ई-रिक्शा बना महिलाओं का स्वरोजगार | मल्टीमीडिया | DW | 25.05.2022

डीडब्ल्यू की नई वेबसाइट पर जाएं

dw.com बीटा पेज पर जाएं. कार्य प्रगति पर है. आपकी राय हमारी मदद कर सकती है.

  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

मल्टीमीडिया

ई-रिक्शा बना महिलाओं का स्वरोजगार

करोड़ों भारतीय यातायात के लिए ई-रिक्शा पर निर्भर हैं. ई-रिक्शा प्रदूषण फैलाने वाले डीजल या पेट्रोल ऑटोरिक्शा का बेहतर विकल्प है. प्रयागराज में यह महिलाओं के स्वरोजगार का साधन बना है और यह समाज समस्याओं को नए नजरिये से निपटने में मदद कर रहा है. देखिए यह खास रिपोर्ट.

वीडियो देखें 06:28