मोदी और जिनपिंग के बीच कश्मीर पर नहीं, आतंकवाद और व्यापार पर हुई बात | दुनिया | DW | 12.10.2019
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दुनिया

मोदी और जिनपिंग के बीच कश्मीर पर नहीं, आतंकवाद और व्यापार पर हुई बात

नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच बातचीत के दौरान कश्मीर और हांगकांग मुद्दे पर किसी तरह की चर्चा नहीं हुई. वहीं आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए दोनों के बीच विस्तार से बातचीत हुई.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने 100 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दो दिवसीय दौरे पर भारत आए थे. वे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अलग अलग करीब 6 घंटों तक साथ रहे. प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक के बाद हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा, "दोनों नेताओं ने करीब 90 मिनट तक बात की. इस अनौपचारिक सम्मेलन में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सेवाओं को बढ़ाने के लिए एक नया तंत्र स्थापित करने पर चर्चा हुई. चीन की तरफ से इसमें वाइस प्रीमियर हू चुन्हाउआ और भारत की तरफ से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल होंगी. दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. दोनों देशों के लोगों के बीच के संबंधों में मजबूती लाई जाए. विचारों का आदान प्रदान हो."

विजय गोखले ने आगे कहा, "कश्मीर को लेकर किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है. हमारी स्थिति साफ है कि यह भारत का आंतरिक मामला है." विदेश सचिव ने यह भी कहा कि शी जिनपिंग ने अगले सम्मेलन के लिए नरेंद्र मोदी को चीन बुलाया है. मोदी ने इस आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है. तारीख बाद में तय की जाएगी. शी ने मानसरोवर यात्रियों के लिए और अधिक सुविधा देने को लेकर बात की. वहीं नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु और चीन के फूचियान प्रांत के बीच संबंध बढ़ाने को लेकर अपने विचार रखे. दोनों नेताओं ने कहा कि दुनिया में बढ़ते आतंकवाद और कट्टरता से निपटने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण थी. गोखले ने कहा कि ये दोनों उन दो बड़े देशों के नेता हैं जहां सबसे ज्यादा विविधता और आबादी है.

गोखले ने संवाददाताओं से कहा, "मोदी और शी ने कहा कि कट्टरपंथी दोनों के लिए चिंता का विषय हैं. इससे निपटने के लिए दोनों एक साथ काम करेंगे ताकि कट्टरपंथ और आतंकवाद हमारे बहुसांस्कृतिक, बहु-जातीय, बहु-धार्मिक समाज के ताने-बाने को प्रभावित नहीं कर सके." चीन की तरफ से इस मामले पर तत्काल किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. लेकिन सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि नरेंद्र मोंदी ने शी जिनपिंग का जोरदार स्वागत किया. दोनों एक दूसरे से सीखने पर सहमत हुए ताकि संयुक्त रूप से विकास और समृद्धि हासिल हो सके.

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई मुलाकात के बारे में कहा कि दोनों देशों के संबंध तेजी से बढ़े हैं और उनमें स्थिरता आई है. दोनों देश मतभेदों को विवाद बनने से रोकने की कोशिश में लगे हैं. यह बातचीत उन देशों के बीच एक "नए युग" की शुरूआत करेगी जो परेशानियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं. दोनों देशों ने एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशील होने का फैसला किया है. नरेंद्र मोदी ने भारत की कला और संस्कृति से परिचय करवाते हुए शी को नचियारकोइल दीप, तंजावुर पेंटिंग, कांजीवरम सिल्क की शॉल, शी की पेंटिंग तोहफे में दी.

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