कोरोना संकटः तालाबंदी में अभी भी बढ़ रही है घरेलू हिंसा | दुनिया | DW | 20.04.2020
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दुनिया

कोरोना संकटः तालाबंदी में अभी भी बढ़ रही है घरेलू हिंसा

कोरोना वायरस लॉकडाउन के बावजूद देश में घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं. रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के बावजूद हिंसा कम नहीं हुई है. महिलाओं के लिए खास व्हॉट्सऐप नंबर भी जारी किया गया है. इसके जरिए वे अपनी शिकायत कर रही हैं.

भारत में कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन का दूसरा चरण लागू है. लेकिन इस बीच महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हैं. घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने शिकायत के लिए विशेष व्हॉट्सऐप नंबर 7217735372 दस अप्रैल को लॉन्च किया था. यह नंबर लॉन्च करने का मकसद ऐसी महिलाओं की मदद करना था जो ऑनलाइन पोर्टल तक पहुंच नहीं पा रही थी. व्हॉट्सऐप नंबर की मदद से घरेलू हिंसा की पीड़ित महिला शिकायत कर सकती है.


24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए तालाबंदी का ऐलान किया था. 25 मार्च से देश में तालाबंदी लागू है और ऐसे में अधिकतर कंपनियां, फैक्ट्रियां या दफ्तर बंद हैं. कुछ लोग घर से भी काम कर रहे हैं. राष्ट्रीय महिला आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 27 फरवरी से लेकर 22 मार्च तक घरेलू हिंसा की 123 शिकायतें मिली थीं जबकि 23 मार्च से 16 अप्रैल के बीच ऐसी 239 शिकायतें मिली हैं. आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 23 मार्च से 16 अप्रैल के बीच आयोग को महिला अपराधों से जुड़ी 587 शिकायतें मिलीं जिनमें घरेलू हिंसा से जुड़ी 239 शिकायतें शामिल हैं.

बॉलीवुड और क्रिकेट जगत की हस्तियों ने भी पिछले दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर लोगों से घरेलू हिंसा को रिपोर्ट करने की अपील की थी. इस वीडियो में विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, माधुरी दीक्षित और विद्या बालन जैसे बड़े बड़े सितारे लोगों को घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश देते नजर आ रहे हैं.


जानकारों का कहना है कि लॉकडाउन महामारी से निपटने के लिए लागू किया गया है, लेकिन महिलाएं अपने घरों में ही सुरक्षित नहीं हैं और उनके साथ घर में हिंसा हो रही है.

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