हिंसा के बाद विरोध से स्वागत | दुनिया | DW | 25.06.2013
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दुनिया

हिंसा के बाद विरोध से स्वागत

कभी कभी कश्मीर जाने वाले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जैसे ही श्रीनगर पहुंचे, भारी विरोध और हड़ताल ने उनका स्वागत किया. इससे एक दिन पहले वहां हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना के आठ जवान मारे गए.

लगभग तीन साल बाद घाटी आए प्रधानमंत्री ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ बयान जारी किया, "भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है. हम उन्हें उनके बुरे मकसद में कामयाब नहीं होने देंगे." वह कश्मीर के किस्तवार पहुंचे, जहां उन्होंने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी.

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि "पिछले दो दशक के दौरान हिंसा सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है." उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी हैं. अपने दौरे में वे आधारभूत संरचना के अलावा रेलवे प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद कश्मीर घाटी भारत के दूसरे हिस्सों से जुड़ पाएगी.

उनका यह दौरा भारत में लोकसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले हुआ है. वह पिछली बार जून, 2010 में कश्मीर गए थे. गुरुवार को उन्हें श्रीनगर जाना है और इस दौरान पूरी घाटी में भारी संख्या में सैन्य बलों को तैनात किया गया है.

भारतीय प्रधानमंत्री के आने के साथ ही अलगाववादी संगठनों ने बंद की अपील की है और पूरे शहर में कर्फ्यू जैसा माहौल है. स्कूल, बैंकों और दफ्तरों के अलावा दुकानें भी बंद रहीं. प्रधानमंत्री के हर दौरे पर वहां हड़ताल की अपील की जाती है.

श्रीनगर के एक शख्स ने समाचार एजेंसी एएफपी को फोन पर कहा, "जब भी दिल्ली का कोई नेता कश्मीर आता है, हमें अपने घरों में बंद होना पड़ता है." भारी सुरक्षा के बावजूद सोमवार को हुए एक आतंकवादी हमले में भारतीय सेना के आठ जवान मारे गए. श्रीनगर के बाहरी इलाके में हुए हमले में 13 लोग घायल भी हो गए.

पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. जुलाई, 2008 के बाद यह घाटी में सबसे बड़ा आतंकवादी हमला है. उस समय बारूदी सुरंग से हुए हमले में नौ सैनिक मारे गए थे.

भारतीय हिस्से वाले कश्मीर में 1989 से दर्जनों आतंकवादी संगठन हिंसा में लगे हैं. वे भारत से अलग होने की वकालत करते हैं. इस दौरान दसियों हजार लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादार आम शहरी हैं.

पिछले कुछ सालों में कश्मीर में हिंसा में कमी आई है. हालांकि इस साल अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद हालात फिर से तनावग्रस्त हुए हैं. गुरु को 2001 के संसद हमले में दोषी करार दिया गया था.

कश्मीर में यूपीए के घटक दल नेशनल कांफ्रेंस की सरकार है. हालांकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने गुरु की फांसी पर अफसोस जताया था. उन्होंने हाल ही में कहा, "कश्मीर समस्या के राजनीतिक समाधान की जरूरत है. आर्थिक पैकेज से इस मसले का हल नहीं हो सकता है और न ही बंदूक के जोर से."

एजेए/एमजे (एएफपी)

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