14 साल शासन करने के बाद देश क्यों छोड़ गए मोरालेस | दुनिया | DW | 12.11.2019
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दुनिया

14 साल शासन करने के बाद देश क्यों छोड़ गए मोरालेस

बोलीविया के पूर्व लोकप्रिय राष्ट्रपति इवो मोरालेस को इस्तीफा देने के बाद देश छोड़ कर जाना पड़ा है. इससे ना सिर्फ बोलीविया बल्कि पूरे दक्षिण अमेरिका में राजनीतिक संकट गहरा गया है.

बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस मंगलवार को मेक्सिको चले गए. उन्होंने यहां राजनीतिक शरण ले ली है. मेक्सिको की वामपंथी सरकार ने समाजवादी मोरालेस के प्रति समर्थन जताया है. वे मेक्सिको की वायु सेना के ही एक विमान में सोमवार देर रात बोलीविया से निकल गए. 

इवो मोरालेस के जाने की बारे में घोषणा मेक्सिको के विदेश मंत्री मार्सेलो एब्रार्ड ने की. एब्रार्ड ने ट्विटर पर लिखा, "उनका जीवन और उनकी ईमानदारी सुरक्षित है". 

मोरालेस ने 14 सालों तक बोलीविया पर शासन किया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वे मेक्सिको के शुक्रगुजार हैं लेकिन राजनीतिक कारणों की वजह से बोलीविया छोड़ते हुए उन्हें दुख हो रहा है. उन्होंने ये भी लिखा, "मैं जल्द वापस आऊंगा, और ज्यादा ताकत और ऊर्जा के साथ". इससे पहले रविवार को उनकी सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दलों के इस्तीफा देने और सेना के उनसे सत्ता छोड़ देने की अपील करने के बाद उनकी सरकार गिर गई. 

बोलीविया में पिछले कई हफ्तों से प्रदर्शन चल रहे हैं. मोरालेस पर आरोप है कि 20 अक्तूबर को हुए चुनावों में उन्होंने धांधली करके जीत हासिल की. लम्बे विरोध के बाद ना सिर्फ उन्हें बल्कि उनके हर संवैधानिक उत्तराधिकारी को इस्तीफा देना पड़ा. इस वजह से एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो गया है कि आखिर उनकी जगह कौन लेगा. 

मेक्सिको की सरकार ने इन घटनाओं को एक तख्तापलट के जैसा बताया क्योंकि ये बोलीविया की संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ थीं. इस बीच मेक्सिको के राष्ट्रपति आंद्रे मानुएल लोपेज ओबराडोर ने बोलीविया के लोगों की जान जोखिम में डालने की जगह इस्तीफा देने के मोरालेस के फैसले की सराहना की. 

मोरालेस का यूं उनके देश से चले जाना उनके राजनीतिक करियर में एक नाटकीय पल था. वे कभी बोलीविया के पहाड़ी मैदानों में एक चरवाहे का जीवन बिताते थे. बाद में वे कोको की खेती करने वालों के यूनियन के नेता भी बने. धीरे धीरे राजनीति में उनका कद बढ़ता गया और वे बोलीविया के पहले देसी राष्ट्रपति बने. बतौर राष्ट्रपति, उन्हें लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का और सामाजिक अधिकारों को बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है. बोलीविया दक्षिण अमेरिका का सबसे गरीब देश है लेकिन मोरालेस ने लगभग 14 वर्षों तक देश को एक स्थिर नेतृत्व दिया और इस दौर में देश में आर्थिक विकास भी हुआ. 

Bolivia Elections (picture-alliance/dpa/J. Karita)

मोरालेस पर बोलीविया के चुनाव में धांधली के आरोप हैं.

हालांकि सत्ता में बने रहने की उनकी जिद उनके राजनीतिकत पतन का कारण बन गई.

मोरालेस की सरकार गिरने और उनके मेक्सिको चले जाने से दक्षिणी अमेरिका में राजनीतिक संकट और गहरा गया है. पिछले कई हफ्तों से बोलीविया, एक्वाडोर और चिली जैसे देशों में अशांति फैली हुई है, जहां प्रदर्शनकारी सरकारों से ईंधन के दाम और यातायात के किराये बढ़ाये जाने जैसे कदमों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

सीके/एनआर(एपी, रॉयटर्स)

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