3डी प्रिंटर से बने जूते | मंथन | DW | 25.07.2014
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मंथन

3डी प्रिंटर से बने जूते

स्वीडन के डिजाइनर नईम योसेफी ने खास जूते बनाए हैं और इनका नाम रखा है मेलोनिया. जानिए क्या खास है इन जूतों में.

यह पॉलीअमाइड से बने हैं और इन्हें 3डी प्रिंटर से प्रिंट किया गया है. ईरानी मूल के स्वीडिश डिजाइनर बताते हैं, "मुझे 3डी प्रिटिंग का कोई आइडिया नहीं था. मुझे अपनी समस्या सुलझानी थी और इस तरह की आकृति बनाने का तरीका ढूंढना था. यह तकनीक मुझे 3डी प्रिटंर में मिली. यह हाई टेकनॉलजी है. आप नए शेप्स बना सकते हैं."

इमारतों से लेकर, कई फील्ड में धीरे धीरे थ्री डी प्रिंटिंग तकनीक काम में लाने का विचार किया जा रहा है. यह हर तरह के निर्माण उद्योग में क्रांति लाने वाली तकनीक है. योसेफी मानते हैं कि 3डी तकनीक जूतों का भविष्य है. हथौड़ी और कीलों के बजाय कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से घर पर ही जूते बन जाएंगे.

कैसे बनते हैं

जूते का डिजाइन पहले कंप्यूटर पर 3डी प्रिंटिंग एक्सपर्ट की मदद से बनाया जाता है. फिर एक खास सॉफ्टवेयर, डिजाइन को डिजिटल सिग्नल में बदलता है जो प्रिंटर को जूता बनाने का कमांड देता है. फिर प्रिंटिंग शुरू होती है. जूता प्रिंटर के एक प्लैटफॉर्म पर बनता है जो जूते के बनने के साथ साथ नीचे की ओर खिसकता है.

परत दर परत जूते की आकृति बनती है. साधारण प्रिंटर से स्याही निकलती है. जूता बनाने वाले प्रिंटर से प्लास्टिक बहता है. यह परतों में प्रिंट करता है. कागज से भी पतली परतें. यह सिर्फ सोलह माइक्रोन है. 16 माइक्रोन यानि एक मिलिमीटर का 16,000वां हिस्सा.

पूरा जूता प्रिंट करने में 40 घंटे लगते हैं. एक जूते के बनने में खर्च, 1500 यूरो यानि करीब एक लाख बीस हजार रुपये. माइकल एरिक्सन 15 साल से थ्री डी तकनीक पर काम कर रहे हैं, वो कहते हैं, "भविष्य में शायद कोई भी जूते को प्रिंट करा सकेगा. लेकिन इस वक्त तकनीक और मशीनें काफी महंगी हैं. हमें एक ऐसी मशीन विकसित करनी होगी जो इस मॉडेल को जल्दी प्रिंट करे."

म्यूजियम में भी सजाया

जूता प्रिंट होने के बाद उस पर से प्लास्टिक की नर्म परत को हटा दिया जाता है. यह जूते की सुरक्षा के लिए अपने आप प्रिंट हो जाती है. धीरे धीरे नईम के जूते की डिजाइन दिखने लगती है. यह पॉलीअमाइड से बना है जो काफी टिकाऊ है. लेकिन पहनने वाले को इसकी आदत डालनी होगी. योसेफी के मुताबिक, "वैसे जूते को और अच्छा बनाने की जरूरत है. मैं कुछ और कच्चा माल मिलाना चाहता हूं.

अंदर के लिए नर्म मटीरियल और बाहर के लिए कुछ कड़ा. इस वक्त की तकनीक के हिसाब से ऐसा नहीं हो सकता." फैशन की दुनिया में कई डिजाइनर 3डी प्रिंटिंग के साथ प्रयोग कर रहे हैं. नईम योसेफी का जूता तो लंदन के विक्टोरिया एंड एल्बर्ट म्यूजियम में भी सजाया गया है. डिजाइनर योसेफी आजकल 3डी प्रिंटर के लिए नए जूते डिजाइन कर रहे हैं.

भविष्य में योसेफी ग्राहकों को जूते सस्ते में बेचना चाहते हैं. योसेफी और नए आयडिया पर काम कर रहे हैं, "ताकि ग्राहक जूते की डिजाइन खरीदकर खुद अपने लिए प्रिंट करे सकें. आप मेरी दुकान पर आकर बॉडी स्कैन करा सकते हैं और अपने जूते या एकसेसरीज आराम से ऑर्डर कर सकते हैं."

हो सकता है कि भविष्य में आपके पास ऐसे जूते हों जो आपने खुद घर पर प्रिंट किए होंगे.

रिपोर्टः क्रिस्टीन शूमन/एएम

संपादनः ईशा भाटिया

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