कैसे थे कोबी ब्रायंट के आखिरी पल | दुनिया | DW | 29.01.2020
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दुनिया

कैसे थे कोबी ब्रायंट के आखिरी पल

अमेरिका के चहेते एनबीए लेजेंड कोबी ब्रायंट के हेलीकॉप्टर हादसे की जांच कर रहे अधिकारियों ने प्राथमिक रिपोर्ट में बताया है कि यह हादसा आखिर हुआ कैसे. अधिकारियों के मुताबिक हेलीकॉप्टर में सुरक्षा की अनदेखी की गई थी.

अमेरिका के महान बास्केटबॉल खिलाड़ियों में शुमार कोबी ब्रायंट की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई. इस हादसे में उनकी 13 साल की बेटी जियाना और सात लोग मारे गए. यह हादसा हुआ कैसे, जांचकर्ता इस पहेली को सुलझा रहे हैं. जांच की प्राथमिक रिपोर्ट में कहा गया है कि हेलीकॉप्टर बादलों में फंस गया था, पायलट इसी धुंध और बादलों से बाहर आने की कोशिश में विमान को ऊपर करना चाह रहा था लेकिन विमान में अचानक आग लगने की वजह से यह तेजी से जमीन से टकरा गया.

हादसे की जांच कर रहे संघीय उड्डयन सुरक्षा अधिकारियों ने 28 जनवरी को पहली रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट के मुताबिक  ब्रायंट का दो इंजन वाला सिकोरस्की एस-76बी अपने सामान्य ऊंचाई से नीचे उड़ रहा था. हेलीकॉप्टर का पायलट बादलों से बचने के लिए उसे नीचे ले आया लेकिन पहाड़ी संकरी होने के कारण फंस गया. कहा जा रहा है कि पहाड़ों में जाने के 60 सेकंड बाद ही हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

बादलों से निकलने की कोशिश

41 साल के कोबी ब्रायंट की मौत से खेल जगत से लेकर मनोरंजन जगत सभी सदमे में हैं. वह सभी के चहेते थे. कोबी 18 बार एनबीए (नेशनल बॉस्केटबॉल एसोसिएशन) के चैंपियन रह चुके हैं. राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) के जांचकर्ताओं का अनुमान है कि ब्रायंट का लक्जरी यात्री हेलीकॉप्टर दुर्घटना के दौरान दो हजार फीट प्रति मिनट की रफ्तार से जमीन पर गिरा. ऐसी स्थिति में किसी का भी बच पाना मुश्किल है.

एनटीएसबी बोर्ड की सदस्य जेनिफर होमेंडी ने पत्रकारों को बताया कि हैलीकॉप्टर आग लगने के एक मिनट के अंदर ही जमीन पर क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था. यह घटना कैलाबास में हुई थी. यह इलाका लॉस एंजेलिस से 64 किलोमीटर दूर है. रडार डेटा से पता चला है कि हेलीकॉप्टर जमीन से 2300 फीट की ऊंचाई पर था. होमेंडी बताती हैं , "पायलट ने बादलों की परत से बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन इसी दौरान हेलीकॉप्टर नियंत्रण खो बैठा." जांचकर्ता स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि विमान एक तरफ टेढा होकर जमीन पर आखिर गिरा कैसे. हेलिकॉप्टर में आग कैसे लगी. होमेंडी कहती हैं "विमान का इतनी तेज गति से जमीन पर गिरना सामान्य नहीं है." जांचकर्ता कहते हैं कि हेलीकॉप्टर के जमीन से टकराने से पहले टुकड़े नहीं हुए थे.

क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी हुई

जांचकर्ताओं के मुताबिक दुर्घटना की पूरी जांच रिपोर्ट आने में एक साल का समय लगेगा. होमेंडी ने कहा कि रविवार को इलाके में घना कोहरा और बादल थे. जांच का प्रमुख केंद्र भी यही होंगे. होमेंडी के मुताबिक हेलीकॉप्टर "चेतावनी प्रणाली" या वॉर्निंग सिस्टम से लैस नहीं था. यह सिस्टम पायलट को विमान के खतरनाक पहाड़ी के करीब होने की चेतावनी देने में मदद कर सकता था. हेलीकॉप्टर में ब्लैक बॉक्स भी नहीं था जिससे दुर्घटना के समय असल में क्या हुआ था इसको जाना सकता था.

होमेंडी कहती हैं एनटीएसबी की गाइडलाइन के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में इन दोनों उपकरणों को लगाया जाना जरुरी था. 2016 में ब्रायंट ने एनबीए से रिटायरमेंट लिया था. वो इस हेलीकॉप्टर में अपनी 13 साल की बेटी जियाना के साथ अपनी खेल अकादमी जा रहे थे. वो अपनी बेटी की टीम को टूर्नामेंट के लिए कोचिंग दे रहे थे. इस हादसे में जियाना के टीममेट और उनके अभिभावक भी मारे गए हैं.

एसबी/एमजे (रॉयटर्स)

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