चांसलर पद छोड़ने के बाद पहली बार दिखीं अंगेला मैर्केल | राजनीति | DW | 14.02.2022

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राजनीति

चांसलर पद छोड़ने के बाद पहली बार दिखीं अंगेला मैर्केल

जर्मनी की पूर्व चांसलर अंगेला मैर्केल पद छोड़ने के बाद रविवार को पहली बार सार्वनजिक तौर पर दिखीं. वह उस निर्वाचन मंडल का हिस्सा बनीं जिसमे फ्रांक वॉल्टर श्टाइनमायर को दोबारा राष्ट्रपति चुना.

अंगेला मैर्केल

मैर्केल 16 साल तक जर्मनी की चांसलर रहीं

जब मैर्केल राष्ट्रपति के चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन में पहुंची, तो वहां मौजूद प्रतिनिधियों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया. संघीय स्तर पर होने वाले इस सम्मेलन में कुल 1,437 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इसमें फ्रांक वॉल्टर श्टाइनमायर को दोबारा जर्मन राष्ट्रपति चुना गया. लेकिन इससे पहले सबकी नजरें मैर्केल पर टिकी रहीं.

मैर्केल 16 साल तक जर्मनी की चांसलर रहीं. पिछले दिसंबर में उन्होंने पद छोड़ा और ओलाफ शॉल्त्स को देश की बागडोर सौंपी. जर्मन संसद की अध्यक्ष बैर्बेल बास ने इतने लंबे समय तक देश की सेवा करने के लिए मैर्केल का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, "प्रिय श्रीमती डॉ. मैर्केल संघीय सम्मेलन के सदस्यों की तरफ से मैं आपका स्वागत करती हूं."

मैर्केल ने मौजूदा सरकार के कई सदस्यों से बात की जिनमें चांसलर ओलाफ शॉल्त्स, विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक, वित्त मंत्री क्रिस्टियान लिंडनर और स्वास्थ्य मंत्री कार्ल लाउटरबाख शामिल रहे. उन्होंने अपनी सीडीयू पार्टी के मौजूदा नेता फ्रीडरिष मैर्त्स से भी बात की. मैर्त्स लंबे तक पार्टी के भीतर मैर्केल के विरोधी रहे. अभी सीडीयू विपक्ष में है.

जर्मनी की पूर्वा चांसलर अंगेला मैर्केल

तालियों से हुआ मैर्केल का स्वागत

दो महीने पहले पद छोड़ने के बाद मैर्केल ने सार्वजनिक जीवन से खुद को दूर ही रखा है. उन्होंने सीडीयू पार्टी की वर्चुअल कांफ्रेंस में भी हिस्सा नहीं लिया. इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की तरफ से मिलने वाली एक अहम जिम्मेदारी की पेशकश को भी ठुकरा दिया.

सम्मेलन के प्रतिनिधियों के अलावा जर्मन प्रेस के सदस्य भी मैर्केल को सार्वजनिक रूप से देखकर खुश थे. जर्मन पत्रिका डेयर श्पीगल ने उन्हें सम्मेलन की 'स्टार' बताया.

जर्मन राष्ट्रपति को चुनने के लिए गोपनीय तरीके से वोट डाले जाते हैं. लेकिन मैर्केल ने श्टाइनमायर का खूब साथ दिया है. वह मैर्केल की सरकार में विदेश मंत्री रहे. उन्हीं के समर्थन से वह 2017 में पहली बार राष्ट्रपति बने. मैर्केल 16 साल से जर्मन चांसलर रहने के अलावा तीस साल तक जर्मन संसद की सदस्य भी रहीं.

एके/एमजे (डीपीए, एएफपी)