15 अप्रैल से बिकेंगे गूगल ग्लास | विज्ञान | DW | 14.04.2014
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विज्ञान

15 अप्रैल से बिकेंगे गूगल ग्लास

करीब एक साल से गूगल ग्लास को ले कर बाजार में हंगामा है. अब आखिरकार इनकी बिक्री शुरू हो रही है. पर कुछ ही दिन के लिए.

अगर आप अमेरिका में रहते हैं और आपके पास खर्च करने के लिए 1,500 डॉलर हैं तो आप भी उन चुनिंदा लोगों की सूची में शामिल हो सकते हैं जिनके पास यह करिश्माई चश्मा आने वाला है. गूगल का कहना है कि वह अभी भी चश्मे के प्रोग्राम पर काम कर रहा है और चाहता है की कुछ लोग इसे इस्तेमाल कर के बता सकें कि उन्हें यह कैसा लगा.

कस्टमर नहीं, एक्सप्लोरर

गूगल ग्लास को ऑनलाइन ही खरीदा जा सकता है. 15 अप्रैल से इसकी सेल शुरू होगी. खरीदारों को गूगल ने 'कस्टमर' का नहीं, बल्कि 'एक्सप्लोरर' का नाम दिया है. और चश्मे को टेस्ट करने के लिए वह तकनीक से जुड़े एक्सपर्ट लोगों की नहीं, बल्कि आम जनता की राय चाह रहा है. गूगल प्लस पर कंपनी ने लिखा है, "हमारा इस्तेमाल करने वालों में मां, कलाकार, सर्जन, रॉकर और हर वह इंसान जो ग्लास को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है. हर रोज हमें आप लोगों के संदेश आते हैं क्योंकि आप अभी तक हमारे इस प्रोग्राम का हिस्सा नहीं बने हैं और हम चाहते हैं कि हमें आपकी प्रतिक्रिया भी मिल सके."

Google Glass Brille Internet

एक चश्मे की कीमत 1,500 डॉलर

रे-बैन और वोग के चश्मे

गूगल ने लिखा है की बिक्री कुछ ही दिन चलेगी पर अभी तक कोई तारीख नहीं बताई है. अगर टेस्ट सफल रहा तो अगले साल से दुकानों में ये चश्मे बिका करेंगे. पिछले महीने ही गूगल ने बताया था कि चश्मे का फ्रेम तैयार करने के लिए वह नामी ब्रांड्स के साथ डील कर रहा है. इटली स्थित कंपनी 'लक्सोटिका' ने इसे "बढ़ते स्मार्ट आईवेयर बाजार में सबसे अहम कदम" बताया है. रे-बैन, वोग आईवेयर, ओकले और एलेन मिक्ली जैसे बड़े ब्रांड इसी कंपनी के हैं.

तकनीक या जासूसी

गूगल ग्लास इंटरनेट से जुड़ कर काम करते हैं. इसके लिए वाई फाई की जरूरत है जो या तो किसी हॉट स्पॉट के जरिए हो सकता है या फिर सीधे स्मार्टफोन से जोड़ कर. स्मार्टफोन की ही तरह ये चश्मे तस्वीरें और वीडियो ले सकते हैं और उन्हें इंटरनेट पर शेयर भी कर सकते हैं. मौसम की जानकारी जैसे कई ऐप इसमें पहले से होंगे.

गूगल को लगातार इस आलोचना का सामना करना पड़ रहा है कि ये चश्मे जासूसी को बढ़ावा दे रहे हैं. हाल ही में गूगल ने इसके जवाब में कहा, "अगर कोई छिप कर आपका वीडियो बनाना चाहता है तो उसके लिए बाजार में पहले से ही बेहतर कैमरे मौजूद हैं. कोई ऐसी चीज क्यों इस्तेमाल करेगा जो आपके चहरे पर दिखेगी और जिसके लिए आपको हर बार एक वॉयस कमांड देनी होगी या फिर बटन दबाना होगा और हर बार ऐसा करने पर लाइट भी जलेगी. अगर हमारी कंपनी जासूसी करने के लिए कोई गैजेट बनाना चाहती, तो ग्लास से बेहतर कुछ बना कर दिखाती."

आईबी/एएम (एएफपी)