स्टार्टअप पर्दे के पीछे | ताना बाना | DW | 25.04.2018
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ताना बाना

स्टार्टअप पर्दे के पीछे

स्टार्टअप कंपनियों का बड़ा नाम है, रचनात्मक माहौल, युवा कर्मचारी और आसान संरचनाओं के लिए. माथिल्डे रामाडियर ने पर्दे के पीछे झांक कर देखा और कम वेतन तथा शोषण जैसी समस्याएं पायीं.

वीडियो देखें 03:54

शोषण के कीचड़ में स्टार्टअप

 

ये हैं भारत की 10 सबसे पुरानी कंपनियां

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