाबालिगों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों के बीच स्किनकेयर के प्रति एक जूनून पैदा कर रहा है.

प्राधिकरण ने कहा कि वह पहला यूरोपीय नियामक है जिसने इस चिंता पर जांच शुरू की है. सेफोरा और बेनेफिट कॉस्मेटिक्स सोशल मीडिया पर बहुत कम उम्र के 'माइक्रो-इन्फ्लुएंसर' के जरिए वयस्कों के सौंदर्य प्रसाधनों के समय से पहले इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं. प्राधिकरण के मुताबिक ये कपंनियां फेस मास्क, सीरम और एंटी-एजिंग क्रीम की खरीदारी को प्रोत्साहित कर रहीं है. इसे उन्होंने ‘कॉस्मेटिकॉरेक्सिया’ से जोड़ा है जो नाबालिगों के बीच स्किनकेयर के लिए एक अस्वस्थ लगाव या सनक है.

सेफोरा, बेनेफिट कॉस्मेटिक्स इटली ने एक बयान में कहा कि वे नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए काम करते हैं और अधिकारियों का पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने आगे कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. सेफोरा, जिसके इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से अधिक और टिकटॉक पर 21 लाख फॉलोअर्स हैं, सोशल मीडिया पर चल रहे 'सेफोरा किड्स' ट्रेंड के केंद्र में रहा है. इस ट्रेंड में बच्चे स्टोर्स में कॉस्मेटिक स्मूदी बनाते हुए और वीडियो में अपना स्किनकेयर रूटीन या सेफोरा से की गई खरीदारी शेयर करते दिखते हैं.

'ब्यूटी' का नौकरी से क्या लेना-देना?

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मानवीय सहायता लेकर क्यूबा पहुंचा रूसी तेल टैंकर को स्किप करें
३० मार्च २०२६

मानवीय सहायता लेकर क्यूबा पहुंचा रूसी तेल टैंकर

क्यूबा के मातनदास बंदरगाह की तस्वीर
ट्रंप के प्रतिबंधों के कारण क्यूबा बेहद गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है.तस्वीर: Norlys Perez/REUTERS

रूस का एक टैंकर तेल लेकर ऊर्जा संकट से जूझ रहे क्यूबा पहुंचा है. रूस की न्यूज एजेंसी के हवाले से यह खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार रात कहा कि उन्हें क्यूबा के तट पर मौजूद एक रूसी तेल टैंकर से द्वीप को राहत पहुंचाने में कोई आपत्ति नहीं है. अमेरिकी तेल नाकाबंदी के कारण क्यूबा की स्थिति बेहद खराब हो गई है. वॉशिंगटन वापस लौटते समय ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, "वहां एक टैंकर मौजूद है. हमें किसी के नाव भरकर सामान पहुंचाने में कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि उन्हें इसकी जरूरत है, उन्हें जिंदा रहना है."

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की वह रिपोर्ट सच है जिसमें कहा गया है कि टैंकर को क्यूबा पहुंचने की इजाजत दी जाएगी, तो ट्रंप ने कहा: "मैंने उनसे कह दिया है कि अगर कोई देश अभी क्यूबा को कुछ तेल भेजना चाहता है, तो मुझे इससे कोई समस्या नहीं है, चाहे वह रूस हो या कोई और." सोमवार को रूस के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि तेल टैंकर 'अनातोली कोलोदकिन' लगभग 7,30,000 बैरल तेल की मानवीय आपूर्ति लेकर क्यूबा के मातनजास बंदरगाह पर पहुंच गया है.

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जल्द समझौते पर नहीं पहुंचने पर ट्रंप ने दी ईरान को धमकी को स्किप करें
३० मार्च २०२६

जल्द समझौते पर नहीं पहुंचने पर ट्रंप ने दी ईरान को धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की एक तस्वीर
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान को खुली धमकी देते हुए जल्द समझौते पर पहुंचने को कहा है.तस्वीर: Mark Schiefelbein/AP Photo/picture alliance

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र, खर्ग को लेकर एक और चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा है कि अगर ईरान के साथ जल्द कोई समझौता नहीं होता है, तो वे खर्ग द्वीप को पूरी तरह नष्ट करने पर विचार कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने या फिर ईरान के तेल के कुओं और बिजली संयंत्रों पर अमेरिकी हमलों का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है.

