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हांगकांग में भीषण आग के बाद तीन दिन का शोक

२९ नवम्बर २०२५

हांगकांग में लगी भीषण आग के पीड़ितों के लिए तीन दिन का शोक रखा गया है. इस हादसे में 128 लोग मारे गए हैं जबकि 200 लापता हैं. इसके बाद चीन ने देश भर में गगनचुंबी इमारतों में आग सुरक्षा उपायों की जांच शुरू की है.

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हांगकांग में आग के बाद शोक
हांगकांग में शनिवार को सरकारी मुख्यालय के बाहर तीन मिनट का मौन रखा गयातस्वीर: Peter Parks/AFP/Getty Images

शनिवार को हांगकांग के उच्चाधिकारियों ने सरकारी मुख्यालय के बाहर तीन मिनट का मौन रखा. इनमें हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली भी शामिल थे. सोमवार तक सरकारी इमारतों पर झंडा आधा झुका रहेगा.

बुधवार को हांगकांग के ताई पो डिस्ट्रिक्ट में वांग फुक कोर्ट हाउसिंग इस्टेट में आग भड़क उठी. आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाने में दमकल कर्मियों को 40 घंटों से भी ज्यादा का समय लगा. अधिकारी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ये आग लगी कैसे. यह हांगकांग में बीते 75 साल में लगी सबसे भीषण आग है. हांगकांग की सरकार ने पीड़ितों की मदद के लिए तीन करोड़ 85 लाख डॉलर का एक फंड बनाया है.

इस बीच, चीन ने इस हादसे से सबक लेते हुए पूरे देश में बहुमंजिला इमारतों में आग से बचने के सुरक्षा उपायों की जांच शुरू की है. आपात प्रबंधन मंत्रालय का कहना है कि इस अभियान में उन इमारतों पर खास तौर से ध्यान दिया जाएगा, जहां बाहरी हिस्से की मरम्मत हो रही है या फिर अंदरूनी हिस्सों को बदला जा रहा है.

हांगकांग में आग के बाद की स्थिति
सात टावरो को आग ने अपनी चपेट में लियातस्वीर: Dale de la Rey/AFP

आग बुझाने में समय कितना लगा

हांगकांग के दमकल विभाग का कहना है कि उन्हें बुधवार को स्थानीय समय के अनुसार दोपहर तीन बजे से कुछ पहले एक रिहायशी परिसर में आग लगने की सूचना मिली और 3.34 बजे तक इस हादसे की गंभीरता का स्तर बढ़ाकर 4 कर दिया गया. जैसे ही रात होने लगी तो इसे पांचवीं श्रेणी में रखा गया जो सबसे ऊंचा स्तर है.

यह आग 40 घंटों से भी ज्यादा समय तक जलती रही और इसने कुल आठ इमारतों में से सात को अपनी चपेट में लिया. शुक्रवार की सुबह पर इस पर पूरी तरह काबू पाया जा सका. यह कई दशकों में हांगकांग में लगी सबसे भीषण आग है. इससे पहले 1948 में हांगकांग में एक गोदाम में आग लग गई थी जिसमें 176 लोग मारे गए थे.