बांग्लादेश हैरान, ये लड़के खूंखार आतंकवादी कब बन गए! | दुनिया | DW | 04.07.2016
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

बांग्लादेश हैरान, ये लड़के खूंखार आतंकवादी कब बन गए!

बांग्लादेश में शुक्रवार को कहर बरपाने वाले युवा अच्छे परिवारों के पढ़े लिखे लड़के थे. उन्हें जानने वाले हैरान हैं कि वे कब और कैसे खूंखार आतंकी हो गए.

अब तक का सबसे भयानक आतंकवादी हमला झेलने के बाद भी बांग्लादेश सरकार का कहना है कि देश में आतंकवादी संगठन आईएस का कोई वजूद नहीं है. सरकार का कहना है कि हमला करने वाले लोग स्थानीय कट्टरपंथियों से प्रभावित थे और उनका आईएस से कोई लेना देना नहीं है. हालांकि आईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.

शुक्रवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सात आतंकवादियों ने एक रेस्तरां में घुसकर 20 लोगों का कत्ल कर दिया था. इनमें एक भारतीय स्टूडेंट भी थी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने सात में से छह हमलावरों को मार डाला और एक को गिरफ्तार कर लिया.

सरकार का कहना है कि ये आतंकवादी आईएस के लड़ाके नहीं हैं. हालांकि आईएस ने इनकी तस्वीरें जारी की हैं जिसमें उन्होंने एक जैसे स्कार्फ और कुर्ते पहन रखे हैं. उन तस्वीरों के सामने आने के बाद इन आतंकवादियों की पहचान जाहिर होने से पूरी दुनिया सकते में है. ये युवा बांग्लादेश के बड़े परिवारों के लड़के थे. ये अच्छे स्कूलों और यूनिवर्सिटियों में पढ़े थे. बांग्लादेश के सूचना और प्रसारण मंत्री हसन उल हक ने भी यह बात मानी है. उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे ढाका के अच्छे स्कूलों के स्टूडेंट रहे थे. हक ने कहा, "आतंकवादी ढाका के टॉप स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्र थे. कुछ आतंकवादी तो स्कोलास्टिका स्कूल के छात्र थे, जो ढाका का जाना-माना स्कूल है. उस बच्चे के माता-पिता बहुत ही सामान्य नागरिक हैं और धर्मनिरपेक्षता में यकीन रखते हैं."

आईएस ने जब इन युवाओं के फोटो इंटरनेट पर डाले तो उनके परिचितों ने उन्हें पहचान लिया. बाद में पुलिस ने उनके शवों की तस्वीरें भी जारी कीं. इनमें से कुछ युवा फेसबुक पर भी हैं. फेसबुक पर उन्हें जानने वाले हैरान हैं. कुछ लोगों ने लिखा है कि बहुत ही सामान्य सी जिंदगी जीने वाले इन युवाओं को आतंकवादियों के रूप में देखकर वे सदमे में हैं. वे हैरान हैं कि सामान्य से युवा कब और कैसे क्रूर आतंकवादी बन गए. बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुजमान खान ने भी माना है कि कुछ आतंकवादी अमीर परिवारों से थे और अच्छे स्कूलों में पढ़े थे.

हालांकि ध्यान से देखने पर ऐसे संकेत मिलते हैं जो बताते हैं कि ये युवा आतंकवाद की ओर मुड़ चुके थे और कुछ भयानक करने वाले थे. इनमें से कुछ ने जनवरी से ही फेसबुक पर कुछ भी पोस्ट नहीं किया था. कुछ युवा हमले से कुछ समय पहले ही लापता हो गए थे.

पुलिस का दावा है कि मारे गए आतंकवादियों के नाम आकाश, बिकाश, डॉन, बाधोन, डॉन और रिपॉन हैं. पुलिस का कहना है कि इन आतंकवादियों का संबंध स्थानीय संगठन जमात उल मुजाहिदीन से है और ये चिन्हित अपराधी थे.

जानिए, IS से जुड़े पांच तथ्य

बांग्लादेश के बहुत से युवाओं के आईएस में शामिल हो जाने की रिपोर्टें आती रही हैं. कई युवाओं के सीरिया और इराक में मारे जाने की भी खबरें हैं. लेकिन अभी तक भी यह यकीन से नहीं कहा जा सकता कि शुक्रवार के हमले में शामिल युवा आईएस से कब और कैसे जुड़े थे.

विवेक कुमार

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन