फ‍िलीपींस में ताल ज्वालामुखी फटने से हजारों लोग बेघर, लाखों पर संकट के ″बादल″ | दुनिया | DW | 13.01.2020
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दुनिया

फ‍िलीपींस में ताल ज्वालामुखी फटने से हजारों लोग बेघर, लाखों पर संकट के "बादल"

फ‍िलीपींस की राजधानी मनीला से 65 किलोमीटर दूर ताल ज्वालामुखी फटने से हजारों लोग संकट में हैं. करीब 16 हजार लोगों को अब तक बचाया गया है. प्रशासन ने भविष्य में ज्वालामुखी में खतरनाक विस्फोट की आशंका जताई है.

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फिलीपींस में ज्वालामुखी फटने का दृश्य

फ‍िलीपींस में ताल ज्वालामुखी फटने से आस पास के इलाकों में भीषण आग लग गई है. प्रशासन ने ज्वालामुखी में आने वाले कुछ घंटों या दिनों में खतरनाक विस्फोट होने की आशंका जताई है. इस आशंका के चलते आस पास के गांवों और कस्बों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम लगातार जारी है. 12 जनवरी को फ‍िलीपींस के ताल ज्वालामुखी ने लावा उगलना शुरू कर दिया था. अधिकारियों ने यहां पर आने वाले समय में और "अधिक विस्फोटक गतिविधि" होने की चेतावनी दी है.

ज्वालामुखी फटने से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं. फ‍िलीपींस के ज्वालामुखी और सीस्मोलॉजी संस्थान ने 12 जनवरी की रात करीब 75 भूकंप दर्ज किए. कारण था,  फ‍िलीपींस की राजधानी मनीला से 65 किलोमीटर दूर बटंगस प्रांत में ज्वालामुखी का फटना. ज्वालामुखी के लावे की वजह से इलाके में राख की धुंध छा गई है.

पुलिस के मुताबिक मनीला के पास कैलाम्बा शहर में ज्वालामुखी की राख का वजह से दृश्यता शून्य होने के कारण ट्रक पलटने से एक शख्स की मौत हो गई. मनीला और आसपास के क्षेत्रों से करीब 16 हजार लोगों सुरक्षित इलाकों में ले जाया गया है. शहर में राख के धुंए की वजह से लोग मास्क पहनने को मजबूर हैं.

मनीला के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को फिलहाल बंद कर दिया गया है. जिससे अब तक 500 से अधिक उड़ानें रद्द हो गई हैं. हालांकि हवाई अड्डे पर फंसे कई विमानों को हालात सुधरने पर उड़ने की अनुमति दी जा सकती है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, रनवे पर भी राख ही राख दिखाई दे रही है.

हो सकता है खतरनाक ज्वालामुखी विस्फोट

प्रशासन ने कुछ घंटों या दिनों में ज्वालामुखी में खतरनाक विस्फोट होने की चेतावनी दी है. प्रशासन के मुताबिक ऐसे हालात में करीब दो लाख लोगों को मनीला और आसपास का इलाका छोड़ना पड़ेगा. रविवार को ज्यादा प्रभावित इलाकों से करीब आठ हजार लोगों को निकाला गया.

आकाश में पत्थर और राख के बादल बनने के बाद ज्यादा प्रभावित गांवों के लोगों को विशेष केंद्रों में भेजा गया. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, बलीटी शहर के मेयर विल्सन मारालीट ने डीजीएसएस रेडियो से बात करते हुए कहा, "लोग घबरा रहे हैं. वे अपने जानवरों को बचाना चाहते हैं. हम उन्हें कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि वो वापस अपने इलाके में ना जाएं. ज्वालामुखी किसी भी समय फिर से फट सकता है."

ज्वालामुखी से निकल रही राख से मनीला और आस पास के इलाकों में धुंध छा गई है. फ‍िलीपींस के आकाश में राख और धुंएं के बादल 10 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गये हैं. स्थानीय प्रशासन ने सोमवार को सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए हैं. लोगों को धुंध से बचने के लिए घर के अंदर रहने के लिए कहा गया है. ताल ज्वालामुखी फ‍िलीपींस के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है. हालांकि 1977 के बाद से यहां कोई बड़ा विस्फोट नहीं हुआ है. सन 1911 में यहां हुए भयावह विस्फोट ने 1,335 लोगों की जान ले ली थी.

फ‍िलीपींस के ज्वालामुखी संस्थान के प्रमुख रेनाटो ने रॉयटर से बातचीत में कहा, "ताल बहुत छोटा लेकिन खतरनाक ज्वालामुखी है. यह खास इसलिए है क्योंकि यह ज्वालामुखी के भीतर एक ज्वालामुखी है." फ‍िलीपींस में करीब दो दर्जन सक्रिय ज्वालामुखी हैं. जिसकी वजह से यह दुनिया के सबसे आपदाग्रस्त देशों में शामिल है. पिछले साल 25 दिसंबर को आए टाइफून ने कई इलाकों को नुकसान पहुंचाया था और बहुत सारी जानें ले ली थीं.

एसबी/आरपी (डीपीए, एएफपी, रॉयटर्स)

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