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "बड़ी प्रगति हुई है, लेकिन अगर किसी कारण से जल्द ही कोई समझौता नहीं होता है जिसकी संभावना अधिक है कि हो जाएग), और अगर होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत व्यापार के लिए नहीं खुला तो हम ईरान में अपने इस शानदार 'प्रवास' का खात्मा उनके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल के कुओं और खर्ग द्वीप को उड़ाकर और पूरी तरह से नेस्तनाबूद करके करेंगे."

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सीरिया के पुनर्निर्माण में जर्मनी साथ खड़ा है: वाडेफुल को स्किप करें
३० मार्च २०२६

सीरिया के पुनर्निर्माण में जर्मनी साथ खड़ा है: वाडेफुल

सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा और जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल
सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा को जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने आश्वासन दिया है कि जर्मनी सीरिया के पुनर्निमाण में साथ खड़ा है.तस्वीर: Sebastian Christoph Gollnow/dpa/picture alliance

सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की बर्लिन यात्रा के दौरान जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने सोमवार को कहा कि सीरिया के पुनर्निर्माण की कोशिशों में जर्मनी उसके साथ खड़ा है. विदेश मंत्रालय के कार्यालय में आयोजित एक जर्मन-सीरियाई आर्थिक मंच से वाडेफुल ने कहा कि वे सीरिया के पुनर्निर्माण में जर्मनी की एक महत्वपूर्ण भूमिका देखते हैं, और उनका तर्क था कि यह पुनर्निर्माण केवल अंतरराष्ट्रीय सहायता से ही सफल हो सकता है. उन्होंने कहा, "सीरियाई लोग एक अवसर के हकदार हैं, और हम यह सुनिश्चित करने में मदद करना चाहते हैं कि इस अवसर का सही इस्तेमाल किया जाए."

वाडेफुल ने आगे कहा कि मध्यम और लंबी अवधि में दोनों देशों के बीच आर्थिक लेन-देन के अवसर बहुत अधिक हैं. जर्मनी के आर्थिक मंच पर अल-शरा ने अपने देश के लिए एक नई शुरुआत की बात की और जर्मन कंपनियों को निवेश करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि सीरिया ने निवेश के लिए कानूनी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई कानूनों में संशोधन किया है.

ईरान में जारी युद्ध के बीच अल-शरा ने सीरिया को निवेश के बड़े अवसरों वाला एक ‘सुरक्षित ठिकाना‘ बताया. वाडेफुल ने भी कहा कि सीरिया हाल तक एक क्रूर तानाशाही और खूनी गृहयुद्ध से जूझ रहा था. उन्होंने आगे कहा कि आज सीरिया के सामने एक ऐसे राज्य को विकसित करने का काम बहुत बड़ा है, जो सुरक्षा, स्वतंत्रता और गरिमापूर्ण जीवन की गारंटी देता हो.

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तमिलनाडु चुनाव: वोटरों को लुभाने के लिए फ्रिज और कूपन का एलान को स्किप करें
३० मार्च २०२६

तमिलनाडु चुनाव: वोटरों को लुभाने के लिए फ्रिज और कूपन का एलान

Indien Chennai 2025 | Udhayanidhi Stalin trifft MK Stalin an seinem Geburtstag
डीएमके ने अपने घोषणापत्र में कई एलान किएतस्वीर: @Udhaystalin X/ANI

तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी तेज होती दिख रही है. एआईएडीएमके द्वारा हर राशन कार्ड धारक को मुफ्त रेफ्रिजरेटर देने के वादे के बाद, सत्ताधारी डीएमके ने बुधवार को अपना घोषणापत्र जारी किया. पार्टी ने एकल वस्तु वितरित करने के बजाय महिलाओं (जो आयकर नहीं देतीं) को 8,000 रुपये का कूपन देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे वे अपनी जरूरत के अनुसार फ्रिज, वॉशिंग मशीन, टीवी, मिक्सी, माइक्रोवेव या इंडक्शन स्टोव जैसे घरेलू उपकरण खरीद सकें. डीएमके ने इसे शासन के अगले चरण की शुरुआत बताते हुए "च्वाइस-बेस्ड वेलफेयर मॉडल" के रूप में पेश किया है.

