पत्रकार खशोगी के परिवार ने रमजान में कातिलों को माफ किया | दुनिया | DW | 22.05.2020
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दुनिया

पत्रकार खशोगी के परिवार ने रमजान में कातिलों को माफ किया

सऊदी कंसुलेट के भीतर कत्ल किए गए पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले में उनके परिवार ने कहा है कि उसने हत्यारों को माफ कर दिया है.

वॉशिंगटन पोस्ट के मृतक सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी के परिवार ने कहा है कि उसने उनके कातिलों को माफ कर दिया है. खशोगी के बेटे सलाह ने एक ट्वीट में यह बात लिखी है. हत्या को लेकर सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान तक पर उंगली उठी थी. अमेरिका में रहने वाले सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी की दो अक्टूबर 2018 को इस्तांबुल में सऊदी अरब के कंसुलेट में हत्या कर दी गई थी.

60 साल के खगोशी शादी के लिए जरूरी कुछ कागज लेने के लिए कंसुलेट के भीतर दाखिल हुए, लेकिन बाहर कभी नहीं लौटे. उनकी हत्या के बारे में सबसे पहले तुर्की के मीडिया ने जानकारी दी थी. मृतक पत्रकार खशोगी के बेटे सलाह ने एक ट्वीट में लिखा कि परिवार ने कातिलों को माफ कर दिया है. उन्होंने ट्वीट में लिखा, "रमजान के पवित्र महीने की इस पवित्र रात में हम अल्लाह के उस कहे को याद करते हैं कि अगर कोई व्यक्ति क्षमा करता है और सुलह कर लेता है, तो उसका इनाम अल्लाह की तरफ से देय है."

उन्होंने लिखा, "इसलिए हम शहीद जमाल खशोगी के बेटे ऐलान करते हैं कि हमने अपने पिता के कातिलों को माफ कर दिया है, खुदा से इनाम की चाह रखते हैं." परिवार की तरफ से क्षमा करने देने की घोषणा के बाद पांच बेनाम दोषियों की जिंदगी बच जाएगी जिन्हें सऊदी की अदालत ने हत्या के मामले में मौत की सजा दी थी, प्रिंस सलमान के दो शीर्ष सलाहकार को दोषमुक्त कर दिया था. सऊदी अधिकारियों ने सलाह की घोषणा पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है.

सलाह सऊदी अरब में ही रहते हैं और उन्होंने सरकार के साथ वित्तीय समझौते की रिपोर्ट्स से इनकार किया है. सऊदी के लेखक और सरकार के करीबी अली शिहाबी ने ट्विटर पर लिखा,"इसका मतलब है कि हत्यारे मौत की सजा से बच जाएंगे, क्योंकि शरिया कानून के मुताबिक परिवार माफ कर सकता है. सरकार की तरफ से अन्य कानूनी प्रक्रियाएं जारी रहेंगी." एक और जानकार नबील नोवैराह ने भी कहा कि परिवार की घोषणा के बाद "हत्यारों को मृत्युदंड नहीं होगी."

खशोगी को आखिरी बार इंस्ताबुल में सऊदी अरब के कंसुलेट में देखा गया था. उनका शव अब तक नहीं मिल पाया है. आरोप लगते हैं कि कंसुलेट में ही शव को नष्ट कर दिया गया और उसके अवशेष भी अब तक नहीं मिले. खशोगी की हत्या की निंदा पूरी दुनिया में हुई.  प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की छवि पर भी इसका असर हुआ. कुछ पश्चिमी देशों के साथ-साथ सीआईए का मानना है कि प्रिंस सलमान ने ही हत्या का आदेश दिया था.

खशोगी निर्वासन में अमेरिका में रह रहे थे. वह सऊदी अरब की राजशाही के आलोचक थे. सऊदी अधिकारी कहते आए हैं कि प्रिंस सलमान की हत्या में कोई भूमिक नहीं है. हालांकि सितंबर 2019 में प्रिंस सलमान ने इशारों में कहा था कि "यह उनकी देखरेख में हुआ." पिछले साल दिसंबर में सऊदी अरब की एक अदालत ने पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई थी और तीन अन्य दोषियों को कैद की सजा दी थी. राजधानी रियाध में आरोपियों पर बड़े ही गोपनीय तरीके से मुकदमा चला और उन्हें सजा दे दी गई थी. सुनवाई की संयुक्त राष्ट्र और अधिकार समूहों ने कड़ी निंदा भी की थी.

संयुक्त राष्ट्र की तरफ से नियुक्त एक स्वतंत्र मानवाधिकार जांचकर्ता एग्नेस कैलामार्ड ने इस सुनवाई को मजाक बताते हुए कहा था कि इससे हत्या के मास्टरमाइंड का पता नहीं चलता या फिर उनके बारे में, जिन्होंने हत्या के लिए उकसाया था. हालांकि, सलाह खशोगी ने दिसंबर के फैसले के बारे में कहा था कि, "यह हमारे लिए उचित है और हमें न्याय मिला है."

एए/सीके (रॉयटर्स, एएफपी)

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