हमें डरा रहा है पश्चिमः ईरान | दुनिया | DW | 27.09.2012
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दुनिया

हमें डरा रहा है पश्चिमः ईरान

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने पश्चिमी देशों पर "डराने" का आरोप लगाया है. न्यू यॉर्क पहुंचे अहमदीनेजाद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में सबके सामने यह बात कही.

अमेरिकी और इस्राएली अधिकारियों ने अहमदीनेजाद के भाषण का बहिष्कार किया. पिछले सालों की तरह इस साल किसी भी देश ने वॉकआउट तो नहीं किया लेकिन अहमदीनेजाद ने फिर भी अपने शब्दों में पहले जितनी ही सख्ती दिखाई, "हथियारों की होड़ और परमाणु अस्त्रों और व्यापक विनाश वाले हथियारों से जिस तरह पश्चिमी देश डराते हैं, यह आम बात हो गई है. असभ्य यहूदीवादी लगातार धमकी दे रहे हैं कि वे हमारे महान राष्ट्र के खिलाफ सैनिक कार्रवाई करेंगे और यही लोग इस कड़वे सच की मिसाल हैं."

इस्राएल ने ईरान के बयान का खंडन किया और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने भी इसी वजह से अहमदीनेजाद के भाषण के बहिष्कार का फैसला किया. अमेरिकी प्रवक्ता एरिन पेल्टन ने कहा, "हमने इस बार भी देखा कि अहमदीनेजाद ने अपनी यात्रा में ईरान के लोगों की जरूरतों को नहीं बल्कि इस्राएल के खिलाफ अपने भ्रम वाले सिद्धांतों और कीचड़ उछालने में लगे हैं." इस्राएली अधिकारी यहूदी त्योहार योम किपुर की वजह से महासभा में नहीं शामिल हुए. न्यू यॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के बाहर कई लोगों ने अहमदीनेजाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए और देश में लोगों को मौत की सजा देने की कड़ी निंदा की.

ईरान के राष्ट्रपति अंतिम बार अपने देश का संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. अगले साल 14 जून को चुनाव हो रहे हैं और दो बार राष्ट्रपति चुने जाने के बाद अहमदीनेजाद फिर से चुनाव के लिए नहीं खड़े हो सकते. उन्होंने कहा कि न्यू यॉर्क के लोगों से मिलने का उन्हें मौका नहीं मिला और उन्हें इस शहर के लोगों का जज्बा बहुत अच्छा लगता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की मीडिया और कुछ थिंक टैंक के लोगों से उनकी बहस काफी मजेदार रही.

पश्चिमी देशों का मानना है कि ईरान का यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम हथियार बनाने के लिए काफी है और इससे मध्यपूर्व की संवेदनशील राजनीतिक स्थिति अस्थिर हो सकता है. ईरान का कहना है कि वह भी परमाणु शोध का हक रखता है. उसने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को अनदेखा किया है और इस्राएल से हमले की धमकियों को भी खारिज किया है. मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने अपने देश के पक्ष को साफ साफ सामने रखा और कहा कि ईरान को अपनी सीमा से बाहर निकलने से रोकने के लिए वे सारी जरूरी कदम उठाएंगे. गुरुवार को इस सिलसिले में अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के नेता मुलाकात कर रहे हैं.

एमजी/एजेए (रॉयटर्स, एएफपी)

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