जर्मनी का फॉक्सवैगन ग्रुप रवांडा यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर स्थानीय समुदायों के लिए एक ई-ट्रैक्टर बना रहा है. यह ट्रैक्टर बैटरी से चलेगा, जिसे सौर ऊर्जा से चार्ज किया जाएगा. रिसर्च कर रही टीम इस चलाने और रखरखाव के लिहाज से आसान और सस्ता बनाना चाहती है ताकि ज्यादा से ज्यादा अफ्रीकी इसका खर्चा उठा सकें.