पूरी तरह से निजी अंतरिक्ष यात्रियों की टीम जाएगी आईएसएस | NRS-Import | DW | 08.04.2022

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NRS-Import

पूरी तरह से निजी अंतरिक्ष यात्रियों की टीम जाएगी आईएसएस

स्पेसएक्स का एक रॉकेट पहली बार पूरी तरह निजी अंतरिक्ष यात्रियों की एक टीम को आईएसएस ले कर जा रहा है. इसे अंतरिक्ष अभियानों के वाणिज्यीकरण में एक मील का पत्थर माना जा रहा है.

चारों निजी अंतरिक्ष यात्रियों को नासा से स्वीकृति मिली हुई है. अगर सब ठीक रहा तो स्पेसएक्स हे क्रू ड्रैगन कैप्सूल में सवार चारों अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर शनिवार को पहुंच जाएंगे. कैप्सूल को अंतरिक्ष में भेजने वाला फाल्कन नाइन लांच वेहिकल भी स्पेसएक्स ने ही बनाया है.

नासा ने लांच साइट को तैयार किया है. अंतरिक्ष यात्रियों के आईएसएस पहुंच जाने के बाद उनकी भी जिम्मेदारी नासा ही ले लेगी. वे वहां आठ दिनों तक वैज्ञानिक और बायोमेडिकल रिसर्च करेंगे.

कौन कौन है मिशन में

यह मिशन एक्सिओम, स्पेसएक्स और नासा के बीच साझेदारी का नतीजा है. स्टेशन पर पहले भी सिविलियन आगंतुक जाते रहे हैं, लेकिन यह पहली बार है जब अंतरिक्ष यात्रियों की एक पूरी तरह से वाणिज्यिक टीम स्टेशन का इस्तेमाल एक ऑर्बिटिंग प्रयोगशाला के रूप में करेगी, जो कि स्टेशन का असली उद्देश्य है.

आईएसएस

पृथ्वी की परिक्रमा करता आईएसएस

इन यात्रियों के अलावा वहां पहले से स्टेशन के सात नियमित क्रू सदस्य पहले से मौजूद हैं. इनमें तीन अमेरिकी, एक जर्मन और तीन रूसी नागरिक हैं. टीम के मिशन कमांडर हैं 63 साल के लोपेज अलेग्रिया. अलेग्रिया का जन्म स्पेन में हुआ था और वो एक्सिओम में बिजनेस डेवलपमेंट के वाईस प्रेजिडेंट हैं.

उनका साथ देंगे मिशन पायलट लैरी कॉनर, जो ओहायो के रहने वाले हैं और रियल एस्टेट और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उद्यमी हैं. कंपनी ने उनकी उम्र नहीं बताई है. 64 साल के इस्राएली एतान स्तिब परोपकारी कामों में निवेशक हैं और फाइटर पायलट रह चुके हैं.

क्या करेगी टीम

कनाडा के व्यापारी और परोपकारी कामों में भी शामिल रहने वाले मार्क पैथी 52 साल के हैं. स्तिब और पैथी दोनों मिशन विशेषज्ञ होंगे. एक्सिओम का कहना है कि इन लोगों का मिशन अंतरिक्ष पर्यटन से कहीं आगे है.

फाल्कन नाइन रॉकेट

स्पेसएक्स का फाल्कन नाइन रॉकेट

टीम दो दर्जन से भी ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग करेगी, जिनमें दिमाग के स्वास्थ्य, कार्डिएक स्टेम सेल, कैंसर और बुढ़ापे पर शोध आदि शामिल है. आईएसएस को 1998 में ऑर्बिट में पहुंचाया गया था और 2000 से यह लगातार अमेरिकी-रूसी नेतृत्व के तहत काम में लगा हुआ है. इस साझेदारी में कनाडा, जापान और 11 यूरोपीय सदस्य भी शामिल हैं.

स्टेशन 2030 में रिटायर किया जाएगा और उसके बाद एक नए स्टेशन में निवेश करने की नासा की कोई योजना नहीं है. 2020 में नासा ने स्टेशन के लिए एक नए वाणिज्यिक विंग को बनाने के लिए एक्सिओम को चुना था. 

योजना है कि जब स्टेशन रिटायर किया जाएगा तो उससे पहले एक्सिओम के मॉड्यूलों को उससे अलग कर दिया जाएगा. दूसरे निजी ऑपरेटरों को उसके बाद अपने अपने स्टेशन ऑर्बिट में डालने होंगे.

इस बीच, एक्सिओम ने कहा कि उसने स्पेसएक्स को अगले दो सालों में तीन और निजी मिशन स्टेशन पर पहुंचाने का ठेका दिया है.

सीके/एए (रॉयटर्स)

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