1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

महसा अमीनी की मौत पर यूएन ने जांच की मांग की

२१ सितम्बर २०२२

संयुक्त राष्ट्र की कार्यवाहक मानवाधिकार उच्चायुक्त ने ईरान में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के मामले पर चिंता जाहिर की है. अमीनी को "नैतिक पुलिस" ने हिजाब नहीं पहनने के कारण गिरफ्तार किया था.

https://p.dw.com/p/4H8Pk
अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी
अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थीतस्वीर: Fatemeh Bahrami/AA/picture alliance

महसा अमीनी को नैतिक पुलिस ने हिजाब नहीं पहनने पर गिरफ्तार किया था और उनकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. जिसके बाद ईरान में बड़े पैमाने में महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. अमीनी की मौत पर संयुक्त राष्ट्र की कार्यवाहक मानवाधिकार उच्चायुक्त नादा अल-नशीफ ने ईरानी अधिकारियों से महिलाओं के पहनावे को लेकर पुलिसिंग करने पर रोक लगाने का आग्रह किया है.

मानवाधिकार उच्चायुक्त नादा अल-नशीफ ने ईरान में अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की है.

ईरान: दो समलैंगिक कार्यकर्ताओं को मौत की सजा

पश्चिमी ईरान के कुर्दिस्तान के सक्केज शहर की रहने वालीं 22 साल की कुर्द महिला अमीनी पिछले हफ्ते देश की नैतिकता पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद एक पुलिस स्टेशन में गिर गईं. नैतिकता पुलिस महिलाओं के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू करती है. उनके परिवार का आरोप है कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था.

नादा अल-नशीफ ने कहा, "अमीनी की दुखद मौत, यातनाओं और दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच जल्द एक निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से स्वतंत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जानी चाहिए.

अमीनी की मौत के बाद ईरान में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे
अमीनी की मौत के बाद ईरान में विरोध प्रदर्शन भड़क उठेतस्वीर: NNSRoj

उन्होंने कहा, "यह जांच सुनिश्चित करे, विशेष रूप से, उसके परिवार की न्याय और सच्चाई तक पहुंच हो."

नादा अल-नशीफ ने आगे कहा, "अधिकारियों को उन महिलाओं को निशाना बनाना, परेशान करना और हिरासत में लेना बंद करना चाहिए जो हिजाब नियमों का पालन नहीं करती हैं."

"द सैटेनिक वर्सेज" के दो पन्ने पढ़कर रुश्दी पर कर दिया हमला, अब जुर्म से इनकार

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने रविवार को अमीनी के परिवार से बात की और उनकी मौत की पूरी जांच के आदेश दिए हैं.

यूएन मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने कहा कि अमीनी की मौत के विरोध में राजधानी तेहरान, इसफाहान, कराज, मशहाद, रश्त, सक्केज और सानंदाज समेत देश भर के अनेक शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर गोला-बारूद, पैलेट गन और आंसू गैस के गोले दागे हैं. कथित तौर पर कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और अनेक घायल हुए हैं, कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है."

वीडियो फुटेज जारी करने की मांग

इस घटना के बाद तेहरान समेत पूरे देश में आक्रोश और विरोध प्रदर्शन फूट पड़ा. ईरानी अधिकारियों ने शुक्रवार को सुरक्षा कैमरे के फुटेज जारी किए, जिसमें अमीनी को पुलिस स्टेशन के अंदर गिरने से पहले एक अन्य महिला अधिकारी के साथ उनके कपड़ों के बारे में बहस करते हुए दिखाया गया था, बाद में वह गिर पड़ीं. अमीनी की तीन दिन बाद अस्पताल में मौत हो गई और आधिकारिक कारण दिल का दौरा पड़ना बताया गया.

अमीनी के परिवार ने कहा कि उनका बीमारी का कोई इतिहास नहीं था. रिश्तेदारों ने कहा कि चश्मदीदों ने अमीनी को एक पुलिस कार के अंदर ले जाते देखा. उनके पिता अमजद अमीनी ने एक स्थानीय समाचार वेबसाइट को बताया, "मैंने कार के अंदर और पुलिस थाने के कैंपस में लगे कैमरों से (वीडियो) देखने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया."

अमेरिका ने कहा विरोध प्रदर्शन की इजाजत हो

अमेरिका का कहना है कि ईरान को विरोध प्रदर्शनों की अनुमति देनी चाहिए. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि अमीनी "आज जीवित होनी चाहिए थीं."

उन्होंने कहा, "इसके बजाय अमेरिका और ईरानी लोग उनकी मौत का शोक मना रहे हैं." ब्लिंकेन ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा, "हम ईरानी सरकार से महिलाओं के अपने व्यवस्थागत उत्पीड़न को समाप्त करने और शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति देने का आह्वान करते हैं."

एए/वीके (एपी, एएफपी, रॉयटर्स)

इस विषय पर और जानकारी को स्किप करें

इस विषय पर और जानकारी