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एएफडी की जीत को लेकर जर्मनी में चिंता बढ़ी

विवेक कुमार डीपीए, रॉयटर्स, एएफपी
७ जून २०२६

पूर्वी जर्मनी में स्थानीय चुनावों से पहले दक्षिणपंथी एएफडी की मजबूत स्थिति और बढ़ते जनसमर्थन ने मुख्यधारा की पार्टियों की चिंता बढ़ा दी है.

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मैक्लेनबुर्ग फोरपोमेरन में एएफडी का कार्यक्रम
जर्मनी के पूर्वी राज्यों में एएफडी की स्थिति बहुत मजबूत हो गई है.तस्वीर: Bernd Wüstneck/dpa/picture alliance

पूर्वी जर्मनी में आम तौर पर कम ध्यान खींचने वाले स्थानीय चुनाव इस बार राष्ट्रीय राजनीति का अहम केंद्र बन गए हैं. सैक्सनी अनहाल्ट, थुरिंजिया और ब्रांडेनबुर्ग के कई जिलों में धुर-दक्षिणपंथी पार्टी ऑल्टरनेटिव फॉर डॉयचलैंड यानी एएफडी मजबूत दावेदारी पेश कर रही है. इसके साथ ही हालिया जनमत सर्वेक्षणों में पार्टी को चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स के सत्तारूढ़ सीडीयू सीएसयू गठबंधन से स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है.

सैक्सनी अनहाल्ट के जालेक्राइस, थुरिंजिया के जालफेल्ड रुडोलश्टाट और ब्रांडेनबुर्ग के ओस्टप्रिग्निट्स रुप्पिन जिलों में एएफडी ने जिला प्रशासक यानी लांडराट पद के लिए मजबूत उम्मीदवार उतारे हैं. वहीं, सैक्सनी के आउए बाड श्लेमा शहर में और भी कट्टर मानी जाने वाली फ्री सैक्सन्स पार्टी के उम्मीदवार मेयर पद के लिए रनऑफ में पहुंच गए हैं और पहले दौर में सबसे आगे रहे थे.

एएफडी के पास फिलहाल थुरिंजिया के जोनेबुर्ग जिले में एक लांडराट पद पहले से है. अगर पार्टी दूसरी सीट जीतती है तो इसे एक और महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलता माना जाएगा. आईएनएसए सर्वेक्षण के अनुसार एएफडी को राष्ट्रीय स्तर पर 29 प्रतिशत समर्थन मिल रहा है, जबकि चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स का कंजर्वेटिव सीडीयू-सीएसयू गठबंधन केवल 21 प्रतिशत पर है.

पर्यावरणवादी ग्रीन पार्टी को 14 प्रतिशत समर्थन मिला है. इसके बाद सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी 12 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर और वामपंथी लेफ्ट पार्टी 11 प्रतिशत समर्थन पर रही. सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि 77 प्रतिशत लोग चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स के कामकाज से असंतुष्ट हैं. यह अप्रैल की तुलना में छह प्रतिशत अधिक है.

बड़े चुनावों से पहले परीक्षा

जालफेल्ड रुडोलश्टाट में एएफडी के उम्मीदवार और राज्य सांसद थोमास बेनिंगहाउस पार्टी के सबसे कट्टर दक्षिणपंथी गुट से जुड़े हैं, जिसका नेतृत्व ब्योर्न होके करते हैं. थुरिंजिया, सैक्सनी अनहाल्ट और ब्रांडेनबुर्ग में एएफडी की राज्य इकाइयों को जर्मन खुफिया एजेंसियों ने दक्षिणपंथी उग्रवादी समूहों के रूप में निगरानी में रखा है.

इन चार चुनावों को सितंबर में होने वाले प्रमुख पूर्वी राज्य चुनावों से पहले एक अहम परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है. सैक्सनी अनहाल्ट में 6 सितंबर और मैकलेनबुर्ग वेस्टर्न पोमेरानिया में 20 सितंबर को चुनाव होने हैं. सर्वेक्षणों से संकेत मिल रहे हैं कि इन दोनों राज्यों में एएफडी पहली बार सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है.

मैर्त्स ने शनिवार को एएफडी की संभावित राजनीतिक सफलता को लेकर चेतावनी दी. मैकलेनबुर्ग वेस्टर्न पोमेरानिया में पार्टी सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दांव पर केवल किसी सरकार का भविष्य नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा दल पर्याप्त अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए तो एक बड़ा राजनीतिक विस्फोट हो सकता है.

सैक्सनी अनहाल्ट में फिलहाल सीडीयू की सरकार है, जबकि मैकलेनबुर्ग वेस्टर्न पोमेरानिया में एसपीडी सत्ता में है. लेकिन दोनों राज्यों में हालिया सर्वेक्षणों में एएफडी को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है.

धुरदक्षिणपंथी संगठनों पर छापे

इस राजनीतिक माहौल के बीच जर्मन पुलिस ने बीते बुधवार को देशभर में धुरदक्षिणपंथी युवा संगठनों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया. संघीय अभियोजकों के अनुसार पुलिस ने दो संगठनों, डॉयचे यूगेंड फोरान और युंग उंड श्टार्क से जुडे 36 संदिग्धों के घरों पर छापेमारी की.

करीब 600 पुलिसकर्मियों ने 12 संघीय राज्यों में लगभग 50 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया. अभियोजकों का कहना है कि इन संगठनों की जांच आपराधिक संगठन बनाने के आरोप में की जा रही है. जांच एजेंसियों के मुताबिक संदिग्धों में अधिकतर युवा और कम उम्र के वयस्क हैं, जिनमें कुछ पहले से हिंसक गतिविधियों के लिए जाने जाते रहे हैं. अभियोजकों ने कहा कि कुछ आरोपियों ने वामपंथी समूहों के सदस्यों या उन लोगों पर हमला किया जिनके बारे में उन्हें संदेह था कि वे बाल यौन अपराधों से जुड़े हैं. इन हमलों में पीड़ितों को कई लोगों ने मिलकर पीटा और उन्हें गंभीर चोटें आईं.

जर्मनी: चार साल में दोगुने कैसे हुए एएफडी के वोट

डॉयचे यूगेंड फोरान पर क्रिस्टोफर स्ट्रीट डे कार्यक्रमों को बाधित करने के लिए कई कार्रवाइयों के आयोजन का भी आरोप है. यह संगठन और युंग उंड श्टार्क दोनों 2024 के मध्य में उभरे थे और तब से जर्मन सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में हैं. दोनों संगठनों को हिंसक प्रवृत्ति वाला माना जाता है. कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अनुमान है कि दोनों संगठनों के कई सौ सदस्य हैं. दोनों संगठन देशभर में सक्रिय हैं, हालांकि डॉयचे यूगेंड फोरान का मुख्य आधार बर्लिन और ब्रांडेनबुर्ग क्षेत्र माना जाता है.

 

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