भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति के साथ नवी मुंबई देश के डिजिटल नर्व सेंटर के रूप में उभर रही है. यहां भारत के 60 फीसदी डाटा सेंटर मौजूद हैं. लेकिन इन सर्वरों के पीछे एक संकट भी पल रहा है. सहाना चट्टोपाध्याय जैसे स्थानीय निवासी रोजाना पानी की किल्लत झेल रहे हैं, जबकि डाटा सेंटरों में कूलिंग के लिए लाखों लीटर पीने योग्य पानी इस्तेमाल हो रहा है.