जर्मनी के सोशल डेमोक्रैट नेता ओलाफ शॉल्त्स चुने गए चांसलर पद के उम्मीदवार | दुनिया | DW | 11.08.2020
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दुनिया

जर्मनी के सोशल डेमोक्रैट नेता ओलाफ शॉल्त्स चुने गए चांसलर पद के उम्मीदवार

जर्मनी की सोशल डेमोक्रैट पार्टी ने मैर्केल सरकार में वित्त मंत्री ओलाफ शॉल्त्स को 2021 के चांसलर चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार चुना है. सेंटर लेफ्ट पार्टी एसपीडी फिलहाल सीडीयू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में सहयोगी है.

जर्मन वित्त मंत्री शॉल्त्स को हाल में हुए एक जनमत सर्वेक्षण में एसपीडी का सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता बताया गया. 62 वर्षीय शॉल्त्स को हाल के समय में कोरोना वायरस के वित्तीय असर से शानदार तरीके से निपटने के लिए काफी प्रशंसा मिली है. लेकिन पार्टी के अंदर दक्षिणपंथी धड़े का माने जाने वाले शॉल्त्स के बारे में खुद उनकी पार्टी के लोगों की राय एक सी नहीं रही है.

अब तक की राजनीतिक यात्रा

पिछले साल भी शॉल्त्स ने एसपीडी का नेतृत्व अपने हाथों में लेने की कोशिश की थी लेकिन पार्टी के सदस्यों ने उनकी जगह सास्किया एस्केन और नॉर्बेर्ट वाल्टर-बोरयांस की जोड़ी को नेता चुना था. राजनीति में आने से पहले पेशे से वकील रह चुके शॉल्त्स मैर्केल के दूसरे कार्यकाल में श्रम मंत्री रहे और वर्तमान "महागठबंधन" सरकार में वित्त मंत्री हैं. इससे पहले 2011 से 2018 तक शॉल्त्स हैम्बर्ग शहर के गवर्निंग मेयर रहे.

शॉल्त्स को उनके मृदु स्वभाव और बिजनेस फ्रेंडली सोच के लिए जाना जाता है. यही कारण है कि सेंटर-लेफ्ट विचार वाली उनकी पार्टी में उन्हें सेंटर-राइट समझा जाता है. अपनी इसी खूबी के कारण सेंटर-राइट दल की मुखिया मैर्केल के साथ काम करने में उन्हें कोई बड़ी परेशानी सामने नहीं आई. वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने अपने पूर्ववर्ती वोल्फगांग शॉएब्ले के ही रास्ते पर चलते हुए पहले तो बचत वाली सोच रखी लेकिन कोरोना महामारी के समय अर्थव्यवस्था की अच्छी सेहत के लिए सरकारी खजाने को खोल दिया. एसपीडी की अध्यक्ष जोड़ी में से एक वाल्टर-बोरयांस ने कहा कि कोरोना के समय आर्थिक संकट से निपटने में उनके शानदार प्रदर्शन के कारण शॉल्त्स ने जर्मन जनता का सम्मान पाया है.

2017 के चुनाव में 20.5 फीसदी वोट पाकर एसपीडी दूसरे स्थान पर रही. ताजा सर्वेक्षणों में उन्का समर्थन गिर कर 15 फीसदी के स्तर पर आ गया है. खासकर नौकरीपेशा वर्ग में उनकी परंपरागत पकड़ भी ढीली हुई है और उनके कई दूसरे समर्थक क्लाइमेट चेंज को लेकर ज्यादा गंभीर दिखती ग्रीन पार्टी की तरफ चले गए हैं.

मैर्केल की पार्टी से चुनाव मैदान में कौन

मैर्केल पहले ही साफ कर चुकी हैं कि वह पांचवी बार इस पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगी. लेकिन संयुक्त ब्लॉक में शामिल उनकी पार्टी सीडीयू और बवेरिया की सीएसयू ने अब तक चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार नहीं चुना है. दिसंबर तक उनकी तरफ से भी उम्मीदवार का नाम घोषित किए जाने की उम्मीद है. इसी साल फरवरी में सीडीयू प्रमुख आनेग्रेट क्रांप कारेनबावर ने पार्टी की अध्यक्षता छोड़ दी थी और चांसलर पद पर दावा भी छोड़ दिया था.

जर्मन राज्य थुरिंजिया के मुख्यमंत्री पद के लिए व्यापार समर्थक एफडीपी पार्टी के सदस्य को सीडीयू के विधायकों के समर्थन के लिए क्रांप कारेनबावर की भी आलोचना हुई थी. एफडीपी उम्मीदवार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए धुर दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी ने भी समर्थन दिया था. जर्मन राजनीति में मुख्यधारा की किसी भी प्रमुख पार्टी का धुर दक्षिणपंथी पार्टियों को समर्थन देना एक वर्जित और विवादास्पद विषय रहा है.

पार्टी के भीतर चांसलर पद के लिए पहले से ही आनेग्रेट क्रांप कारेनबावर के प्रतिद्वंद्वी रहे फ्रीडरिष मैर्त्स या येन्स श्पान के चुने जाने की अटकलें लगती रहती हैं. कारोबारी मैर्त्स ब्लैकरॉक के एसेट मैनेजमेंट का काम छोड़ कर राजनीति पर ध्यान लगा रहे हैं. वहीं श्पान देश के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में सरकार में हैं और कोरोना वायरस संक्रमण की आपदा के बीच बेहद सक्रिय भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं.

आरपी/एमजे (एपी, डीपीए)

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