इक जानवर की जान फिर इंसानों ने ली है | दुनिया | DW | 22.06.2016
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दुनिया

इक जानवर की जान फिर इंसानों ने ली है

रियो ओलंपिक की मशाल के स्वागत के लिए आयोजित कार्यक्रम के बाद मैस्कट जैगुआर को गोली मार दी गई. जैग्आर को समारोह में प्रदर्शित किया गया था लेकिन वह वहां से भाग निकला था.

रियो ओलंपिक की शुरुआती परंपराओं के तहत खेलों के मैस्कट जैगुआर को समारोह में लाया गया. लेकिन अंततः उसे गोली मार दी गई. यह जैगुआर एक चिड़ियाघर से लाया गया था और समारोह के दौरान उसने अपना फंदा तुड़ाकर भागने की कोशिश की थी. ब्राजील की सेना का कहना है कि उसने एक सैनिक पर हमला किया जिसके बाद उसे मार डाला गया.

ब्राजील की सेना के प्रेस ऑफिस ने कहा कि जुमा नाम के इस जैगुआर को जंगल वॉरफेयर इंस्ट्रक्शन सेंटर में प्रदर्शन के लिए लाया गया था. यहां ओलंपिक की मशाल का स्वागत होना था. यह मशाल आजकल पूरे ब्राजील में यात्रा कर रही है. 5 अगस्त को ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में यह रियो पहुंचेगी.

सेना के बयान में कहा गया, “जुमा बहुत सीधा-सादा था. उसे लोगों के बीच रहने की आदत थी. लेकिन समारोह खत्म होने के बाद वह अपना फंदा छुड़ाकर भाग निकला और चिड़ियाघर में घुस गया. उसे पकड़ने के लिए कुछ सैनिकों को भेजा गया. जुमा ने एक सैनिक पर हमला कर दिया. जुमा पर पहले बेहोश करने वाली दवा के इंजेक्शन से वार किया गया. लेकिन ये बेअसर रहे तो जुमा को गोली मार दी गई.”

ओलंपिक आयोजन समिति ने अपने फेसबुक पेज पर अपनी गलती मानी है. समिति ने कहा है, “यह गलती थी कि शांति की प्रतीक ओलंपिक मशाल को जंजीरों में बंधे एक जानवर के बगल में रखकर प्रदर्शित किया गया. यह हमारे मूल्यों और आदर्शों से मेल नहीं खाता. जो हुआ, उससे हम बहुत दुखी हैं. हम वादा करते हैं कि 2016 रियो ओलंपिक्स के दौरान ऐसा कुछ दोबारा नहीं होगा.”

ब्राजील की पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी इबामा ने कहा है कि जुमा को समारोह में शामिल करने से पहले उसकी इजाजत नहीं ली गई थी. इबामा ने कहा, “जानवरों को ऐसे समारोहों में लाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.” एजेंसी के साथ काम करने वाले प्राणी-विशेषज्ञ डिएगो लैगरोतेरिया ने कहा कि जैगुआर को सीधा-सादा मान लेना ही बेवकूफी है. यह बेवकूफाना है कि आप जैगुआर जैसे जंगली जानवर से घरेलू हालात में ढलने की उम्मीद करते हैं.

यहां क्लिक कीजिए और देखिए, कैसे एक गोरिल्ला को मारा गया था.

जानवर को गोली मार देने की इस तरह यह लगातार तीसरी घटना है. कुछ दिन पहले अमेरिका के सिनसिनाटी चिड़ियाघर में एक गोरिल्ला को इसलिए गोली मार दी गई थी कि एक बच्चा उसके पिंजरे में गिर गया था. उसके बाद ऑरलैंडो के वॉल्ट डिज्नी वर्ल्ड में इसी तरह की परिस्थितियों में कुछ घड़ियालों को मारा गया. पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले लोग इन हत्याओं से आहत और नाराज हैं. पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ ऐनिमल्स, पेटा ने एक बयान में कहा है कि इंसानों के मनोरंजन के लिए जानवरों का प्रदर्शन एक दुखद बात है और जो कोई भी इन हत्याओं से दुखी है, वह ऐसे उद्योगों से दूर रहे.

वीके/एमजे (एपी, एएफपी)

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