फैशन ब्रांड गूची चुकाएगी 1100 अरब रुपये का टैक्स | दुनिया | DW | 25.04.2019
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दुनिया

फैशन ब्रांड गूची चुकाएगी 1100 अरब रुपये का टैक्स

गूची दुनिया का जाना-माना फैशन ब्रांड है लेकिन अक्सर विवादों में भी रहता है. इसके विज्ञापनों को लेकर विवाद होता आया है. ताजा विवाद इटली के सबसे बड़े टैक्स सैटलमेंट का है.

हाल ही में नोत्रे दाम की मरम्मत के लिए आगे आने वाली कंपनी गूची का एक पुराना विवाद सुलझता नजर आ रहा है. फ्रेंच फैशन ब्रांड गूची पर चल रहे टैक्स चोरी के मुकदमे में कंपनी 1.4 अरब यूरो (करीब 1100 अरब रुपये) चुकाने का विचार कर रही है. यह मुकदमा इटली में चल रहा है और पैसा भी वहीं चुकाया जाएगा. केरिंग गूची की पेरेंट कंपनी है. कंपनी पर आरोप है कि उसने इटली में बेचे गए सामान का टैक्स इटली में ना चुका कर दूसरे देशों में चुकाया जहां कम टैक्स लगता है. 1 मई को इटली के टैक्स प्राधिकरण और गूची के बीच इस टैक्स सैटलमेंट समझौते को मंजूरी दी जाएगी. यह इटली के टैक्स प्राधिकरण के साथ किसी भी कंपनी का सबसे बड़ा टैक्स सैटलमेंट होगा.

इस साल की शुरुआत में केरिंग ने कहा था कि प्राथमिक जांच के बाद इटली के टैक्स प्राधिकरण ने 1.4 अरब यूरो का टैक्स कंपनी पर बकाया बताया था. हालांकि इससे पहले केरिंग हमेशा टैक्स चोरी के आरोपों को गलत बताती रही थी. फिलहाल इस टैक्स सैटलमेंट पर केरिंग की प्रतिक्रिया नहीं आई है. इसके अलावा केरिंग की स्विट्जरलैंड स्थित कंपनी लग्जरी गुड्स इंटरनेशनल भी टैक्स चोरी के मामले में जांच के दायरे में है. गूची पर लगे टैक्स चोरी के आरोपों के बाद मिलान और फ्लोरेंस में इसके कार्यालयों पर 2017 में छापा मारा गया था. 2018 में मिलान में अभियोजन पक्ष ने 2010 से 2016 के बीच की कमाई पर करीब 1 अरब यूरो की टैक्स चोरी का अनुमान लगाया था. अभियोजन पक्ष का कहना है कि लग्जरी गुड्स इंटरनेशनल की कमाई पर स्विट्जरलैंड की जगह इटली में टैक्स चुकाना चाहिए था. इस समझौते के बाद केरिंग 50 करोड़ यूरो के जुर्माने से बच जाएगा. यह जुर्माना टैक्स चुकाने में देरी के लिए लगाया जाता है.

02.09.2005 euromaxx quiz D (DW-TV)

हाल ही में फ्रांस में जले नोत्रे दाम कैथीड्रल को फिर से बनाने के लिए केरिंग ने मदद की घोषणा की थी. केरिंग के मालिक फ्रांसुआ पिनो फ्रांस के तीसरे सबसे अमीर आदमी हैं. माना जा रहा है कि नोत्रे दाम की मरम्मत में मदद की घोषणा करना केरिंग के लिए अपनी छवि सुधारने की कवायद की तरह है. केरिंग की ब्रांड गूची महंगे लग्जरी सामान बनाने के लिए प्रसिद्ध है. गूची को पहले भी कई बार विवादों का सामना करना पड़ा है. अंग्रेजी के अक्षर जी से बने अपने ट्रेडमार्क सिंबल के ऊपर भी गूची को कई मुकदमे लड़ने पड़े हैं जिसमें उसको जीत मिली. गूची के कई विज्ञापनों को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है.

गूची के विज्ञापनों में अक्सर महिलाओं को वस्तु के रूप में दिखाया जाता है. गूची के एक विज्ञापन में एक महिला को कपड़े उतारते दिखाया गया जिसके जननांगों पर गूची का सिंबल बना था. इस विज्ञापन को प्रतिबंधित कर दिया गया था. कहा जाता है कि गूची कभी अपने उत्पादों को कम कीमत पर नहीं बेचता है. अगर उसके उत्पाद तय कीमत पर नहीं बिकते तो वो अपने कर्मचारियों के लिए इन्हें थोड़े कम दाम में उपलब्ध करवाते हैं. अगर तब भी वो ना बिके तो इन उत्पादों को नष्ट कर दिया जाता है. इसका कारण ब्रांड की कीमत और छवि बनाए रखना बताया जाता है. गूची मुख्यत: बड़ी हस्तियों के लिए अपने उत्पाद निकालता है. भारत में पंजाबी गानों में भी इस कंपनी के लग्जरी उत्पादों का जिक्र होता है.

ऋषभ कुमार शर्मा (रॉयटर्स)

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