इतिहास का आइना है अमाल्फिताना | मंथन | DW | 08.09.2016
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मंथन

इतिहास का आइना है अमाल्फिताना

इटली का अमाल्फी कोस्ट इलाका 1997 में यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित किया गया. खूबसूरत तो ये है ही लेकिन इस जगह में वो क्या बात है जो इसे इतना अमूल्य बनाती है?

इटली के पश्चिमी तट पर बसा है अमाल्फी कोस्ट. इटैलियन में इसे कहते हैं कोस्टियेरा अमाल्फिताना. करीब 40 किलोमीटर लंबे तट पर कुल 16 शहर बसे हैं. उनमें से सबसे सुंदर और मशहूर पोजीतानो है. यहां करीब 4,000 लोग समुद्रतट पर रहते हैं. और गर्मी के दिनों में जब यहां बहुत से टूरिस्ट आते हैं तो शहर की आबादी दस गुना हो जाती है.

पोजीतानो को एक छोटे बीच पर है रेस्तरां "द अडल्फो". 1966 में स्थापित इस रेस्तरां का विकास पूरे इलाके के विकास के साथ जुड़ा रहा है. छोटे से बीच बार से लेकर नामी रेस्तरां तक के इसके सफर के जरिए पोजीतानो की जिंदगी को समझा जा सकता है. इस रेस्तरां में आकर खाना खाने वालों में जर्मन चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर और टॉप ब्रिटिश मॉडल नाओमी कैंपबेल जैसे नाम रहे हैं.

सैर्जियो बेल्ला इस रेस्तरां के मालिक हैं. वह बताते हैं कि पोजीतानो द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद मशहूर हुआ. बेल्ला कहते हैं, "यह जगह मित्र देशों के सैनिकों के लिए आर एंड आर प्लेस था, यानी रेस्ट और रिक्रिएशन प्लेस. यहां जर्मन और अंग्रेज भी आते थे. यह मछुआरों के गांव से बदल कर नामी रिजॉर्ट हो गया. अचानक हमने पाया कि हम यहां आने वाले पर्यटकों का ख्याल रखने लगे हैं. सबसे अच्छी बात ये थी कि आप यहां आते हैं, हमारे साथ मिल बांट कर खाते हैं और जब जाते हैं तो टूरिस्ट के रूप में नहीं बल्कि लोकल की तरह."

जो अमाल्फी कोस्ट को जानना चाहता है वह अमाल्फिताना से बच नहीं सकता. अमाल्फिताना एक सड़क है जिसे स्थानीय लोग नास्त्रो अजूरा या ब्लू बैंड भी कहते हैं. 19वीं सदी के मध्य में बनाया गया ये रास्ता कुछ हिस्सों में चट्टानों को काटकर बनाया गया है और समुद्र के 100 मीटर ऊपर सीना ताने दिखता है. यहां अक्सर जैम हो जाता है. इस रास्ते पर बस चलाने वाले परिसी डोमेनिको कहते हैं कि शुरू में परेशानी होती थी, लेकिन आदत लग जाती है. डोमेनिको बातते हैं कि मेरे साथ तो कभी कुछ नहीं हुआ है लेकिन हाल ही में यहां एक छोटी दुर्घटना हुई थी.

अमाल्फी कोस्ट को उसका नाम अमाल्फी गांव से मिला है. उसका इतिहास चौथी ईस्वी तक जाता है. उपजाऊ जमीन की कमी के कारण बहुत पहले ही लोगों ने समुद्र का रुख किया और समुद्री व्यापार में लग गए. 9वीं सदी में अमाल्फी एक स्वतंत्र गणतंत्र बन गया जो पूरब के देशों तक कारोबार करता था.

यहां के शहरों के आर्किटेक्चर में अरब प्रभाव स्पष्ट देखा जा सकता है. अमाल्फी की तंग गलियां प्राचीन शहर मदीना की याद दिलाती हैं. व्यापार की वजह से करीब 1,000 साल पहले नींबू का पौधा यहां आया. और अब नींबू का ड्रिंक लिमोनचेलो इस इलाके की विशेषता है. आचेटो परिवार छह पीढ़ियों से अमाल्फी की पहाड़ियों में नींबू उगा रहा है. यहां के नींबू की खास बात यह है कि इसकी नरम छालों में उच्च क्वॉलिटी का तेल होता है. चूंकि यहां रसायनों का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए इन्हें बड़े आराम से खाया जा सकता है.

नींबू किसान सल्वातोरे आचेटो कहते हैं कि हमारे पूर्वज नींबू के फायदे जानते थे. वह बताते हैं, "हम पुराने जमाने में हर चीज के लिए नींबू का इस्तेमाल करते थे. रक्तस्राव में, बुखार होने पर, कपड़ा धोने के लिए, बालों में लगाने के लिए. और आज भी यदि कहीं कट जाए तो हम अल्कोहल नहीं लगाते, नींबू का रस लगाते हैं. एक और खूबसूरत बात है कि यदि आप नींबू को छीलते हैं और छिलके को नेपोलिटन कॉपी में डालते हैं तो यह सिरदर्द ठीक करता है. हमारे नींबू दवा हैं. यह पीला सोना है."

अमाल्फी कोस्ट दुनिया का एक खास हिस्सा है. 1997 से यह खूबसूरत इलाका यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में है.

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