1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

ईरानी सुप्रीम लीडर का ट्रंप को जवाब, नहीं करेंगे आत्मसमर्पण

प्रकाशित १८ जून २०२५आखिरी अपडेट १८ जून २०२५

पिछले शुक्रवार को इस्राएल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद से यह ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का पहला सार्वजनिक बयान है.

https://p.dw.com/p/4w7Hx
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई की फाइल फोटो
पिछले शुक्रवार को इस्राएल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद से खामेनेई ने अपना पहला सार्वजनिक बयान दिया हैतस्वीर: Office of the Iranian Supreme Leader/WANA/REUTERS
आपके लिए अहम जानकारी को स्किप करें
जर्मन चांसलर के 'डर्टी वर्क' वाले बयान पर जर्मनी में विरोध को स्किप करें
१८ जून २०२५

जर्मन चांसलर के 'डर्टी वर्क' वाले बयान पर जर्मनी में विरोध

कनाडा में जी7 की बैठक के दौरान बोलते जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स
इस्राएल-ईरान संघर्ष को लेकर दिए जर्मन चांसलर के एक बयान पर विवाद हो गया है तस्वीर: IMAGO/dts Nachrichtenagentur

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स के एक बयान को लेकर जर्मनी के अंदर ही विवाद खड़ा हो गया है. जर्मन चांसलर ने कनाडा में जी7 बैठक के दौरान इस्राएल-ईरान संघर्ष को लेकर कहा था कि इस्राएल पश्चिमी देशों के लिए गंदा काम यानी डर्टी वर्क कर रहा है. इसपर कई जर्मन नेताओं ने विरोध जताया है. बयान का विरोध करने वालो में मैर्त्स की सरकार के सहयोगी दल भी शामिल हैं. 

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी यानी एसपीडी के सदस्य राल्फ श्टेग्नर ने श्पीगल पत्रिका से कहा, "यह बयान अजीब से भी ज्यादा अजीब है कि चांसलर कहें कि इस्राएल हमारी ओर से ईरान में घटिया काम को अंजाम दे रहा है." राल्फ श्टेग्नर ने कहा कि जर्मनी के किसी प्रतिनिधि का मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच सार्वजनिक रूप से राहत का इजहार करना पूरी तरह से गलत है.

राल्फ के अलावा, द लेफ्ट पार्टी की जोरेन पेलमन ने जर्मन चांसलर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों को दरकिनार करने का आरोप लगाया. वहीं ग्रीन पार्टी की ओर से मैर्त्स के शब्दों के चयन को खराब कहा गया. 

भीषण मोड़ लेता ईरान-इस्राएल संघर्ष

https://p.dw.com/p/4w9Kr
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने से प्रभावित हुए 14 हजार यात्री को स्किप करें
१८ जून २०२५

इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने से प्रभावित हुए 14 हजार यात्री

इंडोनेशिया में फटे ज्वालामुखी लाकी-लाकी की तस्वीर
इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि ज्वालामुखी के चलते आसपास के दो अन्य एयरपोर्ट भी अस्थायी रूप से बंद किए गएतस्वीर: AFP

एक ज्वालामुखी के फटने की वजह से बुधवार को इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर आने-जाने वाली दर्जनों उड़ानों को रद्द कर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि 1,584 मीटर ऊंचा लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी मंगलवार को फट गया और उसमें से निकली राख आसमान में 10 किलोमीटर दूर तक फैल गई. पूर्वानुमान लगाया जा रहा है कि बुधवार रात तक आसमान राख के बादलों से साफ हो सकता है. 

यह ज्वालामुखी ईस्ट नुसा टेंगारा प्रांत में स्थित है. इससे निकलने वाली राख के चलते जेटस्टार और वर्जिन ऑस्ट्रेलिया की कई उड़ानें रद्द कर दी गईं. बाली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने वेबसाइट पर बताया कि एयर इंडिया और एयर न्यूजीलैंड के अलावा सिंगापुर और चीन की एयरलाइनों ने भी ज्वालामुखी के चलते अपनी उड़ानें रद्द कीं. 

इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि इसके चलते आसपास के दो अन्य एयरपोर्ट भी अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं. उनके मुताबिक, ज्वालामुखी के चलते फ्लाइट रद्द होने या उनमें देरी होने के चलते लगभग 14,000 यात्री प्रभावित हुए हैं. ज्वालामुखी के पास के एक गांव को भी खाली करवा लिया गया है. 

https://p.dw.com/p/4w9Gz
रूस ने दी धमकी, सीधे इस्राएल-ईरान संघर्ष में ना कूदे अमेरिका को स्किप करें
१८ जून २०२५

रूस ने दी धमकी, सीधे इस्राएल-ईरान संघर्ष में ना कूदे अमेरिका

इस्राएली हमले के बाद तेहरान के ऊपर आसमान में उठता धुएं का बादल
ईरान के सुप्रीम लीडर के बाद रूस की ओर से भी अमेरिका को संघर्ष में सीधे शामिल ना होने की धमकी दी गई हैतस्वीर: Fatemeh Bahrami/Anadolu/picture alliance

रूस ने अमेरिका को धमकी दी है कि वह ईरान के खिलाफ हमलों में इस्राएल की ओर से सीधे तौर पर शामिल ना हो. रूसी न्यूज एजेंसी इंटरफैक्स के मुताबिक, रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा, "यह कदम पूरी व्यवस्था को गंभीर रूप से अस्थिर कर देगा." 

सर्गेई रयाबकोव ने कहा कि अमेरिका के इसमें शामिल होने का अनुमान भर भी बहुत घातक है. रूस ने ईरान पर इस्राएल की ओर से किए गए हमलों की कड़े शब्दों में आलोचना की है और कहा है कि इस्राएली नेतृत्व दुनिया को एक परमाणु विध्वंस की ओर ले जा रहा है.

रूस और ईरान अच्छे सहयोगी माने जाते हैं और ईरान मध्य-पूर्व में रूस का अहम साझीदार रहा है. ईरान पर इस्राएल के हमले बुधवार को भी जारी रहे. इस बीच दुनिया को इंतजार है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का इस तनाव के बीच अगला कदम क्या होगा.

https://p.dw.com/p/4w9Ap
सरकारी एयरलाइन पीआईए को बेचना चाह रहा है पाकिस्तान को स्किप करें
१८ जून २०२५

सरकारी एयरलाइन पीआईए को बेचना चाह रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तानी इंटरनेशनल एयरलाइंस के एक विमान की फाइल फोटो
पाकिस्तानी इंटरनेशनल एयरलाइंस का निजीकरण पिछले दो दशकों में पाकिस्तान का सबसे बड़ा निजीकरण होगातस्वीर: Markus Mainka/picture alliance

पाकिस्तान अपनी सरकारी एयरलाइन, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) को बेचना चाहता है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान के दो बड़े व्यावसायिक समूह और पाकिस्तानी सेना द्वारा समर्थित एक कंपनी पीआईए के लिए बोली लगाएगी. 

पीआईए का बिकना पिछले दो दशकों में पाकिस्तान में सबसे बड़ा निजीकरण होगा. सरकार को उम्मीद है कि इसके बाद सरकारी उद्यमों के निजीकरण का सिलसिला शुरू हो जाएगा. दरअसल, इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज देते समय शर्त रखी थी कि उसे घाटे में चल रहे सरकारी उद्यमों को बेचना होगा. 

सरकार ने पिछले साल भी एयरलाइन में अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी लेकिन एयरलाइन की खराब हालत और बिक्री के साथ जुड़ी शर्तों के चलते ऐसा नहीं हो सका था. लेकिन पिछले साल एयरलाइन का पुनर्गठन किया गया. इसके 80 फीसदी पुराने कर्ज को सरकार को सौंप दिया गया ताकि इसे निवेशकों के लिए और आकर्षक बनाया जाए. 

जानकारों का कहना है कि इस बार कर प्रोत्साहन के जरिए डील को बेहतर बनाया गया है और पीआईए की माली हालत में सुधार होने के भी संकेत मिले हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, एयरलाइन में 100 फीसदी तक की हिस्सेदारी खरीदने के लिए गुरुवार तक ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ देना है यानी एयरलाइन खरीदने में अपनी दिलचस्पी जतानी है. 

https://p.dw.com/p/4w9A7
जर्मन विदेश मंत्री का ईरान को संदेश, बातचीत के लिए अब भी नहीं हुई देर को स्किप करें
१८ जून २०२५

जर्मन विदेश मंत्री का ईरान को संदेश, बातचीत के लिए अब भी नहीं हुई देर

जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफूल की फाइल फोटो
जर्मनी के विदेश मंत्री ने कहा है कि इस्राएल और ईरान के बीच तनाव को अब भी बातचीत से शांत किया जा सकता हैतस्वीर: Hannes P Albert/dpa/picture alliance

जर्मनी के विदेश मंत्री ने ईरान के नेता से कहा है कि वे इस बात का विश्वसनीय भरोसा दें कि ईरान परमाणु हथियार नहीं चाह रहा है और बातचीत के जरिए मामले के हल की इच्छा दिखाएं. इस्राएल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफूल ने यह बात कही है. 

योहान वाडेफूल ने कहा, "हम अब भी हल तक पहुंचने की बातचीत करने को तैयार हैं. हालांकि, ईरान को जल्दी दिखानी चाहिए... बातचीत की मेज पर आने में कभी भी बहुत देर नहीं होती है, अगर किसी की मंशा सही हो तो." वाडेफूल ने जब यह बातें कहीं तो उनके साथ ही मंच पर जॉर्डन के विदेश मंत्री भी मौजूद थे. वहीं, रूस और यूएई की ओर से इस्राएल-ईरान संघर्ष को तुरंत खत्म कर कूटनीतिक प्रयास किए जाने की बात कही गई है. 

इस बीच इस्राएल की सेना ने कहा है कि उसने अब तक ईरान में एक हजार से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है. इस्राएल के प्रवक्ता एफी देफ्रिन ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए एक वीडियो में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस्राएल की सेना व्यवस्थित तरीके से काम करते हुए ईरान के परमाणु खतरे को खत्म कर रही है और इसने काफी नुकसान पहुंचाया है. 

https://p.dw.com/p/4w92T
सुरक्षाबलों ने किया शीर्ष माओवादियों को मारने का दावा को स्किप करें
१८ जून २०२५

सुरक्षाबलों ने किया शीर्ष माओवादियों को मारने का दावा

झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ एक ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों की तस्वीर, फाइल फोटो
पुलिस ने बताया है कि आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर यह अभियान चलाया गयातस्वीर: ANI Photo

आंध्र प्रदेश में बुधवार को सुरक्षाबलों ने तीन माओवादियों का मारने का दावा किया है. अल्लूरी सीताराम राजू जिले में इस अभियान को अंजाम दिया गया. पुलिस को संदेह है कि मारे गए माओवादियों में गजरला रवि उर्फ उदय और रवि वेंकट चैतन्य उर्फ अरूणा शामिल है. उदय प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सदस्य है. वहीं, अरूणा भी संगठन की शीर्ष नेताओं में शामिल है. 

जिले के पुलिस अधीक्षक अमित बरदर ने कहा, “हमने एके-47 बंदूकें बरामद की हैं और फॉर्मेशन के आधार पर हमें लग रहा है कि ये वही थे.” पुलिस ने बताया है कि आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर यह अभियान चलाया गया. द हिंदू की खबर के मुताबिक, माओवादियों और राज्य पुलिस विभाग की प्रतिष्ठित एंटी नक्सल स्क्वाड के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें दो महिला माओवादी समेत तीन माओवादियों की मौत हो गई. 
 

https://p.dw.com/p/4w8nI
रफाएल बनाने वाली कंपनी भारत में बनाएगी फाल्कन जेट को स्किप करें
१८ जून २०२५

रफाएल बनाने वाली कंपनी भारत में बनाएगी फाल्कन जेट

दो राफेल लड़ाकू जेट, फाइल फोटो
रफाएल बनाने वाली कंपनी ने भारत में फाल्कन जेट बनाने की घोषणा की हैतस्वीर: ECPAD/ABACAPRESS.COM/picture alliance

रफाएल लड़ाकू विमान बनाने वाली फ्रांस की कंपनी दसां एविएशन भारत में रिलायंस समूह के साथ मिलकर फाल्कन 2000 एलएक्सएस बिजनेस एग्जीक्यूटिव जेट बनाएगी. कंपनी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, दसां एविएशन और रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर लिमिटेड (आरएएल) ने बुधवार को पेरिस एयर शो में इससे जुड़े समझौते की घोषणा की. रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर लिमिटेड अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी है. 

इन दोनों कंपनियों के संयुक्त उद्यम, दसां रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (डीआरएएल) को 2017 में स्थापित किया गया था. इसके तहत, महाराष्ट्र के नागपुर में एक अत्याधुनिक विनिर्माण केंद्र बनाया गया है, जहां फाल्कन 2000 विमानों के अलग-अलग हिस्से बनाए जा रहे हैं. हालांकि, अब ऐसा पहली बार होगा कि पूरा फाल्कन 2000 विमान फ्रांस के बाहर बनाया जाएगा. ये विमान वैश्विक बाजार के लिए बनाए जाएंगे. 

भारत में बने पहले फाल्कन 2000 विमान के साल 2028 तक उड़ान भरने की उम्मीद है. दसां एविएशन के चेयरमैन और सीईओ एरिक ट्रेपियर ने कहा है कि यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की उनकी दृढ़ मंशा को दिखाता है और वैश्विक एयरोस्पेस आपूर्ति श्रंखला में एक प्रमुख साझेदार के रूप में भारत की पहचान को बढ़ावा देता है. 

https://p.dw.com/p/4w8j8
एर्दोआन ने कहा, ईरान के पास अपनी रक्षा का जायज अधिकार को स्किप करें
१८ जून २०२५

एर्दोआन ने कहा, ईरान के पास अपनी रक्षा का जायज अधिकार

तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन की फाइल फोटो
एक दिन पहले एर्दोआन, "इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू को इलाके की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा" भी बता चुके हैंतस्वीर: Remo Casilli/REUTERS

तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन ने बुधवार को कहा है कि इस्राएल की ओर से लगातार जारी बमबारी के बीच ईरान के पास अपनी रक्षा का जायज अधिकार है. यह लगातार छठवां दिन है, जब इस्राएल ने ईरान पर बमबारी की है. 

तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन ने कहा, "यह ईरान का इस्राएल की बदमाशियों और देश की ओर से जारी आतंकवाद से अपनी रक्षा के लिए बेहद सामान्य, तर्कसंगत और कानूनी अधिकार है." 

इससे पहले मंगलवार को एर्दोआन, "इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू को इलाके की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा" भी बता चुके हैं. तुर्की भी यूरोप और उत्तरी अमेरिका के देशों के सुरक्षा संगठन नाटो का सदस्य है. 

क्या तुर्की बनेगा यूरोप का नया रक्षक?

https://p.dw.com/p/4w8e3
ईरानी सुप्रीम लीडर का ट्रंप को जवाब, नहीं करेंगे आत्मसमर्पण को स्किप करें
१८ जून २०२५

ईरानी सुप्रीम लीडर का ट्रंप को जवाब, नहीं करेंगे आत्मसमर्पण

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई की फाइल फोटो
पिछले शुक्रवार को इस्राएल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद से खामेनेई ने अपना पहला सार्वजनिक बयान दिया हैतस्वीर: Office of the Iranian Supreme Leader/WANA/REUTERS

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने बुधवार को ईरान के सरकारी टीवी पर जारी एक बयान में कहा कि ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से बिना किसी शर्त आत्मसमर्पण करने की मांग को स्वीकार नहीं करता है. 

यह पिछले शुक्रवार को इस्राएल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद से खामेनेई का पहला सार्वजनिक बयान है. खामेनेई ने कहा है कि शांति और युद्ध इस्लामिक गणतंत्र पर थोपे नहीं जा सकते हैं. 

खामेनेई ने कहा, "जो समझदार लोग ईरान को जानते हैं, ईरानी राष्ट्र को जानते हैं और इसके इतिहास को जानते हैं, वो कभी इस राष्ट्र से धमकी की भाषा में बात नहीं करेंगे क्योंकि ईरानी राष्ट्र आत्मसमर्पण नहीं करेगा."खामेनेई ने यह भी कहा अमेरिकियों को पता होना चाहिए कि अमेरिकी सेना का कोई भी दखल निस्संदेह ऐसे नुकसान करेगा, जिनकी भरपाई नहीं हो सकती. 

ईरान पहले ही अमेरिका को बता चुका है कि यह अमेरिका के किसी भी सीधे दखल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा. 

क्या अयातोल्लाह को खत्म करने का प्लान बना चुका था इस्राएल

https://p.dw.com/p/4w8cI
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए खास दो यूनिटों को इस्राएल ने किया नष्ट को स्किप करें
१८ जून २०२५

ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए खास दो यूनिटों को इस्राएल ने किया नष्ट

नतांज की परमाणु इकाई की तस्वीर, जहां नए सेंट्रीफ्यूज लगे हैं
नतांज की परमाणु इकाई की इस पुरानी तस्वीर में आईआर6 सेंट्रीफ्यूज देखे जा सकते हैं

इस्राएली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान में दो ऐसी इकाइयों को नुकसान पहुंचाया है, जहां सेंट्रीफ्यूज के पुर्जे बनाए जाते हैं. ये ऐसी मशीनें होती हैं, जिन्हें यूरेनियम के संवर्धन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. परमाणु निगरानी के लिए संयुक्त राष्ट्र की संस्था आईएईए ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी है. 

आईएईए ने इन इकाइयों की पहचान टेसा कराज वर्कशॉप और तेहरान रिसर्च सेंटर के तौर पर की है. आईएईए ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "तेहरान में एक इमारत को निशाना बनाया गया, जहां आधुनिक सेंट्रीफ्यूज रोटर बनाए और टेस्ट किए जाते थे. दो इमारतों को नष्ट कर दिया गया, जहां अलग-अलग तरह के सेंट्रीफ्यूज पुर्जे बनाए जाते थे."

https://p.dw.com/p/4w8ZR
अमेरिका में गिरकर मरने वाले बुजुर्गों की संख्या बढ़ी को स्किप करें
१८ जून २०२५

अमेरिका में गिरकर मरने वाले बुजुर्गों की संख्या बढ़ी

पैरों में चप्पल पहने और चलने की छड़ी लिए हुए एक बुजुर्ग
अमेरिका में अब ज्यादा बुजुर्गों की मौत गिरने की वजह से हो रही हैतस्वीर: DW

अमेरिका में ऐसे बुजुर्गों की संख्या बढ़ी है, जिनकी मौत गिरने से हुई. अमेरिका की एक संघीय रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है. गिरने से मरने वाले बुजुर्गों में ज्यादातर संख्या गोरे लोगों की है. 

रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2003 से 2023 के बीच 65 से 74 साल के बुजुर्गों की गिरने से होने वाली मौतों में 70 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. जबकि 75 से 84 साल के बुजुर्गों की गिरने से होने वाली मौतों का आंकड़ा 75 फीसदी तक बढ़ा है. इनके अलावा 85 साल से ऊपर के बुजुर्गों की गिरने से होने वाली मौतों की संख्या भी इन वर्षों के दौरान दोगुनी हो गई है. 

इस स्टडी में शामिल रहे यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के रिसर्चर ज्यॉफ्री हॉफमान ने कहा है, "गिरना, ऐसी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है, जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए. इस दर को बढ़ते देखना अजीब बात है." 

अमेरिका में साल 2023 में रिटायरमेंट की उम्र के 41 हजार से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों की मौत हुई थी. इन आंकड़ों के मुताबिक उस साल हर 56 में से एक बुजुर्ग की मौत गिरने से हुई थी और गिरने से मरने वाले 41 हजार बुजुर्गों में से आधे से ज्यादा की उम्र 85 साल या उससे ज्यादा थी. साथ ही इनमें से 87 फीसदी लोग गोरे थे. 108 साल की हाकोइशी ने कहा, 110 तक काम करूंगी. 

https://p.dw.com/p/4w8Yu
भारी टोल टैक्स से मुक्ति, गडकरी ने की ₹3,000 में सालाना पास की घोषणा को स्किप करें
१८ जून २०२५

भारी टोल टैक्स से मुक्ति, गडकरी ने की ₹3,000 में सालाना पास की घोषणा

भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की फाइल फोटो
नितिन गडकरी ने टोल टैक्स को लेकर एक बड़ी योजना का ऐलान किया है तस्वीर: imago/ZUMA Press

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि 3,000 रुपये की कीमत वाला फास्टैग आधारित सालाना पास शुरू किया जाएगा. यह पास चालू होने की तारीख से लेकर अगले एक साल तक या 200 यात्राएं पूरी होने तक वैध रहेगा. यह पास विशेष रूप से गैर-वाणिज्यिक वाहनों जैसे कार, जीप और वैनों के लिए होगा. गडकरी ने बताया है कि इस साल 15 अगस्त से इस पास की शुरुआत होगी. 

गडकरी ने एक्स पर लिखा कि सालाना पास की मदद से देश भर के राजमार्गों पर बिना किसी गतिरोध के और कम कीमत में यात्रा की जा सकेगी. उन्होंने आगे लिखा कि सालाना पास का उद्देश्य टोल प्लाजा पर इंतजार का समय घटाकर, भीड़ कम करके और विवादों में कमी लाकर लाखों निजी वाहन मालिकों को तेज और आरामदायक यात्रा का अनुभव देना है. 

https://p.dw.com/p/4w8LA
12 से 17 जून के बीच एयर इंडिया की 83 फ्लाइट रद्द हुईं को स्किप करें
१८ जून २०२५

12 से 17 जून के बीच एयर इंडिया की 83 फ्लाइट रद्द हुईं

मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा एयर इंडिया का विमान
अहमदाबाद में हुई विमान हादसे के बाद से ही एयर इंडिया कई चुनौतियों का सामना कर रही हैतस्वीर: Indranil Mukherjee/AFP/Getty Images

भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बताया है कि 12 से 17 जून के बीच एयर इंडिया की 83 फ्लाइट रद्द हुईं. इनमें से 66 फ्लाइट, बोइंग 787 विमानों की थीं. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मौजूदा समय में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर हर रोज एक हजार से ज्यादा फ्लाइटों का संचालन करती हैं. डीजीसीए ने इन दोनों एयरलाइनों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक भी की है.

डीजीसीए ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि एयर इंडिया के बोइंग 787 विमानों के बेड़े की जांच में कोई बड़ी सुरक्षा चिंता सामने नहीं आई है. “विमान और उनसे जुड़ी रखरखाव की प्रणालियां, मौजूदा सुरक्षा मानकों का पालन करती हुई पाई गई हैं.” दरअसल, एयर इंडिया के पास 33 बोइंग 787 विमान हैं. डीजीसीए ने इनकी सुरक्षा जांच का आदेश दिया था. 17 जून तक इनमें से 24 विमानों की जांच पूरी हो चुकी थी. 