चुनावी घोषणापत्र में महिलाओं को केंद्र में रखते हुए कई प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने का वादा किया गया है. पार्टी ने महिलाओं के लिए दी जाने वाली ‘कलैनार मगलीर उरुमई थोगई योजना' की मासिक सहायता को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने और हर साल नए लाभार्थियों को जोड़ने की घोषणा की. इसके साथ ही महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जारी रखने और मुख्यमंत्री नाश्ता योजना को प्राथमिक स्तर से बढ़ाकर कक्षा 8 तक विस्तारित करने की बात कही गई. चिकित्सा बीमा कवरेज बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने और इसे सालाना 5 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों तक पहुंचाने का भी वादा किया गया है.

डीएमके ने सामाजिक सुरक्षा पेंशनों को बढ़ाने पर भी जोर दिया है. घोषणापत्र के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और 50 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाओं को 2,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी. गंभीर रूप से प्रभावित दिव्यांगजन के लिए भत्ता 4,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाया जाएगा. पार्टी ने 35 लाख कॉलेज छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने और अगले पांच वर्षों में 18 लाख करोड़ रुपये के निवेश के माध्यम से 50 लाख नौकरियां पैदा करने का भी लक्ष्य रखा है.

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लोकसभा ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी को स्किप करें
३० मार्च २०२६

लोकसभा ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी

Großbritannien London 2025 | Indiens Finanzministerin Nirmala Sitharaman beim Wirtschaftsdialog
तस्वीर: Justin Tallis/REUTERS

भारत की लोकसभा ने सोमवार को दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी है. इसका उद्देश्य दिवालियापन प्रक्रिया में गई कंपनियों के मामलों का तेजी से समाधान करना है. इस विधेयक में कंपनी के डिफॉल्ट साबित हो जाने के बाद दिवालियापन के आवेदनों को स्वीकार करने के लिए 14 दिनों की अनिवार्य समय सीमा निर्धारित की गई है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक में 12 संशोधन प्रस्तावित किए हैं ताकि समाधान तंत्र को और मजबूत किया जा सके. सीतारमण ने कहा कि आईबीसी समाधान में देरी का मुख्य कारण व्यापक मुकदमेबाजी है, और आईबीसी विधेयक में प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए दंड का प्रावधान है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए विधेयक पर लोकसभा में 27 मार्च को चर्चा हुई थी. यह विधेयक, जिसे पहले एक चयन समिति को भेजा गया था, कंपनी या व्यक्ति की दिवालियापन संबंधी मामलों के निपटारे में होने वाली देरी को दूर करने के लिए लाया गया है.
 

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ओलंपिक खेलों में जेंडर टेस्टिंग की खिलाड़ियों ने की आलोचना को स्किप करें
३० मार्च २०२६

ओलंपिक खेलों में जेंडर टेस्टिंग की खिलाड़ियों ने की आलोचना

बॉक्सर इमान खलीफ जिनके जेंडर पर 2024 में सवाल उठे थे.
ओलंपिक में महिला स्पर्धाओं में ट्रांसजेंडर महिला एथलीटों के खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. तस्वीर: Blondet Eliot/ABACA/IMAGO

दो बार की ओलंपिक चैंपियन धावक कास्टर सेमेन्या ने ओलंपिक में महिला स्पर्धाओं में ट्रांसजेंडर महिला एथलीटों के खेलने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रति अपनी निराशा व्यक्त की. दक्षिण अफ्रीकी मूल की सेमेन्या ने कहा कि उन्हें आईओसी की अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री जैसी महिला नेता से अधिक उम्मीदें थीं. कोवेंट्री भी जिम्बाब्वे से आती हैं.

