हम आपके दुश्मन नहीं हैं: अमेरिका | दुनिया | DW | 02.08.2017
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दुनिया

हम आपके दुश्मन नहीं हैं: अमेरिका

महीनों के कड़े रुख के बाद अमेरिका ने उत्तर कोरिया को हल्का सा पुचकारा है. अमेरिकी विदेश मंत्री का कहना है कि वॉशिंगटन उत्तर कोरिया के साथ बात करना चाहता है.

कूटनीति में एक हाथ में फूलों का गुलदस्ता होता है और दूसरे हाथ में डंडा. दोनों का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक किया जाता है. लंबे समय तक उत्तर कोरिया पर सख्त रुख अख्तियार करने के बाद अब अमेरिका ने अपना अंदाज नरम सा किया है. अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने उत्तर कोरिया को भरोसा दिलाने के अंदाज में कहा है कि अमेरिका उसका शत्रु नहीं हैं. टिलरसन ने कहा कि अमेरिका उत्तर कोरिया से बातचीत करना चाहता है. विदेश मंत्री के मुताबिक उनका देश उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन को सत्ता से हटाने की कोशिश भी नहीं कर रहा है.

विदेश मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के पहले छह महीनों की समीक्षा करते हुए टिलरसन ने पत्रकारों से कहा कि प्योंगयांग के मुद्दे पर उनके पास बहुत कम विकल्प हैं. उन्होंने कहा, "मैं भविष्य के बारे में उनके साथ बैठकर बातचीत करना चाहता हूं. हम वहां सत्ता परिवर्तन नहीं चाह रहे हैं, हम सत्ता का पतन भी नहीं चाहते हैं, हम प्रायद्वीप के पुर्नमिलन की प्रक्रिया को भी तेज नहीं करना चाहते हैं. मैं उत्तर कोरियाई लोगों को तक यह बात पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं कि हम दुश्मन नहीं हैं. हम आपके लिए खतरा भी नहीं लेकिन आप हमारे लिए एक अस्वीकार्य खतरा पेश कर रहे हैं और हमें इसका जवाब देना पड़ेगा."

(कितना ताकतवर है उत्तर कोरिया)

लेकिन इस नरमी के बीच अमेरिका ने साफ किया कि वह उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को बर्दाश्त नहीं करेगा. टिलरसन ने कहा, "उत्तर कोरिया को ये नहीं सोचना चाहिए कि वह अपने परमाणु हथियारों का कार्यक्रम जारी रखते हुए बातचीत की मेज तक आ सकेगा."

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप चीन के जरिये भी उत्तर कोरिया को साधना चाहते हैं. चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है. ट्रंप ने चीन से मांग की है कि वह अपने पड़ोसी पर लगाम लगाने की कोशिश करे.

किम जोंग उन के शासन के दौरान के उत्तर कोरिया ने अपने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम का प्रसार किया है. देश आये दिन दूसरे महाद्वीपों तक मार करने वाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) का परीक्षण कर रहा है. जुलाई के अंत में एक आईसीबीएम का परीक्षण करने के बाद उत्तर कोरिया ने दावा किया कि वह अमेरिका में कहीं भी मार कर सकता है. विशेषज्ञों का भी मानना है कि उत्तर कोरिया अमेरिका के लॉस एजेंलिस और शिकागो के जैसे शहरों तक मिसाइल पहुंचा सकता है.

लेकिन इस बीच एक अमेरिकी सांसद ने दावा किया है कि अमेरिका उत्तर कोरिया पर हमला भी कर सकता है. रिपब्लिकन पार्टी के सांसद लिंडसे ग्रैह्म ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, "अगर वे अमेरिका को आईसीबीएम से मारने की कोशिश करेंगे" तो ट्रंप उनके खिलाफ युद्ध छेड़ देंगे. उत्तर कोरिया को लेकर नरमी के बीच अमेरिका जो सख्ती दिखा रहा है, वह बीजिंग के लिए भी एक संकेत है. अगर अमेरिका ने उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तो उसकी आंच चीन तक भी पहुंचेगी.

(क्या है उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया का विवाद)

ओएसजे/आरपी (रॉयटर्स, एएफपी)

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