100 चुनिंदा जर्मन भाषी किताबें | लाइफस्टाइल | DW | 19.12.2018
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लाइफस्टाइल

100 चुनिंदा जर्मन भाषी किताबें

जर्मनी अपनी अर्थव्यवस्था और कारों के साथ साथ अपने लेखकों और कलाकारों के लिए भी जाना जाता है. चाहे गोएथे हों, बर्टोल्ट ब्रेष्ट या गुंटर ग्रास, उन्हें लोग भारत में भी जानते हैं.

डॉयचे वेले के संस्कृति विभाग ने जब 1900 के बाद से छपे अहम उपन्यासों और कहानी संग्रहों की सूची बनाने की सोची तो पता चला कि अंग्रेजी में छपी जर्मन किताबों की यह पहली सूची होगी. यह प्रोजेक्ट इस सवाल के साथ शुरू हुआ कि जर्मन भाषी लेखक अंग्रेजी भाषी इलाकों में इतने जाने क्यों नहीं जाते? पता चला कि अंग्रेजी बाजारों में सिर्फ 3.5 फीसदी किताबें अनुवाद वाली हैं.

उसके बाद शुरू हुआ 1900 के बाद छपी चुनिंदा सौ जर्मन किताबों को चुनने का अभियान. डॉयचे वेले में साहित्य संपादक सबिने किजेलबाख और डेविड लेवित्स ने इस सूची का संकलन किया है. ये किताबें पिछले सौ सालों में यूरोप के उत्थान पतन और बेहतरी के प्रयासों की कहानी कहती है.

पिछली सदी का यूरोप का इतिहास दो दो विश्व युद्धों और उसके बाद के एक लंबे शांति काल का इतिहास है. इसमें शीतयुद्ध भी शामिल रहा है और साम्यवाद के पतन के बाद जर्मनी का एकीकरण भी. इन दौर में लिखी ये किताबें समाज का आइना दिखाती हैं. ये सारी किताबें हिंदी में प्रकाशित नहीं हैं, लेकिन कुछ अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध हैं. यहां आप पढ़ सकते हैं प्रमुख लेखकों की 25 किताबों पर हिंदी में रिपोर्ट.

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