रूस और चीन से निपटने में जुटे अमेरिका ने रक्षा बजट और बढ़ाया | दुनिया | DW | 28.12.2021

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दुनिया

रूस और चीन से निपटने में जुटे अमेरिका ने रक्षा बजट और बढ़ाया

इस वक्त अमेरिका और नाटो सेनाएं यूक्रेन के समर्थन में रूसी सीमा के पास डटी हुई हैं. वहीं ताइवान के मुद्दे पर भी तनाव चरम पर है. ऐसे में अमेरिकी संसद ने बढ़े हुए सैन्य बजट को मंजूरी दी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साल 2022 के लिए सैन्य खर्च से जुड़े 'नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन ऐक्ट' (एनडीएए) को मंजूरी दे दी. इस कानून के तहत अगले साल सेना पर 768.2 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे. इस खर्च में सैनिकों के वेतनमान में हुई 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी शामिल है.

सैन्य न्यायिक प्रक्रिया में सुधार

नए कानून से सैन्य खर्च में 5 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है. इस मंजूरी से पहले डेमोक्रैटिक और रिपब्लिकन सांसदों के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसमें सैन्य न्याय व्यवस्था में सुधार और सैनिकों के लिए कोविड वैक्सीन की जरूरत जैसे मुद्दे भी शामिल थे.

राष्ट्रपति बाइडेन ने एक बयान में कहा कि इस कानून से सेना के जवानों और उनके परिजनों को जरूरी फायदे मिलेंगे. साथ ही, न्याय प्रक्रिया तक उनकी पहुंच भी बढ़ेगी. बाइडेन के मुताबिक, इस कानून से देश की रक्षा से जुड़े संस्थानों को भी फायदा होगा. 

रूस और चीन से मुकाबला

768 अरब डॉलर की यह राशि उस रकम से 25 अरब डॉलर ज्यादा है, जो बाइडेन ने शुरुआत में कांग्रेस से मांगे थे. दोनों ही पार्टियों के सांसदों ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. उन्हें चिंता थी कि कम बजट के चलते अमेरिका सैन्य शक्ति में चीन और रूस से पिछड़ सकता है.  इसीलिए दिसंबर की शुरुआत में दोनों दलों के समर्थन से नया बिल पास हुआ. दोनों ही पार्टियां इस पैकेज को अपनी जीत बता रही हैं.

सेना की न्यायिक व्यवस्था यौन शोषण जैसे अपराधों की सुनवाई के दौरान किस तरह बेहतर काम करे, इससे जुड़े सुधारों का भी नए कानून में प्रावधान है. डेमोक्रैटिक पार्टी ने इनकी तारीफ की है. वहीं रिपब्लिकन पार्टी ने कोविड वैक्सीन लगवाने से इनकार करने वाले सैनिकों की बर्खास्तगी से जुड़े प्रस्तावित प्रावधान को भी रोकने में भी सफलता हासिल की.

ताइवान और यूक्रेन का भी जिक्र

इस कानून के तहत प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए 7.1 अरब डॉलर का भी प्रावधान किया गया है. साथ ही, ताइवान की रक्षा के लिए कांग्रेस के समर्थन से जुड़ा बयान भी इस कानून में शामिल है.

रूस के आक्रामक रवैये का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन की सुरक्षा के मद में भी 30 करोड़ डॉलर की राशि दिए जाने की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा यूरोपीय रक्षा पहल के लिए 4 अरब डॉलर खर्च करने की भी व्यवस्था की गई है.

ग्वांतानामो बे पर बंद होगी जेल

अपने बयान में राष्ट्रपति बाइडेन ने कई ऐसे प्रावधानों का भी जिक्र किया जिनका उनके प्रशासन ने विरोध किया था. इन्हीं में से एक है ग्वांतानामो बे के हिरासत केंद्र में बंद रखे गए लोगों को स्थानांतरित करने या रिहाई के लिए फंड का इस्तेमाल करने से रोकने का प्रावधान. सरकार इस केंद्र को बंद करने की ओर बढ़ रही है.

बाइडेन के बयान के मुताबिक, प्रावधान अनावश्यक रूप से कार्यपालिका के ये तय करने के सामर्थ्य को प्रभावित करते हैं कि गिरफ्तार किए लोगों पर कब, कहां केस चलेगा और छूटने पर उन्हें कहा भेजा जाएगा. ये अमेरिका की अन्य देशों के साथ हिरासत में रखे लोगों के स्थानांतरण पर चल रही बातचीत में खलल डाल सकता है और एक तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ है. 

आरएस/एमजे (एपी)

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