सागर में फंसे शरणार्थियों को बचाने वाले जहाज को मिला एमनेस्टी अवार्ड | दुनिया | DW | 11.02.2020
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दुनिया

सागर में फंसे शरणार्थियों को बचाने वाले जहाज को मिला एमनेस्टी अवार्ड

इटली में अवैध आव्रजन का आरोप झेल रहे 'इयूवेंटा 10' जहाज के क्रू को एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 2020 का मानवाधिकार पुरस्कार देने का फैसला किया है. इयूवेंटा ने यूरोप में भूमध्य सागर में फंसे शरणार्थियों को बचाने का काम किया था.

अंतरराष्ट्रीय एनजीओ एमनेस्टी इंटरनेशनल की जर्मन इकाई ने महासागर में फंसे शरणार्थियों को बचाने के लिए 'इयूवेंटा 10' नामक जहाज चलाने वाली संस्था युगेंड रेटेट के सदस्यों को मानवाधिकार पुरस्कार देने का एलान किया है.

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एमनेस्टी के कार्यालय ने इसकी आधिकारिक घोषणा की. गैर सरकारी संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल की जर्मन विंग हर दो साल में उन लोगों या संगठनों को पुरस्कृत करती है जो कठिन परिस्थितियों में भी मानवाधिकार की रक्षा करने के लिए खड़े रहे. पुरस्कार के साथ दस हजार यूरो यानी आठ लाख रुपये की राशि भी दी जाती है.

वहीं जर्मनी, ब्रिटेन, स्पेन और पुर्तगाल जैसे देश इयूवेंटा में काम कर रहे दस कार्यकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामलों की जांच कर रहे हैं. एमनेस्टी ने अपनी पसंद के पीछे तर्क दिया है, "यह वह संगठन है जिसने भूमध्य सागर में डूब रहे लोगों बचाया है."

एमनेस्टी इंटरनेशनल के जर्मनी अनुभाग के महासचिव मार्कुस बीको ने कहा, "इयुवेंटा के सभी स्वयंसेवक पानी और जमीन दोनों में उन सभी लोगों के साथ खड़े रहे, जिनको जीवित रहने के लिए सुरक्षा चाहिए. हम मानवाधिकारों के इन रक्षकों को एमनेस्टी मानवाधिकार पुरस्कार 2020 से सम्मानित करते हैं."

क्या है 'इयूवेंटा 10'

शरणार्थियों को बचाने वाले जहाज इयूवेंटा 10 जर्मनी के उन युवाओं के जहाज का नाम था, जिसका उद्देश्य यूरोप के सागर में अपने देशों से भागकर आ रहे शरणार्थियों को किसी भी हालत में बचाना था. इसे युगेंड रेटेट यानी "बचाने वाले युवा लोग" नाम की संस्था के कार्यकर्ताओं ने बनाया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक इयूवेंटा 10 जहाज ने जुलाई 2016 से अगस्त 2017 के बीच भूमध्य सागर में फंसे करीब 14 हजार लोगों को बचाया.

इटली की अदालत में इयूवेंटा 10 के कार्यकर्ताओं पर "अवैध आव्रजन का समर्थन" करने का आरोप है. इटली में अधिकारियों ने 2017 में सिसिली शहर में इयूवेंटा जहाज को अवैध आव्रजन के आरोप में जब्त कर लिया था. इसके बाद से इसकी प्रमुख कार्यकर्ता पिया क्लेंप पर इटली में जांच चल रही है. अगर क्लेंप पर आरोप साबित हो जाते हैं तो उन्हें 20 साल तक की सजा हो सकती है.

एमनेस्टी का मानना है कि इन आरोपों में दम नहीं है. संगठन ने इयूवेंटा की तारीफ करते हुए उसे एक ऐसा उदाहरण बताया कि कैसे जरूरतमंदों की मदद करने वालों को ही अपराधी घोषित कर दिया जाता है. बर्लिन में 22 अप्रैल को जहाज के कार्यकर्ताओं को यह पुरस्कार दिया जाएगा.

एसबी/आरपी (डीपीए, एपी)

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