जर्मनी: वोटिंग खत्म, कांटे की टक्कर | दुनिया | DW | 26.09.2021
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दुनिया

जर्मनी: वोटिंग खत्म, कांटे की टक्कर

जर्मनी में नई संसद को चुनने के लिए वोटिंग पूरी हो गई है. इसके बाद जारी एग्जिट पोल में दो सबसे बड़ी पार्टियों सीडीयू-सीएसयू और एसपीडी में कांटे की टक्कर है. इस तरह नई सरकार के गठन में काफी मुश्किलें आ सकती हैं.

जर्मनी में रविवार को नई संसद को चुनने के लिए वोट डाले गए. चुनाव नतीजों को लेकर एग्जिट पोल में जो संभावनाएं जताई गई हैं, उनसे साफ है कि नई सरकार का गठन एक टेढ़ी खीर साबित हो सकता है. मौजूदा सरकार में एक दूसरे की साझीदार सीडीयू-सीएसयू और एसपीडी को 25-25 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं.

पर्यावरण के लिए खास तौर से काम करने वाली ग्रीन पार्टी को 15 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं जबकि 11 प्रतिशत मतों के साथ कारोबारी समर्थक एफडीपी चौथे स्थान पर बताई जा रही है. धुर दक्षिणपंथी एएफडी पार्टी को 11 प्रतिशत और वामपंथी डी लिंके पार्टी को पांच प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है.

इन चुनावों से तय होगा कि अंगेला मैर्केल की जगह कौन लेगा, जो 16 साल तक जर्मनी की चांसलर रहने के बाद अपना पद छोड़ रही हैं. इस चुनावों में सीडीयू-सीएसयू की तरफ से आर्मिन लाशेट को चांसलर पद का उम्मीदवार बनाया गया है जबकि उन्हें टक्कर दे रहे हैं मौजूदा सरकार में वित्त मंत्री और एसपीडी पार्टी के ओलाफ शॉल्त्स. ग्रीन पार्टी पहली बार चांसलर पद की उम्मीदवार को सामने रखकर चुनाव लड़ रही है. पार्टी ने अनालेना बेयरबॉक को उम्मीदवार बनाया है.

गठबंधन की मुश्किल डगर

एग्जिट पोल से जाहिर होता है कि इस चुनाव में मध्यमार्गी वामपंथी पार्टियों को फायदा हुआ है. एसपीडी ने जहां 2017 में हुए पिछले आम चुनाव के मुकाबले 4.5 प्रतिशत ज्यादा वोट मिल सकते हैं जबकि ग्रीन पार्टी को 6 प्रतिशत वोटों का फायदा होता दिख रहा है. 

मैर्केल की कंजरवेटिव पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. सीडीयू-सीएसयू को पिछले चुनावों के मुकाबले लगभग 8 प्रतिशत कम वोट मिल सकते हैं. 
इस तरह के पूर्वानुमानों के बीच सत्ताधारी गठन बनाने में मुश्किलें आ सकती हैं. एक संभावना यह है कि सीडीयू/सीएसयू और एसपीडी मिलकर फिर से गठबंधन सरकार बनाएं. 2013 से जर्मनी में इसी गठबंधन की सरकार चल रही है जिसे महागठबंधन कहा जाता है. 

दूसरे विकल्प के तहत एसपीडी पार्टी ग्रीन और एफडीपी के साथ मिलकर सरकार बना सकती है. हालांकि ग्रीन और एफडीपी पार्टी को साथ लाना खासा मुश्किल काम है. कई मुद्दों पर दोनों पार्टियों में तीखे मतभेद हैं. 

नई सरकार के गठन में कई हफ्तों का समय लग सकता है. तब तक अंगेला मैर्केल कार्यवाहक चांसलर बनी रहेंगी. 16 साल तक यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी का नेतृत्व करने के बाद वह चांसलर का पद छोड़ रही हैं. 

बुंडेस्टाग में कम से कम 598 सीटें होती हैं, लेकिन जर्मनी की जटिल चुनावी प्रणाली की वजह से सांसदों की संख्या घटती बढ़ती रहती है. मौजूदा संसद में 709 सदस्य हैं. चुनाव के बाद अस्तित्व में आने वाली संसद में इससे भी ज्यादा सदस्य हो सकते हैं.

वीडियो देखें 05:43

नई जर्मन सरकार से क्या चाहते हैं भारतीय

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