भारत में कोरोना के मामले 10 लाख के पार | भारत | DW | 17.07.2020
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भारत

भारत में कोरोना के मामले 10 लाख के पार

भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण 10 लाख के आंकड़े को पार कर गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोरोना वायरस की वजह से अब तक 25,602 लोगों की मौत हो चुकी है.

भारत में कोविड-19 के मामले 10 लाख के आंकड़े को पार कर गए हैं. देश में महज तीन दिन में कोरोना वायरस के मामले एक लाख के करीब मिले हैं वहीं 20 दिन में देश ने कोविड-19 के पांच लाख केस से 10 लाख तक छलांग लगा दी है. कोरोना वायरस के मामले में दुनिया भर में भारत के ऊपर ब्राजील और अमेरिका है. जहां ब्राजील में 20,12,151 मामले हैं तो वहीं अमेरिका में 35,74,371 मामले हैं. अमेरिका में शुक्रवार तक इस महामारी के कारण 1,38,339 लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं ब्राजील में 76,668 लोग महामारी के चलते मारे गए हैं.

भारत में मामले भले ही 10 लाख पार कर गए हों लेकिन रिकवरी रेट यहां अच्छी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोरोना से अब तक 612,814 लोग ठीक हो गए हैं और रिकवरी रेट करीब 63 फीसदी है. मौजूदा समय में देश में 3,42,473 सक्रिय केस हैं. पिछले 24 घंटे में 34,956 मामले के सामने आने के बाद देश में कोरोना का आंकड़ा दस लाख के पार चला गया है.

महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और कर्नाटक ऐसे राज्य हैं जहां हर रोज हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं. कई राज्य कोरोना से लड़ने के लिए दोबारा लॉकडाउन लागू कर रहे हैं तो कई राज्य शनिवार और रविवार को लॉकडाउन लगा रहे हैं. अब तक तीन राज्य-महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु ने देश भर में कोरोना वायरस के कुल मामले में आधे से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं.

ग्रामीण भारत की तस्वीर

लेकिन भारत के विशाल ग्रामीण इलाके जो कि कोरोना से लड़ने के लिए बेहद कमजोर हैं वहां स्पष्ट रूप से महामारी बढ़ रही है. ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत पहले से ही खराब है और अब कोरोना वायरस का दबाव इन व्यवस्थाओं पर अत्यधिक पड़ गया है. हार्वर्ड ग्लोबल हेल्थ इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. आशीष झा के मुताबिक, ''भारत के लिए आने वाले दिनों में तेजी से बढ़ते मामले मुख्य चुनौती बने रहेंगे.'' साथ ही वे कहते हैं कि अधिकांश मामले अब भी दर्ज नहीं किए गए हैं.

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने राज्यों की चिंता और बढ़ा दी है और वे दोबारा राज्यों और शहरों में लॉकडाउन लगाने लगे हैं. बेंगलुरू जो कि आईटी इनोवेशन के लिए मशहूर है वहां मंगलवार से एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है. 13 करोड़ की आबादी वाले बिहार में भी कोरोना वायरस तेजी से पैर पसार चुका है और वहां इससे निपटने के लिए दो हफ्तों का लॉकडाउन लगाया गया है. बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही नाजुक है. उत्तर प्रदेश में भी मामलों को बढ़ता देख सरकार ने सप्ताहांत पर कर्फ्यू लगाना शुरू कर दिया है. यूपी में सप्ताहांत पर लगना वाला लॉकडाउन इस महीने के आखिर तक चलेगा.

कई अन्य राज्य भी छोटे लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन का विस्तार कर रहे हैं. सरकारों की चिंता वायरस के फैलाव को रोकने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधि भी चलाने की है. वैश्विक स्वास्थ्य शोधकर्ता डॉ. अनंत भान कहते हैं ग्रामीण भारत में संक्रमण में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. उनके मुताबिक दिल्ली और मुंबई में मामलों बहुत बढ़ चुके हैं और अब संक्रमण छोटे शहरों की तरफ रुख कर गया है.

कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया था. लॉकडाउन की वजह से देश को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है. साथ ही बड़े शहरों से प्रवासियों का पलायन भी देश में गंभीर मुद्दा बना. नौकरी गंवाने और भूख के कारण लोगों ने शहरों से गांवों की ओर पलायन किया और उस दौरान हादसों में कई प्रवासियों की जान तक चली गई. कोरोना संकट के कारण बेरोजगार हो चुके लोगों और उद्योगों के लिए केंद्र ने कई राहत पैकेज का भी ऐलान किया.

एए/सीके (एपी, रॉयटर्स)

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