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अपराधस्विट्जरलैंड

अफ्रीका से यूएई पहुंच रहा है खरबों का चोरी का सोनाः स्विसएड

३० मई २०२४

अफ्रीका से हर साल खरबों रुपये का सोना चोरी कर अन्य देशों को पहुंचाया जा रहा है और पिछले एक दशक में इसमें तेजी से वृद्धि हुई है. एक ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.

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अफ्रीक में सोना
अफ्रीका में छोटे स्तर सोना निकालने का काम तेजी से बढ़ा हैतस्वीर: LUIS TATO/AFP

अफ्रीका महाद्वीप से हर साल अरबों रुपये का सोना तस्करी कर बाहर ले जाया जा रहा है. स्विसएड नामक संस्था ने विस्तृत विश्लेषण के बाद एक रिपोर्ट में बताया है कि तस्करी कर अफ्रीका से बाहर ले जाए जा रहे सोने का मुख्य ठिकाना संयुक्त अरब अमीरात होता है.

अपने विश्लेषण में स्विसएड ने पाया कि 2022 में अफ्रीका से 435 टन यानी 30 अरब डॉलर या 25 खरब रुपये से ज्यादा का सोना तस्करी कर अफ्रीका से बाहर ले जाया गया. यह सोना अधिकतर छोटे खनिकों द्वारा निकाला गया था.

450 टन सोना

स्विसएड ने कहा कि अफ्रीका के तस्करों का मुख्य ठिकाना संयुक्त अरब अमीरात था और 2022 में 405 टन सोना यूएई पहुंचा. संगठन के मुताबिक पिछले एक दशक में यूएई में 2,500 टन चोरी का सोना पहुंचा है जिसकी कीमत 115 अरब डॉलर से ज्यादा थी.

इस बारे में यूएई के अधिकारियों ने कहा कि वे सोने की तस्करी को रोकने के लिए कई कदम उठा रहे हैं. इसके लिए सोने और अन्य कीमती धातुओं के व्यापार को लेकर नए नियम भी लागू किए गए हैं.

स्विसएड की रिपोर्ट कहती है कि अफ्रीका में छोटे स्तर पर सोने के खनन का उद्योग बहुत तेजी से बढ़ा है और अब इसमें लाखों लोग काम कर रहे हैं. इस तरह इसका आकार ओद्यौगिक स्तर पर होने वाले खनन से भी बड़ा हो गया है.

2019 में समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक खोजी रिपोर्ट में कहा था कि अफ्रीका से सैकड़ों टन सोना हर साल तस्करी कर यूएई के रास्ते यूरोप और अमेरिका के बाजारों में बेचा जा रहा है. विशेषज्ञों और सरकारों की चिंता है कि इस चोरी से कर के रूप में आने वाले राजस्व का तो नुकसान होता ही है, एक अवैध अर्थव्यवस्था भी खड़ी हो रही है जिसका इस्तेमाल मनी लाउंड्रिंग, आतंकवादी संगठनोंको धन उपलब्ध करवाने और प्रतिबंधों का उल्लंघन करने में हो रहा है.

आंकड़ों में अंतर

स्विसएड के विशेषज्ञ मार्क उमेल कहते हैं कि यूएई की मनी लाउंड्रिंग के इस कारोबार में बड़ी भूमिका है क्योंकि तस्करी कर लाया हुआ टनों सोना उसके रास्ते दूसरे देशों में पहुंचता है.

उमेल ने बताया, "अगर हर साल 400 टन से ज्यादा सोना अवैध रूप से यूएई में पहुंच रहा है तो यह स्पष्ट संकेत है कि वहां नियम-कानूनों को लागू करने में कमी है."

अपनी रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने पूरे अफ्रीका महाद्वीप से निर्यात होने वाले सोने की मात्रा की तुलना अन्य देशों में आयात हो रहे सोने की मात्रा से की. इस मात्रा में बड़ा अंतर पाया गया. घोषित निर्यात और घोषित आयात का यह अंतर स्विट्जरलैंड और भारत के आंकड़ों में नहीं पाया गया. ये दोनों ही अफ्रीका से सोने का बड़ी मात्रा में आयात करते हैं.

रिपोर्ट कहती है कि 12 देश ऐसे हैं जहां अफ्रीका से सालाना 20 टन से ज्यादा सोना तस्करी किया जाता है. यूएई सरकार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अन्य देशों के आयात-निर्यात के लिए वह जिम्मेदार नहीं है.

एक बयान में यूएई के अधिकारियों ने कहा कि वे सिर्फ अपने आयात-निर्यात के लिए जिम्मेदार हैं, "जिसकी अत्याधुनिक तकनीक और व्यवस्था से निगरानी और आंकड़ों की पुष्टि की जाती है.”

छोटे स्तर पर खनन

2009 के बाद सोने की कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं. तब से बड़ी संख्या में लोग छोटे स्तर पर सोने के खनन की ओर मुड़े हैं. स्विसएड का अनुमान है कि अफ्रीका में छोटे स्तर पर काम करने वाले इन खनिकों ने 2022 में 443 से 596 टन के बीच सोना निकाला है. इसमें से 70 फीसदी से ज्यादा सोने का आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है.

आधिकारिक रूप से ओद्यौगिक खनन के जरिए अफ्रीका में सालाना करीब 500 टन सोना निकाला जाता है. रिपोर्ट कहती है कि तस्करी कर यूएई पहुंचने वाला अधिकतर सोना छोटे स्तर पर ही निकाला जाता है.

उमेल कहते हैं, "कुछ स्विस कंपनियों के व्यवहार में पाखंड नजर आता है. वे अफ्रीका के छोटे खनिकों से तो सोना नहीं खरीदना चाहतीं लेकिन यूएई से बड़ी मात्रा में सोना आयात करती हैं, जो अफ्रीका से तस्करी कर लाए गए सोने का केंद्र है.”

वीके/एए (रॉयटर्स)

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