बिटकॉइन के लेनदेन में सामने आया चाइल्ड पॉर्नोग्राफी रैकेट, 337 लोग गिरफ्तार | दुनिया | DW | 17.10.2019
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दुनिया

बिटकॉइन के लेनदेन में सामने आया चाइल्ड पॉर्नोग्राफी रैकेट, 337 लोग गिरफ्तार

अमेरिकी जांच एजेंसियों ने क्रिप्टोकरेंसी में हुए कुछ लेनदेन की जांच शुरू की तो उन्हें एक चाइल्ड पॉर्नोग्राफी रैकेट का पता चला. एजेंसियों ने पॉर्न साइट चलाने और देखने वाले 337 लोगों को अलग अलग देशों में गिरफ्तार किया है.

चाइल्ड पॉर्नोग्राफी लगभग सभी देशों की सरकारों के लिए समस्या बनी हुई है. बच्चों का बलात्कार और यौन शोषण की फोटो और वीडियो लेकर इंटरनेट पर शेयर करना दुनियाभर में गैर कानूनी है. अलग अलग सरकारें इस पर कार्रवाई करती रहती हैं. ऐसी ही एक कार्रवाई में अलग अलग देशों से 337 लोगों की गिरफ्तारी की गई है. ये गिरफ्तारियां डार्क वेब चाइल्ड पॉर्नोग्राफी वेबसाइट की जांच के दौरान की गई है. ये वेबसाइट डिजिटल या क्रिप्टोकरेंसी में बच्चों की पॉर्न वीडियो बेचती थी. इस मामले में 12 देशों से 337 लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं. डार्क वेब वेबसाइट ऐसी वेबसाइट होती हैं जो आम ब्राउजर पर नहीं खोली जा सकती हैं. इन्हें देखने के लिए एक अलग सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है. साथ ही ऐसी वेबसाइटों के होस्ट की जानकारी आसानी से नहीं जुटाई जा सकती है.

बिटकॉइन ट्रेड की जांच में सामने आई चाइल्ड पॉर्नोग्राफी

इस मामले की जांच चाइल्ड पॉर्नोग्राफी की जांच के रूप में शुरू नहीं हुई थी. अमेरिकी एजेंसियों ने बिटकॉइन में हुए कुछ संदिग्ध लेन-देन की जांच शुरू की थी. जैसे ये जांच आगे बढ़ी तो पाया कि ये लेनदेन दक्षिण कोरिया की एक डार्क वेबसाइट वेलकम टू वीडियो के लिए किए जा रहे थे. जब इस वेबसाइट की जांच की गई तो यह एक चाइल्ड पॉर्नोग्राफिक साइट निकली जो वीडियो दिखाने के लिए बिटकॉइन में फीस लेती थी. यह वेबसाइट जून 2015 में शुरू हुई थी. मार्च 2018 में इस वेबसाइट को बंद कर दिया गया. अमेरिकी एजेंसियों ने ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया की एजेंसियों के साथ मिलकर जांच को आगे बढ़ाया.

दक्षिण कोरियाई एजेंसियों ने इस वेबसाइट पर आठ टेराबाइट का डाटा पाया. इस पर करीब 2,50,000 चाइल्ड पॉर्नोग्राफिक वीडियो थे. इन वीडियो को देखकर एजेंसियों ने बच्चों और उनका यौन शोषण करने वाले आरोपियों की पहचान करना भी शुरू किया. एजेंसियों को पता चला कि इस वेबसाइट के साथ एक बिटकॉइन वॉलेट भी जुड़ा हुआ है. एजेंसियों ने इस डार्क वेबसाइट से जुड़े हुए दो आईपी एड्रेस को ट्रैक किया. ये आईपी एड्रेस एक दक्षिण कोरियाई सर्विस प्रोवाइडर के थे. जब इन आईपी एड्रेस के मालिकों के घर का पता लगाया तो वो 23 वर्षीय जॉन्ग वू सॉन का के बारे में जानकारी मिली. सॉन के ऊपर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के अलावा नौ और मामले दर्ज किए गए हैं. वह पहले ही एक मामले में 18 महीने कैद की सजा काट रहा है. इस वेबसाइट के वॉलेट में बिटकॉइन से पैसे भेजने वाले 337 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. इनमें 23 अमेरिकी नागरिकों के अलावा ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और स्पेन के भी नागरिक शामिल हैं.

अमेरिकी जांच एजेंसी के प्रमुख डॉन फोर्ट ने बताया, "ये लोग बहुत निचले स्तर के अपराधी हैं. ये वेबसाइट उन पहली वेबसाइटों में से हैं जो चाइल्ड पॉर्न की वीडियो पैसे लेकर दिखाती हैं. इसके लिए ये बिटकॉइन का इस्तेमाल करते हैं. इस वेबसाइट पर हजारों लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसे देकर वीडियो खरीदे और देखे हैं. इन लोगों को लगता था कि क्रिप्टोकरेंसी में किए गए लेन देन को पकड़ा नहीं जा सकता. लेकिन ऐसा नहीं है. लोग डार्क वेब का इस्तेमाल यह सोच कर करते हैं कि वो कोई सबूत नहीं छोड़ रहे. लेकिन जांच एजेंसियों की निगाहों से वो बच नहीं सकते हैं." अमेरिकी जांच एजेंसियों ने बताया कि इस वेबसाइट पर बिटकॉइन के जरिए 2015 से 2018 के बीच में करीब 37 लाख डॉलर यानी करीब 263 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है. आगे जांच की जा रही है.

आरएस/एनआर(रॉयटर्स, एफपी)

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