ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन
ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह रोक लगा दी है. बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर कई और देश भी इसी तरह के उपायों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया की पहल
ऑस्ट्रेलिया 10 दिसंबर 2025 से 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर रहा है. इसमें टिकटॉक, यूट्यूब और मेटा की इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसी बड़ी ऐप्स शामिल हैं. नवंबर 2024 में पारित कानून का उल्लंघन करने पर कंपनियों पर 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
ब्रिटेन
2023 में पारित 'ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट' से सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्ती बढ़ी है. इसके बाद से हानिकारक सामग्री से नाबालिगों को बचाने के लिए कंपनियों को उम्र-आधारित उपाय करने जरूरी हो गए. हालांकि, सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए ब्रिटेन में अभी कोई तय आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है.
चीन
चीन में "माइनर मोड" सिस्टम लागू है. इसके अंतर्गत उम्र के आधार पर स्क्रीन टाइम सीमित करने के लिए डिवाइस में और ऐप में भी खास तरह के कंट्रोल के विकल्प देना जरूरी है.
डेनमार्क
डेनमार्क ने इसी साल नवंबर में घोषणा की है कि वहां 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगेगा. 13 साल तक के बच्चों को पेरेंट्स अनुमति दे सकते हैं. इसे संसद का समर्थन मिल चुका है.
फ्रांस में तकनीकी बाधा
फ्रांस ने 2023 में कानून पारित किया जिसके अनुसार 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए अभिभावक की सहमति लेना जरूरी है. लेकिन फिलहाल तकनीकी जटिलताओं के कारण इसे लागू करने में दिक्कत आ रही है.
जर्मनी में और सख्ती की जरूरत
फिलहाल यहां 13 से 16 वर्ष के किशोर सोशल मीडिया का इस्तेमाल तभी कर सकते हैं, जब उनके माता-पिता सहमति दें. लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि जर्मनी में मौजूदा नियंत्रण काफी नहीं हैं.
इटली में टीनएजर्स को थोड़ी ज्यादा छूट
इटली में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया अकाउंट के लिए अभिभावकों की अनुमति चाहिए. 14 वर्ष के बाद सहमति आवश्यक नहीं है.
मलेशिया में भी कड़ाई
मलेशिया ने नवंबर में घोषणा की है कि वह 2026 से 16 वर्ष से कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाएगा.
नॉर्वे के नियम
नॉर्वे में 2024 में प्रस्ताव आया कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की न्यूनतम आयु 13 से बढ़ाकर 15 वर्ष की जाए. 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पेरेंट्स से अनुमति लेनी होगी. सरकार इस समय 15 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा को अनिवार्य बनाने का कानून तैयार कर रही है.
अमेरिका में क्या चलता है
अमेरिका में लागू एक कानून कंपनियों को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का डेटा पेरेंट्स की सहमति के बिना इकट्ठा करने से रोकता है. कई अमेरिकी राज्यों ने सोशल मीडिया चलाने के लिए माता-पिता की अनिवार्य सहमति लेने के लिए कानून बनाए हैं, लेकिन वहां उन्हें अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार के कारण कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
यूरोप में कैसे हैं कानून
यूरोपीय संसद ने नवंबर में एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें सोशल मीडिया पर न्यूनतम आयु सीमा 16 वर्ष करने की सिफारिश की गई. साथ ही पूरे ईयू में 13 वर्ष की डिजिटल आयु सीमा और वीडियो-शेयरिंग सेवाओं और "एआई साथियों" के लिए भी 13 वर्ष की सीमा तय करने की बात कही गई.
टेक कंपनियों के अपने नियम
टिकटॉक, फेसबुक और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म खुद भी कम से कम 13 साल के यूजर चाहते हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन प्लेटफॉर्मों पर इसे सख्ती से लागू नहीं किया जाता. कई यूरोपीय देशों के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि 13 साल से कम उम्र के बहुत से बच्चे यहां सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं.