जोश है! भारतीय कंपनी वर्स को मिला 60 अरब रुपयों का निवेश | भारत | DW | 07.04.2022

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भारत

जोश है! भारतीय कंपनी वर्स को मिला 60 अरब रुपयों का निवेश

भारत की वीडियो ऐप जोश और डेली हंट चलाने वाली कंपनी को 61 अरब रुपये का निवेश मिला है जो किसी भारतीय कंपनी में इस साल अब तक का सबसे बड़ा निवेश है.

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वीडियो ऐप जोश और डेली हंट की मालिक कंपनी वर्स इनोवेशन ने 80.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 61 अरब रुपये का निवेश जुटाया है. कंपनी की कीमत 5 अरब डॉलर यानी लगभग 3.79 खरब रुपये आंकी गई है.

जोश और डेली हंट जैसी वीडियो ऐप चलाने वाली कंपनी वर्स इनोवेशन को 61 अरब रुपये का निवेश मिला है. निवेश करने वालों में कनाडा का सबसे बड़ा पेंशन फंड भी शामिल है. वर्स इनोवेशन को गूगल का समर्थन हासिल है और अब इस कंपनी की कुल कीमत 5 अरब डॉलर आंकी गई है.

किसी भारतीय स्टार्टअप द्वारा इस साल हासिल यह सबसे बड़ा निवेश है. इससे पहले स्विगी ने 70 करोड़ डॉलर जुटाए थे. पॉलीगॉन, बाइजू और यूनीफोर जैसे स्टार्टअप भी 40 करोड़ डॉलर से ज्यादा निवेश जुटा चुके हैं. वर्स अब तक दो अरब डॉलर का निवेश जुटा चुकी है जिसमें से 1.5 अरब डॉलर तो उसे पिछले एक साल में ही मिले हैं.

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फंडिंग के लिए आयोजित इस राउंड में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, ओंतारियो टीचर्स पेंशन प्लान बोर्ड, लक्सर कैपिटल और सुमेरू वेंचर्स जैसे निवेशकों ने हिस्सा लिया था. वर्स ने कहा कि नया निवेश स्थानीय भाषाओं में वीडियो सामग्री को उसके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित सिस्टम के जरिए एक अरब से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगा.

क्या है वर्स इनोवेशन?

वर्स इनोवेशन की स्थापना 2007 में वीरेंद्र गुप्ता और शैलेंद्र शर्मा ने की थी. फरवरी 2018 में उन्हें उमंग बेदी का भी साथ मिल गया. 2020 में जब भारत ने चीन की शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा दिया तो वर्स ने अपना ऐप शुरू कर दिया जिसका नाम रखा गया जोश. इस ऐप को लेकर उपभोक्ताओं में काफी जोश है और इसके यूजर डेढ़ करोड़ को पार कर चुके हैं.

वर्स की सबसे बड़ी ऐप डेली हंट है जिसके साढ़े तीन करोडड से ज्यादा यूजर हैं. जोश के मासिक सक्रिय उपभोक्ताओं की संख्या 1.5 करोड़ से ज्यादा है और उसका मुकाबला मोज व इंस्टाग्राम रील्स से है. ये सभी ऐप भारत में चीनी ऐप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगने के बाद जन्मे या सक्रिय हुए हैं. इसके अलावा वर्स की और ऐप पब्लिकवाइब है जिसे हाइपरलोकल वीडियो प्लैटफॉर्म के रूप में प्रचारित किया गया है. इसके 50 लाख यूजर हैं.

नया सोच रही हैं ऐप

वर्स आने वाले कुछ हफ्तों में ‘लाइव कॉमर्स फीचर' लॉन्च करने जा रही है जिसके लिए यह विभिन्न ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म के साथ बात कर रही है. मोज ने पिछले साल अक्टूबर में फ्लिपकार्ट के साथ साझेदारी में यह फीचर पहले ही लॉन्च कर दिया था.

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एक अन्य ऐप रोपोसो भी लाइव कॉमर्स के फीचर पर काम कर रही है. रोपोसो दरअसल ‘इनमोबीज ग्लांस' कंपनी की ऐप जिसे रिलायंस के जियो से 20 करोड़ डॉलर का निवेश मिला है. चूंकि रिलायंस के पास जियोमार्ट जैसा बड़ा ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म है इसलिए रोपोसो की ओर भी ग्राहक उत्सुकता से देख रहे हैं.

रिपोर्टः विवेक कुमार (रॉयटर्स)

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