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Impfkampagne in Südafrika
तस्वीर: Nardus Engelbrecht/AP Photo/picture alliance
विज्ञानअफ्रीका

सामने आया कोरोना का नया वेरिएंट

२६ नवम्बर २०२१

सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं. इस वेरिएंट में कई म्युटेशन हैं और इनकी वजह से वायरस के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव आ सकते हैं.

https://www.dw.com/hi/concerns-over-new-coronavirus-variant-detected-in-south-africa/a-59942466

इस नए वेरिएंट का का औपचारिक नाम B.1.1.529 है. दक्षिण अफ्रीका के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिसीसेज (एनआईसीडी) ने अभी तक इसके 22 मामले सामने आने की पुष्टि की है. संस्थान ने यह भी कहा है कि जीनोमिक विश्लेषण चल रहा है और संभव है कि और भी मामले सामने आएं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन इस वेरिएंट को "निगरानी में डाले गए वेरिएंट" की श्रेणी में डाल चुका है. संगठन ने कहा है कि इसके सबसे शुरुआती सैंपल नवंबर में कई देशों में मिले थे. संगठन की कोविड-19 तकनीकी टीम की प्रमुख मारिया वान करखोव ने बताया कि वेरिएंट का दक्षिण अफ्रीका में पता लगाया गया और इस समय इसके 100 से भी कम पूरे जीनोम सीक्वेंस उपलब्ध हैं.

और जानकारी की जरूरत

अभी इसके बारे में और जानकारी हासिल करने में कुछ सप्ताह और लग जाएंगे और तब जाकर यह फैसला लिया जा सकेगा कि इसे "वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट" घोषित किया जाए या "वेरिएंट ऑफ कंसर्न." उसके बाद ही उसे डेल्टा जैसा कोई यूनानी नाम भी दिया जा सकेगा.

Impfkampagne in Südafrika
दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में टीका लेता हुआ एक वालंटियरतस्वीर: Siphiwe Sibeko/AP Photo/picture alliance

वान करखोव ने माना कि इस वेरिएंट में बहुत बड़ी संख्या में म्युटेशन हैं और इस वजह से इस वायरस का व्यवहार बदल सकता है. लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसके मौजूदा टीकों और दवाओं की गुणकारिता के लिए क्या मायने हैं. करखोव का कहना है, "जो भी बाहर हैं उन्हें यह समझने की जरूरत है कि यह वायरस जितना फैलेगा उतना ही इसे बदलने का मौका मिलेगा और उतने ही म्युटेशन सामने आएंगे."

नए वेरिएंट के मामले बोत्सवाना और हांग कांग में भी पाए जाने की खबर है. पूरे अफ्रीका में सिर्फ 6.6 प्रतिशत आबादी को पूरी तरह से टीके लगे हुए हैं और कई देशों में महामारी की चौथी लहर फैल रही है.

कई देशों ने उठाए कदम

अफ्रीकी संघ के अफ्रीका सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के जॉन केंगासॉन्ग ने जोर दे कर कहा कि जो डाटा सामने आ रहा है उसके पड़ताल की जाएगी और मूल्यांकन किया जाएगा.

Kenia Impfaktion in Siaya
केन्या में एक टीकाकरण शिविर की तस्वीरतस्वीर: DW

उन्होंने कहा, "हमें अभी और अध्ययन करने की जरूरत है, अभी भी इस वायरस के बारे में ऐसा बहुत कुछ है जो हम नहीं जानते." लेकिन दुनिया के कई देशों में सरकारें सावधान हो गई हैं और कई कदमों की घोषणा कर रही हैं. इस्राएल और ब्रिटेन ने कई अफ्रीकी देशों पर यात्रा प्रतिबंध लागू कर दिए हैं. ब्रिटेन दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, लेसोथो, बोत्सवाना, एस्वतीनी और जिम्बाब्वे से उड़ानें निलंबित कर रहा है.

इस्राएल इन सभी देशों और मोजाम्बिक से विदेशी नागरिकों के आगमन पर रोक लगा रहा है. इन देशों से लौटने वाले इस्राएली नागरिकों को क्वारंटाइन में समय बिताना होगा. भारत में भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और हांग कांग से आने वाले यात्रियों की सख्ती के साथ जांच करें.

सीके/एए (डीपीए,एएफपी)

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