चींटी के दिशा ज्ञान से वैज्ञानिक चकराए | विज्ञान | DW | 23.01.2017
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विज्ञान

चींटी के दिशा ज्ञान से वैज्ञानिक चकराए

अरबों किलोमीटर दूर स्थित सूर्य के हिसाब से चींटियां धरती पर अपना रास्ता खोजती हैं. वे उल्टे कदम चलकर भी आराम से घर पहुंच सकती हैं.

विज्ञान को छोटी सी चींटी ने हैरान कर दिया है. चींटी के दिशा ज्ञान को लेकर जब वैज्ञानिकों ने रिसर्च की तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं. मसलन, चींटी हमेशा कंपास रूट का सहारा लेती है. आप चीटी को किसी भी दिशा में रख दीजिए वह रास्ता खोज लेगी. सरल भाषा में कहा जाए तो सोचिये कि आप उल्टा चलते हुए या फिर गोल गोल घूमते हुए भी अपने घर पहुंच जाएं. चींटियां ऐसा कर सकती हैं.

एडिनबरा यूनिवर्सिटी और CNRS पेरिस की शोधकर्ता डॉक्टर एंटॉनी विस्ट्रेच कहती हैं, "पूरी कीट प्रजाति में चींटियां दिशा ज्ञान के मामले में अनोखी हैं. बड़ी कॉलोनी बनाकर रहने वाली चीटियों को भोजन को खींचकर उल्टा भी चलना पड़ता है. नेवीगेशन का खास गुण इसमें उनकी मदद करता है."

वैज्ञानिकों के मुताबिक चींटी का सुई की नोक से भी छोटा मस्तिष्क बेहद प्रभावी होता है. वह प्रकाश, माहौल और स्मृति की मदद से हमेशा सही रास्ता खोज लेता है.

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यूके और फ्रांस के वैज्ञानिकों ने रेगिस्तान में रहने वाली चींटियों पर शोध के बाद यह दावा किया है. एक्सपेरिमेंट के दौरान दर्पण के जरिये चींटियों को गुमराह करने की कोशिश भी की गई. वैज्ञानिकों ने सूर्य के प्रतिबिम्ब से चींटियों को ठगने की कोशिश की. लेकिन चींटियों ने अपना भोजन जमीन पर रखा, कुछ देर तक हालात का जायजा लिया और सही रास्ते को पहचान लिया.

वैज्ञानिक चींटियों के इस गुण का सहारा लेकर रोबोटों के लिए एल्गोरिदम तैयार करना चाहते हैं. अगर इसमें कामयाबी मिली तो रोबोट भी हर जगह से घर लौट सकेंगे. रिसर्च पेपर करंट बायोलॉजी पत्रिका में छपा है.

 

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