अमेरिका और चीन में बढ़ते मतभेदों के बीच बाइडेन और जिनपिंग की वार्ता | दुनिया | DW | 16.11.2021

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दुनिया

अमेरिका और चीन में बढ़ते मतभेदों के बीच बाइडेन और जिनपिंग की वार्ता

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके चीनी समकक्ष ने सोमवार को वर्चुअल बातचीत की. वार्ता का उद्देश्य व्यापार, ताइवान और मानवाधिकारों पर विवादों के बीच दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करना है.

व्यापार, प्रौद्योगिकी, ताइवान और मानवाधिकार समेत कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बढ़ती खाई के बीच दोनों नेता तनाव कम करने के लिए बातचीत के लिए साथ आए हैं. बैठक की शुरूआत में बाइडेन ने कहा, "दुनिया और अपने लोगों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है." साथ ही उन्होंने कहा, "सभी देशों को समान नियमों का पालन करना चाहिए."

दोनों नेताओं जब अपने अपने देशों में उप राष्ट्रपति थे तब दोनों ने एक साथ यात्रा की थी और एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं. लेकिन बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद से उनकी आमने-सामने बैठक नहीं हुई है. शी ने बैठक की शुरूआत में कहा, "बाइडेन मेरे पुराने दोस्त हैं." उन्होंने कहा कि प्रतिद्वंद्वियों को एक साथ काम करना चाहिए. जिनपिंग के मुताबिक, "चीन और अमेरिका को संवाद और सहयोग बढ़ाने की जरूरत है."

चीनी सरकारी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिनपिंग ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और कोविड​​-19 जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक स्वस्थ और स्थिर द्विपक्षीय संबंध आवश्यक है. जिनपिंग ने कहा, "आम सहमति बनाने, सक्रिय कदम उठाने और चीन-अमेरिका संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मैं आपके साथ काम करने के लिए तैयार हूं."

कैसे कम हो टकराव

बाइडेन ने कहा कि दोनों नेताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए एक "सुरक्षा जाल" बनाना चाहिए कि दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा टकराव में न बढ़े, या तो जानबूझकर या अनजाने में. बैठक के संबंध में बाइडेन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मानवाधिकारों और अन्य मुद्दों सहित वॉशिंगटन के लिए चिंता के क्षेत्रों को संबोधित करने का वादा किया.

उद्घाटन बयान के बाद बाइडेन और जिनपिंग ने कई जटिल मुद्दों पर निजी बातचीत शुरू की, जिसने दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा दिया है. बीच में एक छोटे से ब्रेक के साथ कई घंटों तक बातचीत करने के बाद दोनों नेताओं ने अपनी बैठक को समाप्त कर दिया. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चनयिंग ने ट्विटर पर कहा कि बैठक "व्यापक, गहन, स्पष्टवादी, रचनात्मक, वास्तविक और उत्पादक थी."

बैठक से पहले व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना था कि कि वार्ता कई घंटों तक चल सकती है, लेकिन उन्होंने अधिक उम्मीदें नहीं रखी हैं. अधिकारियों का कहना है कि किसी बड़ी घोषणा या संयुक्त बयान की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए. दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था अमेरिका और चीन में व्यापार, प्रौद्योगिकी, प्रतिस्पर्धा नियमों, दक्षिण चीन सागर में सैन्य उपस्थिति, ताइवान और हांग कांग जैसे मुद्दे पर मतभेद हैं.

व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडेन ने जिनपिंग से कहा कि उन्हें मानवाधिकारों के हनन पर "चिंता" है और ताइवान की स्थिति को बदलने के लिए "एकतरफा" कदमों के खिलाफ भी चेतावनी दी है. वहीं चीनी मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति ने बाइडेन को चेतावनी दी कि ताइवान की स्वतंत्रता के लिए अमेरिकी समर्थन "आग से खेलने जैसा होगा."

एए/सीके (एपी, रॉयटर्स, एएफपी)

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