ट्रंप को मेल इन सिस्टम से चुनाव में धांधली का डर! | दुनिया | DW | 31.07.2020
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

ट्रंप को मेल इन सिस्टम से चुनाव में धांधली का डर!

ट्रंप ने ट्वीट कर दावा किया है कि नवंबर में होने वाले चुनाव में मेल इन बैलेट से फर्जीवाड़ा हो सकता है. ट्रंप का कहना है कि वह चुनाव में देरी नहीं चाहते हैं लेकिन वे संभावित समस्याओं के बारे में चिंतित हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को सुझाव दिया कि इस साल नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव टाल दिए जाए. ट्रंप ने कहा चुनाव में मेल इन सिस्टम (चिट्ठी के जरिए वोटिंग ) से मतदान होना है. उनके मुताबिक ऐसे में यह अमेरिका के इतिहास के सबसे "गलत और फर्जी" चुनाव होंगे. ट्रंप ने नवंबर में होने वाले चुनाव को लेकर ट्वीट किया, "यूनिवर्सल मेल इन वोटिंग से 2020 का चुनाव इतिहास का सबसे ज्यादा गलत और धोखाधड़ी वाला साबित होगा. यह अमेरिका के लिए बड़ी शर्मिंदगी होगी. चुनाव कराने में तब तक देरी करें, जब तक लोग सुरक्षित और सही तरीके से मतदान करने में सक्षम न हो जाएं?"

इस विचार को उठाने के बाद ट्रंप को विरोध का सामना करना पड़ा. कांग्रेस में रिपब्लिकंस ने ही इस विचार का विरोध कर डाला. अपने ट्वीट के बाद गुरुवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप अपने ही ट्वीट से पीछे हटते नजर आए. उन्होंने कहा, "क्या मैं तारीख में बदलाव चाहता हूं, नहीं. लेकिन मैं चुनाव में धांधली नहीं देखना चाहता हूं." चुनाव को लेकर ट्रंप की टिप्पणी उस वक्त आई है जब गुरुवार को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के अप्रैल और जून के बीच 32.9 फीसदी सिकुड़ने की रिपोर्ट दर्ज की गई. 1947 के बाद यह सबसे खराब गिरावट है.

अमेरिका के संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति के पास चुनाव की तारीख बदलने की शक्तियां नहीं है. संविधान के मुताबिक यह शक्ति अमेरिकी कांग्रेस के पास है. तारीख बदलवाने के लिए ट्रंप को संसद के दोनों सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटिटिव और सीनेट से बिल मंजूर कराना होगा. सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है लेकिन निचले सदन में डेमौक्रैट्स के पास बहुमत है. लेकिन ट्रंप के पिछले ट्वीट्स और कथित चुनावी धोखाधड़ी के बारे में टिप्पणियों से ऐसा संकेत मिलता है कि वे चुनाव के नतीजे स्वीकार नहीं करेंगे. जो बाइडेन और अन्य डेमोक्रैट्स कह चुके हैं कि वह मतदाताओं और चुनाव को सुरक्षित करने के लिए जुटे हुए हैं. कोरोना वायरस महामारी के बाद से ही ट्रंप मेल इन सिस्टम से मतदान की वैधता पर संदेह जताते रहे हैं. मेल इन सिस्टम मतदान से अधिक धोखाधड़ी होगी के उनके दावे की पुष्टि नहीं हुई है.

सीनेट में बहुमत के नेता मिच मैककोनेल और हाउस ऑफ रिप्रेंजेंटेटिव के केविन मैकार्थी ने चुनाव टालने के विचार पर असहमति जाहिर की है. मैकार्थी ने कहा, "संघीय चुनावों के इतिहास में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि चुनाव नहीं हुआ. हमें चुनाव को लेकर आगे बढ़ना चाहिए." अमेरिका में तीन नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है. चुनाव में ट्रंप को डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन चुनौती दे रहे हैं. एक नए सर्वे के मुताबिक 70 फीसदी अमेरिकी मतदाता नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में महामारी के डर से मेल इन सिस्टम से मतदान के पक्ष में है.

एए/सीके (एएफपी, रॉयटर्स)

__________________________

हमसे जुड़ें: Facebook | Twitter | YouTube | GooglePlay | AppStore

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन