गांधी की 150वीं जयंती पर जेलों से 600 कैदी होंगे रिहा, जम्मू में नजरबंदी से बाहर आएंगे नेता | भारत | DW | 02.10.2019
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भारत

गांधी की 150वीं जयंती पर जेलों से 600 कैदी होंगे रिहा, जम्मू में नजरबंदी से बाहर आएंगे नेता

भारत में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जा रही है. केंद्र सरकार ने इस मौके पर जम्मू में नजरबंद किए गए नेताओं से नजरबंदी हटा ली है. साथ ही देशभर की अलग-अलग जेलों से 600 कैदियों को भी रिहा किया जा रहा है.

भारत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जा रही है. गांधी जयंती के अवसर पर देश भर की करीब 150 जेलों में बंद सजायाफ्ता कैदियों में से 600 को रिहा किया जा रहा है. इन सभी कैदियों को गांधी जयंती पर आम-सजा-माफी योजना के तहत सलाखों से बाहर लाया जा रहा है. इस योजना के तहत मौत की सजा पाए, हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में सजायाफ्ता मुजरिमों को रिहा नहीं किया जाएगा. योजना से लाभांवित महाराष्ट्र राज्य की 10 जेलों में बंद 70 मुजरिम अभी कुछ और दिन जेल की सलाखों में ही कैद रहेंगे. कुछ दिन बाद ही इन्हें रिहा किया जाएगा. इसी तरह तिहाड़ जेल में बंद रिहा किए जाने वाले पांच में से तीन कैदियों को 2 अक्टूबर को रिहा किया जा रहा है. बाकी दो को बाद में रिहा किया जाएगा.

हर साल की तरह इस साल भी गांधी जयंती के मौके पर, देश के सभी राज्यों की जेलों से करीब 600 कैदी इस विशेष सजा-माफी-योजना के लिये चयनित किये गये थे. योजना के तहत छोड़े जाने से पहले सभी जेलों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्ड-दिशा निर्देशों का अनुपालन करना होता है. योजना के तहत मुजरिमों के चयन में इस बात का खास ख्याल रखा जाता है कि मौत की सजा पाये, हत्या या फिर बलात्कार का कोई सजायाफ्ता मुजरिम इस लाभकारी योजना का लाभ न उठा सके.

योजना के तहत ही इस बार महाराष्ट्र सरकार ने इस बार राज्य की जेलों में बंद ऐसे 70 मुजरिमों को गांधी जयंती के अवसर पर छोड़ने का ऐलान किया था. इन सभी को बुधवार को जेलों से बाहर आना था. इसी बीच राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई. लिहाजा चुनाव आचार संहिता लगने के कारण इन मुजरिमों को जेल से रिहा नहीं किया जा सकेगा.

उधर इस मौके पर एशिया की सबसे बड़ी और सुरक्षित समझी जाने वाली दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में कैद तीन सजायाफ्ता मुजरिमों को बुधवार को रिहा किया जा रहा है. हालांकि केंद्र सरकार ने पांच मुजरिमों को तिहाड़ से बाहर लाने की सिफारिशों पर मुहर लगा दी थी. लेकिन कानूनी प्रक्रिया के चलते दो को बाद में रिहा किया जा सकेगाा. तिहाड़ जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया, "दरअसल बुधवार को जिन दो कैदियों की रिहाई नहीं हो पायेगी, उनमें से एक के ऊपर एक लाख और दूसरे मुजरिम के ऊपर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लंबित है." इसी वजह से उन्हें बाद में रिहा किया जाएगा.

तिहाड़ जेल महानिदेशक गोयल ने बताया, "गांधी जयंती के अवसर पर तिहाड़, मंडोली और रोहिणी (दिल्ली राज्य की सभी 16 जेल) जेलों में कैदियों के बीच खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. इस अवसर पर महिला जेल सहित सभी जेलों में बंद कैदियों ने रंगारंग सांस्कृति कार्यक्रमों के आयोजन में भी हिस्सा लिया. सभी खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तिहाड़ जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ."

इसके अलावा केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 में बदलाव के दौरान जम्मू में नजरबंद किए गए नेताओं को भी छोड़ने का एलान किया है. इनमें देवेंदर सिंह राना, रमन भल्ला, लाल सिंह, हर्षदेव सिंह, विकार रसूल, जावेद राना, सुरजीत सिंह स्लाठिया और सज्जाद अहमद किचलू शामिल हैं. सरकार ने जम्मू कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव करवाने का भी एलान किया है.

आरएस/आरपी (आईएएनएस)

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