केप टाउन में महिलाओं की शक्ति, एकता और सामुदायिक समर्थन का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक रेस के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेमेन्या ने कहा, "व्यक्तिगत रूप से, एक नेता के रूप में कोवेंट्री एक अफ्रीकी हैं, और मुझे यकीन है कि वे समझती हैं कि हम अफ्रीकी और ग्लोबल साउथ के लोग किस पृष्ठभूमि से आते हैं. आप जेनेटिक्स को नियंत्रित नहीं कर सकते." 

गुरुवार को 10 पन्नों के नीति दस्तावेज में प्रकाशित इस फैसले में सेमेन्या जैसी उन महिला एथलीटों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिन्हें 'डिफरेंस इन सेक्स डेवलपमेंट' के रूप में जानी जाने वाली मेडिकल कंडिशन हैं. सेमेन्या जिन्हें जन्म के समय फीमेल के रूप में चिह्नित किया गया था, उनमें शुरू से ही दूसरी महिलाओं के मुकाबले टेस्टोस्टेरोन स्तर अधिक रहा है. सेमेन्या के अलावा भारतीय धावक दुती चंद ने भी ऐसे फैसलों को अदालतों में चुनौती दी है.

वहीं, फ्रांस ने भी इस फैसले की आलोचना की और कहा है कि ओलंपिक में जेंडर टेस्टिंग कई कानूनी, मेडिकल और नैतिक सवाल उठाता है. साथ ही कहा कि यह फैसला हमें पीछे की ओर ले जाता है. वहीं, न्यूजीलैंड ने आईओसी के इस फैसले पर कहा कि वह बेहद संवेदनशीलता के साथ इस फैसले का पालन करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस फैसले का स्वागत किया था. हालांकि, ट्रंप हमेशा से इस विचार को बढ़ावा देते रहे हैं कि जेंडर केवल मेल और फीमेल ही होते हैं. 

चैंपियन एथलीट कैसे कमाते हैं पैसे?

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ईरान युद्ध के कारण जर्मनी में भी बढ़ रही है महंगाई को स्किप करें
३० मार्च २०२६

ईरान युद्ध के कारण जर्मनी में भी बढ़ रही है महंगाई

सांकेतिक तस्वीर
ईरान युद्ध का असर जर्मनी की महंगाई दर पर भी देखने को मिल रहा है. आंकड़ों के मुताबिक मार्च में जर्मनी के चार सांकेतिक राज्यों में महंगाई बढ़कर कम से कम 2.5% हो गई है.तस्वीर: Frank Hoermann/SVEN SIMON/IMAGO

ईरान पर अमेरिका-इस्राएल युद्ध की वजह से ऊर्जा की कीमतों में आए उछाल के चलते, मार्च में जर्मनी के चार सांकेतिक राज्यों में महंगाई बढ़कर कम से कम 2.5% हो गई है. यह इस बात का संकेत है कि सोमवार को बाद में प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई के आंकड़ों में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है. जर्मनी के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य नॉर्थ-राइन वेस्टफेलिया में सालाना महंगाई दर फरवरी के 1.8% से बढ़कर 2.7% पर पहुंच गई है. ऐसा ही रुझान बवेरिया (2.8%), बाडेन-वुर्टेमबर्ग (2.5%) और लोअर सैक्सनी (2.6%) जैसे जर्मन राज्यों में भी देखने को मिला है. 

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अर्थशास्त्रियों के पोल में अनुमान जताया गया था कि मार्च में जर्मनी की महंगाई दर पिछले महीने के 2.0 फीसदी से बढ़कर 2.8 फीसदी पर रहेगी. जर्मनी के ये आंकड़े मंगलवार को जारी होने वाले यूरोजोन महंगाई आंकड़ों से पहले आए हैं. अर्थशास्त्रियों के अनुसार, मार्च में करंसी ब्लॉक में मुद्रास्फीति बढ़कर 2.7% होने की उम्मीद है. अब यूरोपीय सेंट्रल बैंक के नीति निर्माता इस बात पर बहस कर रहे हैं कि किन परिस्थितियों में उन्हें ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत होगी, ताकि कीमतों में इस वृद्धि को दूसरी चीजों और सेवाओं तक फैलने से रोका जा सके.

होर्मुज में नाकाबंदी से पूरी दुनिया पर असर

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मध्य पूर्व युद्ध से गैस सप्लाई ठप, मोरबी की सैकड़ों सेरामिक्स फैक्ट्रियां बंद को स्किप करें
३० मार्च २०२६

मध्य पूर्व युद्ध से गैस सप्लाई ठप, मोरबी की सैकड़ों सेरामिक्स फैक्ट्रियां बंद

USA Detroit 2025 | Pewabic Pottery Kunsthandwerk
तस्वीर: Timothy Rooks/DW

भारतीय राज्य गुजरात का मोरबी, जिसे देश का सबसे बड़ा सेरामिक्स हब माना जाता है, मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है. एलपीजी आपूर्ति बाधित होने से सैकड़ों संयंत्रों को अपने भट्ठे बंद करने पड़े हैं, जिससे उत्पादन ठप हो गया है. उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, 400 से अधिक यूनिटें गैस आपूर्ति टूटने के बाद से बंद पड़ी हैं, जबकि लगातार चलने वाली भट्ठियों को अचानक रोकने से भारी नुकसान हो रहा है.

फैक्ट्री मालिकों और श्रमिकों दोनों पर संकट का गहरा असर पड़ा है. कई उद्यमी अपने भारी मासिक खर्च और कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं, जबकि हजारों श्रमिक काम रुकने के कारण असमंजस में हैं कि घर लौटें या स्थिति सुधरने का इंतजार करें. 90 प्रतिशत से अधिक घरेलू टाइल उत्पादन करने वाला मोरबी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लगभग दस लाख लोगों को रोजगार देता है, लेकिन बंद फैक्ट्रियों के कारण पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां ठहर गई हैं.

भारत सरकार ने घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने, नए आयात सौदे करने और कुछ टैंकरों को सुरक्षित मार्ग दिलाने जैसे कदम उठाए हैं, जिससे आने वाले समय में औद्योगिक आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है. हालांकि कुछ बड़े निर्माताओं ने बेहद महंगा प्रोपेन खरीदकर सीमित उत्पादन जारी रखा है. हालांकि, उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत जैसे इलेक्ट्रिक या हाइड्रोजन भट्ठियां अभी पूरी तरह कारगर नहीं हैं. इसलिए मोरबी का सेरामिक्स उद्योग निकट भविष्य में आयातित गैस पर ही निर्भर रहेगा.

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इटली से पोलैंड के रास्ते में चोरी हुई 12 टन किटकैट को स्किप करें
३० मार्च २०२६

इटली से पोलैंड के रास्ते में चोरी हुई 12 टन किटकैट

किटकैट की सांकेतिक तस्वीर
ये 4,13,793 किटकैट कैंडी बार पूरे यूरोप में सप्लाई होनी थीं.तस्वीर: Dominic Lipinski/empics/picture alliance

नेस्ले ने जानकारी दी है कि इस सप्ताह की शुरुआत में इटली में उसकी प्रोडक्शन साइट से पोलैंड के लिए रवाना होने के बाद, उसके 12 टन यानी कुल 4,13,793 किटकैट कैंडी बार चोरी हो गई हैं. कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि गाड़ी और उस पर लदा माल अभी भी कहीं नहीं मिला है. किटकैट की यह खेप पिछले हफ्ते उत्पादन और वितरण केंद्रों के बीच रास्ते में गायब हो गई थी. इन चॉकलेट बार को पूरे यूरोप में वितरित किया जाना था.

