पृथ्वी पर सबसे तेज वाहनः चीन में मेगलेव ट्रेन शुरू | विज्ञान | DW | 21.07.2021
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विज्ञान

पृथ्वी पर सबसे तेज वाहनः चीन में मेगलेव ट्रेन शुरू

चीन ने एक ट्रेन शुरू की है जो 600 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है. यह दुनिया की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन होगी. चीन में भी ऐसी ट्रेन कम ही हैं.

चीन के सरकारी मीडिया ने खबर दी है कि देश की नई मेगलेव ट्रेन शुरू हो गई है. इस ट्रेन की अधिकतम गति 600 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है.

चीन ने यह ट्रेन घरेलू स्तर पर ही विकसित की है. इसे तटीय शहर किंगदाओ की एक फैक्ट्री में बनाया गया है. धरती पर यह सबसे तेज गति से चलने वाला वाहन है.

कैसे चलती है मेगलेव ट्रेन

इस ट्रेन में इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फोर्स का इस्तेमाल होता है. चुंबकीय शक्ति के कारण यह ट्रेन ट्रैक से कुछ इंच ऊपर हवा में चलती है. यानी ट्रेन के पहिये और पटरी के बीच कोई संपर्क नहीं होता. हालांकि यह तकनीक नई नहीं है. चीन पिछले दो दशक से यह तकनीक इस्तेमाल कर रहा है. लेकिन अब तक इसका प्रयोग सीमित रहा है.

शंघाई से पास के एक कस्बे को जाने वाली मेगलेव लाइन है, जहां इस तकनीक पर चलने वाली ट्रेन प्रयोग होती है. चीन में शहरों के अंदर या विभिन्न प्रांतों के बीच भी कोई मेगलेव लाइनें नहीं हैं. फिर भी तेज रफ्तार ट्रेनें चीन में खूब इस्तेमाल होती हैं. और अब मेगलेव ट्रेनों को लंबी दूरी में इस्तेमाल करने को लेकर काम शुरू हो गया है. शंघाई और चेंग्दू जैसे कई शहरों ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.

कम ही हैं ऐसी ट्रेन

600 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से इस मेगलेव ट्रेन को बीजिंग से शंगाई की एक हजार किलोमीटर की दूरी तय करने में ढाई घंटे का वक्त लगेगा. विमान से यह सफर साढ़े तीन घंटे का है. और दूसरी तेज रफ्तार ट्रेन इसमें साढ़े पांच घंटे लगाती है.

देखिएः भारत में सबसे तेज ट्रेन

चीन की देखा-देखी दुनिया के अन्य देशों में भी तेज रफ्तार ट्रेनें चलाने पर विचार हो रहा है. जापान के अलावा जर्मनी भी मेगलेव नेटवर्क तैयार करने पर विचार कर रहे हैं.

हालांकि यह बहुत खर्चीली परियोजना है और ट्रेनों का मौजूदा नेटवर्क मेगलेव तकनीक के लिहाज से पूरी तरह अलग है इसलिए ऐसी योजनाएं कहीं और सिरे नहीं चढ़ पाई हैं. भारत में भी बुलेट ट्रेन के रूप में तेज रफ्तार ट्रेनें चलाने की बात बहुत सालों से चल रही है. भारत के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री बनने से पहले, 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान प्रचार में देश में बुलेट ट्रेन चलाने का वादा किया था. बाद में मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने का ऐलान भी किया गया लेकिन फिलहाल वह योजना अधर में है.

वीके/सीके (रॉयटर्स)

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