ईरान-इस्राएल संघर्ष के चलते कई हवाई क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं. इसके चलते बहुत सारी उड़ानों के मार्ग बदले गए हैं, उनमें देरी हुई है और कई फ्लाइट रद्द भी हुई हैं. डीजीसीए ने एयरलाइनों से कहा है कि उन्हें फ्लाइट के रद्द होने या देरी होने की सूचना यात्रियों को "काफी पहले" देनी होगी. इसके अलावा, व्यवधान कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की रणनीति को अपनाना होगा. 

https://p.dw.com/p/4w89P
इस्राएल ने फिर किया हमला, अब तक ईरान में मारे गए 585 लोग को स्किप करें
१८ जून २०२५

इस्राएल ने फिर किया हमला, अब तक ईरान में मारे गए 585 लोग

ईरानी टीवी प्रजेंटर सहर इमामी का तेहरान के एक चौक पर लगा पोस्टर
तेहरान के एक चौक पर टीवी प्रजेंटर सहर इमामी का पोस्टर लगाया गया है, उन्हें लाइव समाचार कार्यक्रम के दौरान इस्राएली हमलों का शिकार बनने के बाद काफी प्रशंसा मिली है तस्वीर: Fatemeh Bahrami/Anadolu/picture alliance

इस्राएल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हमले और तेज कर दिए हैं. बुधवार को तेहरान में तड़के सुबह फिर से धमाकों की आवाज सुनी गई. इस्राएल ने भी माना है कि उसके 50 फाइटर जेटों ने तेहरान पर हमला किया है. अब तक इस्राएल के हमलों से ईरान में 585 लोगों की मौत हुई है. वहीं 1,326 लोग घायल हुए हैं. 

ईरान की राजधानी तेहरान को छोड़ बड़ी संख्या में लोग अन्य जगहों पर जा रहे हैं. ईरान की सरकार ने देश में इस्राएल के हमलों में होने वाली मौतों का आंकड़ा देना बंद कर दिया है. यह आंकड़े वॉशिंगटन स्थित एक मानवाधिकार संगठन की ओर से जारी किए गए हैं. 

इस मानवाधिकार संगठन ने बताया है कि अब तक इस्राएली हमलों में मारे गए 585 लोगों में से 239 लोगों की पहचान सामान्य नागरिक के तौर पर हुई है. जबकि 126 लोग, सुरक्षा बलों के सदस्य थे. इसी समूह ने साल 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान में हुए बड़े स्तर के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों के आंकड़े भी मुहैया कराए थे. संगठन अपने नेटवर्क के कई सूत्रों के जरिए इन आंकड़ों को इकट्ठा करता है. 

https://p.dw.com/p/4w7rR
गुजरात में बारिश से 18 लोगों की मौत को स्किप करें
१८ जून २०२५

गुजरात में बारिश से 18 लोगों की मौत

Indien Ahmedabad 2022 | Monsunregen sorgt für Überschwemmungen
तस्वीर: Ajit Solanki/AP/picture alliance

गुजरात में 16 और 17 जून को बारिश संबंधी घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गई. राज्य के अधिकारियों ने मंगलवार देर शाम बताया कि बचावकर्मियों ने निचले इलाकों से दर्जनों लोगों को बचाया है. अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के सभी जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है. 

राज्य के आपदा राहत आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने बताया कि आंधी-तूफान, बिजली गिरने और खराब मौसम के चलते घर गिरने के चलते 18 लोगों की मौत हुई. उन्होंने कहा कि राज्य स्थिति को संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार है और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है. 

आलोक कुमार ने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में हुई भारी बारिश के मुद्दे पर बैठक बुलाई है और 25 जिलों के कलेक्टरों से बात की है. इस दौरान, पटेल ने जिला कलेक्टरों को ऐसे कदम उठाने के निर्देश दिए जिनसे बारिश संबंधी घटनाओं में जान-माल का नुकसान कम से कम हो. 

https://p.dw.com/p/4w7qX
और पोस्ट दिखाएं
आदर्श शर्मा
आदर्श शर्मा डीडब्ल्यू हिन्दी के साथ जुड़े आदर्श शर्मा भारतीय राजनीति, समाज और युवाओं के मुद्दों पर लिखते हैं.