कंपनी ने कहा कि गायब हुई कैंडी बार यूरोप के ब्लैक मार्केट में प्रवेश कर सकती हैं, लेकिन अगर ऐसा होता है, तो हर किटकैट बार पर छपे यूनिट बैच कोड इस्तेमाल करके चोरी हुई चॉकलेट का पता लगाया जा सकता है. किटकैट के एक प्रवक्ता ने कहा कि इससे खरीददार, खुदरा विक्रेता और थोक विक्रेता पैकेट पर मौजूद बैच नंबर को स्कैन करके यह पहचान सकेंगे कि वह चॉकलेट चोरी की गई खेप का हिस्सा है या नहीं. अगर कोड मेल खाता है, तो स्कैनर को कंपनी को सूचित करने के निर्देश दिए जाएंगे, जिसके बाद कंपनी सबूत साझा करेगी.

किटकेट ने अपने बयान में कहा, “हम अपराधियों की बेहतरीन पसंद की सराहना करते हैं, लेकिन यह सच है कि माल की चोरी सभी व्यवसायों के लिए एक बढ़ती हुई समस्या है." बयान में आगे कहा गया, "नियमित रूप से तैनात की जा रही अधिक बेहतर योजनाओं के साथ, हमने अपने अनुभव को सार्वजनिक करने का विकल्प चुना है, इस उम्मीद में कि यह एक तेजी से बढ़ते आपराधिक रुझान के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा."

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ईरान युद्ध के आर्थिक प्रभावों पर चर्चा के लिए जी7 देशों ने बुलाई बैठक को स्किप करें
३० मार्च २०२६

ईरान युद्ध के आर्थिक प्रभावों पर चर्चा के लिए जी7 देशों ने बुलाई बैठक

जी7 नेताओं की तस्वीर
जी7 में अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं जो अपनी बैठक में ईरान युद्ध के कारण हो रहे आर्थिक प्रभावों पर चर्चा करेंगे.तस्वीर: Michael Kappeler/dpa/picture alliance

ईरान के साथ अमेरिका और इस्राएल की जंग के कारण तेल और गैस की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और मध्य पूर्व में जारी युद्ध के आर्थिक परिणामों पर पर जी7 देशों के मंत्री सोमवार को चर्चा करेंगे. फरवरी के अंत में अमेरिका और इस्राएल ने ईरान पर हमले शुरू किए जिसके बाद से, तेहरान ने मध्य पूर्व के उन देशों को निशाना बनाया जो कच्चे तेल का नियार्त करते हैं. साथ ही होरमुज जलडमरूमध्य मार्ग को रोककर जवाबी कार्रवाई की है. आपूर्ति में इस कमी ने तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिसका अनगिनत उद्योगों की सप्लाई चेन पर गहरा प्रभाव पड़ा है.

फ्रांसीसी वित्त मंत्री रोलॉन लिस्क्यू ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होने वाली इस जी7 बैठक में ऊर्जा और वित्त मंत्रियों के साथ-साथ केंद्रीय बैंक के प्रमुख और दूसरी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल होंगे. लिस्क्यू ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन इस बात पर जोर दिया कि एशिया इस उथल-पुथल से विशेष रूप से प्रभावित है. उन्होंने आगे कहा, "यही एक कारण है कि हम वित्त, ऊर्जा और केंद्रीय बैंकों के जी7 को एक साथ बुलाना चाहते थे."

उन्होंने यह भी बताया कि इस बैठक का मकसद वित्तीय बाजारों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचारों को एक दूसरे के साथ साझा करना है. बाद में स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आधी सदी में यह पहली बार है जब जी7 ने इस फॉर्मेट का इस्तेमाल किया है. जी7, जिसमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं, दुनिया के सबसे धनी देशों की नीतिगत चर्चाओं को आकार देने में मदद करता है. अमेरिका ने होरमुज जलडमरूमध्य शिपिंग मार्ग की ईरानी नाकाबंदी को रोकने के लिए इस समूह से समर्थन मांगा है.

कितने अलग थलग पड़ चुके हैं ट्रंप

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आमिर अंसारी, डीडब्ल्यू हिन्दी, नई दिल्ली
आमिर अंसारी डीडब्ल्यू के दिल्ली स्टूडियो में कार्यरत विदेशी संवाददाता.