भारतीय इलाके में ′कथित चीनी नागरिकों′ ने खड़े किए टेंट: रिपोर्ट | भारत | DW | 26.07.2021
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

भारत

भारतीय इलाके में 'कथित चीनी नागरिकों' ने खड़े किए टेंट: रिपोर्ट

भारतीय अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने खबर दी है कि कुछ चीनियों ने लद्दाख सीमा पर भारतीय इलाके में टेंट बना लिए हैं. तनाव से गुजर रहे भारत-चीन संबंधों के लिए यह बुरी खबर हो सकती है.

भारतीय अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस ने खबर दी है कि पूर्वी लद्दाख में भारतीय सीमा के भीतर डेमचोक में चारडिंग नाला पर चीनियों ने टेंट लगा रखे हैं. भारतीय अधिकारियों के हवाले से अखबार ने लिखा है कि इन टेंटों में कथित नागरिक रह रहे हैं और भारत के कहने के बावजूद नहीं जा रहे हैं.

चीन ने सोमवार को बातचीत का प्रस्ताव रखा था लेकिन करगिल दिवस समारोहों के चलते भारत ने इसे टालने का आग्रह किया. अब कमांडर स्तर की यह बातचीत अगस्त के पहले हफ्ते में हो सकती है. इससे पहले मई में भी कमांडर स्तर की एक बैठक हो चुकी है जिसमें दोनों पक्षों ने पीछे हटने का फैसला किया था.

बातचीतपरसहमति

इसी महीने ताजिकिस्तान के दुशांबे में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की मुलाकात हुई थी और कमांडर स्तर पर ज्यादा बातचीत पर सहमति बनी थी. बातचीत के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा था, "द्विपक्षीय संबंधों के लिए सीमांत इलाकों में शांति और स्थिरता की पुनर्स्थापना और उसका बने रहना बहुत जरूरी है."

जयशंकर शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे गए जयशंकर ने जुलाई के दूसरे हफ्ते में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी. वांग यी ने भी शांति की जरूरत पर बल दिया और कहा कि चीन बातचीत से मसले सुलझाना चाहता है.

चीनी विदेश मंत्रालय ने वांग यी के हवाले से कहा, "चीन-भारत संबंध एक दूसरे को धमकाकर नहीं बल्कि यह साबित करने से परिभाषित होंगे कि एक दूसरे को हम आपसी सहयोग के मौके उपलब्ध कराएं. दोनों मुल्क साझीदार हैं, विपक्षी नहीं, और दुश्मन तो बिल्कुल नहीं.”

दशकोंसेविवाद

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद दशकों से जारी है. 1962 में दोनों देश एक युद्ध भी लड़ चुके हैं. पिछले साल के विवाद के बाद कई बार दोनों देशों के नेता मिल चुके हैं. पिछले साल सितंबर में रूस में हुई अपनी बैठक को याद करते हुए भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर विवाद से दूर रहने का जो समझौता हुआ था, उसका पूरी तरह पालन होना चाहिए.

डेमचोक में पहले भी भारत और चीन के सैनिकों के बीच विवाद हो चुका है. 1990 के दशक में भारत और चीन के ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप्स की बैठकों में इस बात पर सहमति बनी थी कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर डेमचोक और ट्रिग हाइट्स विवादित इलाके हैं.

बाद में जब दोनों पक्षों ने एक दूसरे को नक्शे सौंपे तो दस इलाकों का जिक्र किया गया जिन्हें लेकर दोनों देश अलग-अलग सोचते हैं. इन इलाकों में समर लौंगपा, डेस्पांग बल्ज, पॉइंट 6556, चांगलुंग नाला, कोंगका ला, पैंगोंग त्सो का उत्तरी किनारा, स्पांगुर, माउंट साजुन, डुमचेले और चुमार शामिल हैं.

इन 12 इलाकों के अलावा पांच जगह और हैं जिन पर दोनों पक्षों के बीच संघर्ष होता रहा है. ये हैं गलवान घाटी का केएम120, श्योक सुला में पीपी15, पीपी17ए, रेचिन ला और रेजांग ला.

रिपोर्टः विवेक कुमार

DW.COM

संबंधित सामग्री